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Noida News: उफान पर यमुना, जलमग्न हुआ डूब क्षेत्र, 20 हजार से ज्यादा लोगों को निकाला
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- बाढ़ से 14 गांव प्रभावित, सेक्टर-150 के पास डूब क्षेत्र में फंसे तीन लोगों को 5 घंटे के बचाव अभियान के बाद नाव से किया रेस्क्यू
- प्रशासन की ओर से बनाए गए शरणालय में है 2500 से अधिक लोग पहुंचे, अन्य लोगों ने पुश्ते पर डाला डेरा
नंबर
200.20 मीटर पर जलस्तर
200.60 मीटर है खतरे का निशान
-- -
0120-2978231, 2978232 व 2978233
प्रभावित लोग कंट्रोल रूम में इन नंबरों पर दे सकते हैं जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बुधवार को यमुना नदी उफान पर रही। लगभग पूरा डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया। सेक्टर-151 और 150 के अलावा अन्य जगह फार्म हाउस डूब गए हैं। जिले के 14 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित हैं। डूब क्षेत्र से 20,000 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें करीब 2500 लोगों को शरणालयों में जगह दी गई है। जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने पुश्ता पर डेरा डाल दिया है। वहीं बुधवार को सेक्टर-150 के पास डूब क्षेत्र से तीन लोगों को रेस्क्यू किया गया। तीनों सब्जी बचाने के चक्कर में करीब तीन किमी अंदर फंस गए थे। लगभग पांच घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद तीनों को नाव से बाहर निकाला गया।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण गौतमबुद्ध नगर में यमुना नदी उफान पर है। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा और जेवर तक डूब क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा जलमग्न हो गया है। बुधवार को हालात काफी खराब होते चले गए। ओखला बैराज पर जल स्तर 200.20 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से मात्र 0.40 मीटर नीचे है। बुधवार शाम तक यमुना का जलस्तर शाम लगातार बढ़ रहा था। यमुना का पानी पुश्ते तक पहुंच गया है। इस बीच जिला प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। करीब 20 हजार से अधिक लोगों के साथ ही करीब 3000 हजार मवेशियों को भी बाहर निकला गया। इनमें से प्रशासन के पुश्ता शिविर में 1471 गोवंशों को पहुंचाया गया।
जिले में हुई 52 एमएम बारिश
बुधवार दोपहर बाद आई तेज बारिश से बचाव कार्य प्रभावित हुआ। अिाकरी ने बताया कि दिन भर में कुल 52 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिला प्रशासन के मुताबिक एक से तीन सितंबर के बीच जिले में 198 एमएम बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से हालात और खराब होने की बात कहीं जा रही है।
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छह रिस्पांस और एक एंटी स्नेक वेनम टीम तैनात
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में छह रिस्पांस टीमें तैनात कर दी हैं। सभी टीमों को तत्काल मदद के लिए मौके पर पहुंचने को कहा गया है। साथ ही एक एंटी स्नेक वेनम टीम को भी तैनात की गई है। जिससे सांप काटने की घटना होने पर पीड़ित को तत्काल इलाज मिल सके।
एक दिन बाद कंट्रोल रूम नंबर जारी
प्रशासन ने बुधवार को कंट्रोल रूम का नंबर भी जारी किया है। अफसरों ने बताया कि अगर कोई फंसा है या फिर किसी तरह की मदद चाहिए तो वो कंट्रोल रूम नंबर 0120-2978231, 32 व 33 पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं। इस बीच प्रशासन की दादरी और सदर तसहील की टीमों ने 300 किट का वितरण किया है।
बारिश ने बढ़ा दी लोगों की मुश्किलें
बाढ़ के कारण डूब क्षेत्र के लोगों ने पुश्ता पर डेरा डाला हुआ है, लेकिन वहां बारिश उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है। तिरपाल के नीचे बसेरा बनाने वाले लोग बारिश के दौरान बचाव करते दिखे। बारिश से उनका सामान भी भीग गया। हालांकि प्रशासन की तरफ से तिरपाल भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन वो काफी नहीं थी।
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- प्रशासन की ओर से बनाए गए शरणालय में है 2500 से अधिक लोग पहुंचे, अन्य लोगों ने पुश्ते पर डाला डेरा
नंबर
200.20 मीटर पर जलस्तर
200.60 मीटर है खतरे का निशान
0120-2978231, 2978232 व 2978233
प्रभावित लोग कंट्रोल रूम में इन नंबरों पर दे सकते हैं जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बुधवार को यमुना नदी उफान पर रही। लगभग पूरा डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया। सेक्टर-151 और 150 के अलावा अन्य जगह फार्म हाउस डूब गए हैं। जिले के 14 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित हैं। डूब क्षेत्र से 20,000 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें करीब 2500 लोगों को शरणालयों में जगह दी गई है। जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने पुश्ता पर डेरा डाल दिया है। वहीं बुधवार को सेक्टर-150 के पास डूब क्षेत्र से तीन लोगों को रेस्क्यू किया गया। तीनों सब्जी बचाने के चक्कर में करीब तीन किमी अंदर फंस गए थे। लगभग पांच घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद तीनों को नाव से बाहर निकाला गया।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण गौतमबुद्ध नगर में यमुना नदी उफान पर है। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा और जेवर तक डूब क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा जलमग्न हो गया है। बुधवार को हालात काफी खराब होते चले गए। ओखला बैराज पर जल स्तर 200.20 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से मात्र 0.40 मीटर नीचे है। बुधवार शाम तक यमुना का जलस्तर शाम लगातार बढ़ रहा था। यमुना का पानी पुश्ते तक पहुंच गया है। इस बीच जिला प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। करीब 20 हजार से अधिक लोगों के साथ ही करीब 3000 हजार मवेशियों को भी बाहर निकला गया। इनमें से प्रशासन के पुश्ता शिविर में 1471 गोवंशों को पहुंचाया गया।
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जिले में हुई 52 एमएम बारिश
बुधवार दोपहर बाद आई तेज बारिश से बचाव कार्य प्रभावित हुआ। अिाकरी ने बताया कि दिन भर में कुल 52 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिला प्रशासन के मुताबिक एक से तीन सितंबर के बीच जिले में 198 एमएम बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से हालात और खराब होने की बात कहीं जा रही है।
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छह रिस्पांस और एक एंटी स्नेक वेनम टीम तैनात
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में छह रिस्पांस टीमें तैनात कर दी हैं। सभी टीमों को तत्काल मदद के लिए मौके पर पहुंचने को कहा गया है। साथ ही एक एंटी स्नेक वेनम टीम को भी तैनात की गई है। जिससे सांप काटने की घटना होने पर पीड़ित को तत्काल इलाज मिल सके।
एक दिन बाद कंट्रोल रूम नंबर जारी
प्रशासन ने बुधवार को कंट्रोल रूम का नंबर भी जारी किया है। अफसरों ने बताया कि अगर कोई फंसा है या फिर किसी तरह की मदद चाहिए तो वो कंट्रोल रूम नंबर 0120-2978231, 32 व 33 पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं। इस बीच प्रशासन की दादरी और सदर तसहील की टीमों ने 300 किट का वितरण किया है।
बारिश ने बढ़ा दी लोगों की मुश्किलें
बाढ़ के कारण डूब क्षेत्र के लोगों ने पुश्ता पर डेरा डाला हुआ है, लेकिन वहां बारिश उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है। तिरपाल के नीचे बसेरा बनाने वाले लोग बारिश के दौरान बचाव करते दिखे। बारिश से उनका सामान भी भीग गया। हालांकि प्रशासन की तरफ से तिरपाल भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन वो काफी नहीं थी।