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Noida News: जोखिम वाले उद्योगों में जल्द 24 घंटे काम कर सकेंगी महिलाएं
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दिल्ली सरकार श्रम सुधारों के अंतर्गत नियमों में बदलाव की कर रही तैयारी
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के साथ दिल्ली के श्रम मंत्री की हुई बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में महिलाओं को जोखिम वाले उद्योगों में भी चौबीस घंटे काम करने की अनुमति देने की तैयारी है। जल्द ही रात में भी फैक्ट्रियों में महिलाएं काम कर सकेंगी। इसके लिए दिल्ली सरकार नियमों में जरूरी बदलाव करेगी। हालांकि, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रात में काम करने की छूट नहीं मिलेगी। वहीं, अन्य महिलाओं की मर्जी पर ही नाइट शिफ्ट लगेगी।
सचिवालय सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को श्रम कानूनों में सुधारों को लेकर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मांडविया के साथ दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा की बैठक हुई। इसमें देशभर से कई अन्य कैबिनेट मंत्री भी शामिल रहे। बैठक में दिल्ली के श्रम कानूनों में कई महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर भी चर्चा हुई। इसके बाद कपिल मिश्रा से सचिवालय में दिल्ली श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर मंथन किया। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही महिलाओं के नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर आधिकारिक रूप से फैसला लिया जा सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण ये है कि महिला कर्मियों को पूरी सुरक्षा, अनुकूल माहौल के साथ जोखिम वाले उद्योगों, फैक्ट्रियों में काम करने की अनुमति देने की तैयारी है। सरकार व्यापार करने में आसानी की नीति के तहत ये निर्णय जल्द लेगी।
श्रम नियमों में होंगे महत्वपूर्ण बदलाव
दिल्ली में श्रम अधिनियम के तहत उद्योगों में 20 श्रमिकों तक साथ काम कराने के लिए अभी लाइसेंस की जरूरत नहीं थी। सरकार ने बिना लाइसेंस के संख्या बढ़ाकर 50 करने का निर्णय लिया है। इसका लाभ छोटे कारोबारियों को मिलेगा। सरकार इसे श्रम सुधार अधिनियम के अंतर्गत शामिल करेगी। अप्रैल में दिल्ली सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की थी जिसके बाद अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 18,456 और कुशल श्रमिकों का वेतन 22,411 रुपये हो गया है। श्रम नियम सरल होने से श्रमिकों और कारोबारियों को लाभ होगा।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के साथ दिल्ली के श्रम मंत्री की हुई बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में महिलाओं को जोखिम वाले उद्योगों में भी चौबीस घंटे काम करने की अनुमति देने की तैयारी है। जल्द ही रात में भी फैक्ट्रियों में महिलाएं काम कर सकेंगी। इसके लिए दिल्ली सरकार नियमों में जरूरी बदलाव करेगी। हालांकि, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रात में काम करने की छूट नहीं मिलेगी। वहीं, अन्य महिलाओं की मर्जी पर ही नाइट शिफ्ट लगेगी।
सचिवालय सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को श्रम कानूनों में सुधारों को लेकर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मांडविया के साथ दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा की बैठक हुई। इसमें देशभर से कई अन्य कैबिनेट मंत्री भी शामिल रहे। बैठक में दिल्ली के श्रम कानूनों में कई महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर भी चर्चा हुई। इसके बाद कपिल मिश्रा से सचिवालय में दिल्ली श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर मंथन किया। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही महिलाओं के नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर आधिकारिक रूप से फैसला लिया जा सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण ये है कि महिला कर्मियों को पूरी सुरक्षा, अनुकूल माहौल के साथ जोखिम वाले उद्योगों, फैक्ट्रियों में काम करने की अनुमति देने की तैयारी है। सरकार व्यापार करने में आसानी की नीति के तहत ये निर्णय जल्द लेगी।
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श्रम नियमों में होंगे महत्वपूर्ण बदलाव
दिल्ली में श्रम अधिनियम के तहत उद्योगों में 20 श्रमिकों तक साथ काम कराने के लिए अभी लाइसेंस की जरूरत नहीं थी। सरकार ने बिना लाइसेंस के संख्या बढ़ाकर 50 करने का निर्णय लिया है। इसका लाभ छोटे कारोबारियों को मिलेगा। सरकार इसे श्रम सुधार अधिनियम के अंतर्गत शामिल करेगी। अप्रैल में दिल्ली सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की थी जिसके बाद अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 18,456 और कुशल श्रमिकों का वेतन 22,411 रुपये हो गया है। श्रम नियम सरल होने से श्रमिकों और कारोबारियों को लाभ होगा।
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