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Noida News: बिल्डर परियोजनाओं से वसूली के साथ यमुना प्राधिकरण ने तोड़े सारे रिकाॅर्ड

Mon, 08 Jul 2024 10:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 10:48 PM IST
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Yamuna Authority broke all records with recovery from builder projects
बिल्डर परियोजनाओं से वसूली के साथ यमुना प्राधिकरण ने तोड़े सारे रिकाॅर्ड
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अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद वर्ष 2024-25 में 437 करोड़ राजस्व वसूला

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने बिल्डरों से वसूली के पुराने सभी रिकाॅर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राधिकरण ने बिल्डरों से अब तक 437 करोड़ राजस्व वसूला है। यह आंकड़ा पिछले पांच वर्ष में हुई वसूली का दोगुना है। पिछले पांच वर्ष में सबसे अधिकतम वसूली वर्ष 2020-21 में 78.33 करोड़ रुपये थी। बिल्डरों की वसूली के साथ ही इनकी परियोजनाओं में फंसे खरीदारों को राहत मिली है और उनके घर का सपना पूरा होने की उम्मीद भी जगी है।
यीडा ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) में ऐस इंफ्रासिटी के खिलाफ दायर याचिका को वापस ले लिया है। दोनों पक्षों की सहमति के बाद एस इंफ्रा की ओर से प्राधिकरण को 237 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही यीडा क्षेत्र में कुल 9 बिल्डर परियोजना है। इनमें ज्यादातर एक दशक से ज्यादा समय पहले शुरू हुई थी मगर उन्होंने लीज रेंट समेत कई प्रकार के भुगतान प्राधिकरण को नहीं दिए। इससे अधिकांश प्रोजेक्ट में फंसे खरीदारों की रजिस्ट्री समेत अन्य विकास कार्य अटक गए थे। बिल्डर व बाॅयर्स की समस्याओं को सुलझाने के लिए दिसंबर 2023 में अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए शासनादेश जारी हुआ था। इस आदेश के बाद प्राधिकरण ने बकाया जमा करने के लिए बिल्डरों से बातचीत और दबाव बनाना शुरू किया। इसी के चलते वर्ष 2024-25 में अब तक प्राधिकरण ने बिल्डरों से वसूली के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
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बकाया जमा करने के लिए हो रहे प्रयास
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत लॉजिक्स बिल्डस्टेट व ओमनीस बिल्डर ने 25 फीसदी पूरी धनराशि जमा कर दी है। इन दोनों बिल्डरों के अलावा छह सबलेसी भी अपना पूरा बकाया जमा करा चुके हैं। यीडा क्षेत्र में 100 एकड़ से अधिक बड़ी परियोजना में शामिल ग्रीनवे इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने 92 करोड़ जमा कराए हैं। एटीएस ने पांच करोड़ जमा कर शेष के लिए अगस्त तक समय मांगा है। यहां की कई बिल्डर परियोजनाएं एनसीएलटी में हैं।
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ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में पांच वर्ष में हुई वसूली
वर्ष

वसूली
2020-21

78.33 करोड़
2021-22

26.24 करोड़
2022-23

56.04 करोड़
2023-24

24.72 करोड़
2024-25

437 करोड़
---
कोट
ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं से यमुना प्राधिकरण ने इस वर्ष अब तक 437 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला है। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद यह वसूली बढ़ी है। इस वर्ष के आंकड़ों ने सभी रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
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