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सरकारी अस्पताल का हाल: दर्द से रोती-बिलखती रही रिंकी, नहीं मिला इलाज; घंटों यहां से वहां भटकते रहे परिजन

Thu, 02 Feb 2023 10:27 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 02 Feb 2023 10:27 PM IST
सार

सेक्टर-39 स्थित अस्पताल की नई इमारत में इमरजेंसी और जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर गंभीर मरीजों को सेक्टर-30 स्थित पुराने अस्पताल भेजा जाता है।

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Woman suffering from pain for four hours in Noida district hospital did not get treatment
व्हिल चेयर पर बैठी रिंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नोएडा जिला अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही का नया मामला सामने आया है। गुरुवार को पेट और पीठ में असहनीय दर्द से तड़पती रिंकी (22) को लेकर चार घंटे तक परिजन जिला अस्पताल की एक इमारत से दूसरी इमारत के बीच भटकते रहे। मरीज के हालात बिगड़ते देख बिना उपचार कराए परिजन उसे दिल्ली ले गए।

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मामूरा निवासी रिंकी निजी कंपनी में नौकरी करती है। बुधवार शाम से उन्हें पेट में दर्द की शिकायत थी। परिजन सोनू ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह दर्द से तड़पती रिंकी को लेकर सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल पहुंचे। यहां इमरजेंसी में एक इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन उसकी पीड़ा और बढ़ गई। 

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इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने उपचार किए बिना ही रिंकी को सेक्टर-39 स्थित नए जिला अस्पताल जाने को कह दिया। परिजन मरीज को लेकर निजी वाहन से किसी तरह सेक्टर-39 पहुंचे, लेकिन यहां उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। परिजन करीब चार घंटे तक मरीज को लेकर भटकते रहे। दोपहर करीब दो बजे बढ़ते दर्द से रोती-बिलखती रिंकी की मदद के लिए सेक्टर-39 अस्पताल में तैनात कुछ लोगों ने एंबुलेंस को बुलाया। परिजन मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले गए।

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लापरवाही पर सीएमएस ने मांगा स्पष्टीकरण
सेक्टर-39 स्थित अस्पताल की नई इमारत में इमरजेंसी और जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर गंभीर मरीजों को सेक्टर-30 स्थित पुराने अस्पताल भेजा जाता है। लेकिन दर्द से तड़पती रिंकी को सेक्टर-30 अस्पताल से सेक्टर-39 भेज दिया गया। ऐसा काम से बचने के लिए जानबूझकर किया गया या कोई और वजह रही। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने इस मामले में सेक्टर-30 अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है।

अस्पताल एक जगह न होने से परेशानी
सेक्टर-30 स्थित पुराने जिला अस्पताल को पूरी तरह सेक्टर-39 में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। सिर्फ कुछ विशेषज्ञ ओपीडी की सुविधा ही नई इमारत में शुरू की गई हैं। ऐसे में इलाज के लिए मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह भटकना पड़ रहा है। आधी ओपीडी सेक्टर-30 और आधी सेक्टर-39 की इमारत में चल रही है। जांच और इमरजेंसी की सुविधा पुराने अस्पताल में है।

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