{"_id":"68a04d8e7e6811aaee073f7d","slug":"woman-faints-after-being-stuck-in-lift-at-aims-green-society-2025-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेनो: एम्स ग्रीन सोसायटी में 13वीं मंजिल से पांचवीं पर गिरी लिफ्ट, अंदर फंसी घरेलू सहायिका हुई बेहोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेनो: एम्स ग्रीन सोसायटी में 13वीं मंजिल से पांचवीं पर गिरी लिफ्ट, अंदर फंसी घरेलू सहायिका हुई बेहोश
Sat, 16 Aug 2025 02:51 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 16 Aug 2025 02:51 PM IST
सार
निवासियों का कहना है कि घटना के बाद चेरी काउंटी चौकी प्रभारी को चार बार फोन करने इसकी जानकारी दी गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाराज निवासियों ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे कोतवाली पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
विज्ञापन
घटना के बाद निवासियों ने देर रात करीब चार घंटे तक कोतवाली परिसर में हंगामा किया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ग्रेनो वेस्ट स्थित एम्स ग्रीन सोसायटी में शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की शाम एक घरेलू सहायिका लिफ्ट में फंसने के कारण बेहोश हो गई। करीब आधे घंटे बाद होश आने पर उसने शोर मचाया। शोर की आवाज सुनकर पहुंचे निवासियों ने गार्डों की मदद से डंडे की मदद से लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर घरेलू सहायिका को बाहर निकाला। लिफ्ट फंसने की घटना से नाराज सोसाइटी के निवासियों ने देर रात करीब चार घंटे तक कोतवाली परिसर में हंगामा किया।
सोसायटी निवासी संदीप तोमर ने बताया कि घरेलू सहायिका अमीता फ्लैट नंबर डी-1205 ए में काम करने आती हैं। शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह सोसाइटी में काम के लिए आई थी। 13वीं मंजिल से काम करने के लिए आ रही सहायिका अचानक लिफ्ट में फंस गई। लिफ्ट अचानक झटका खाकर सीधे पांचवीं मंजिल पर आकर रुक गई। इस दौरान महिला घबराकर बेहोश हो गई और करीब 30 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसी रही। होश आने पर जब उसने शोर मचाया तो लोगों ने मिलकर उसे बाहर निकाला। हादसे के समय वह लिफ्ट में अकेली थीं। अचानक लिफ्ट के गिरने से वह डर के कारण बेहोश हो गईं। लगभग आधे घंटे बाद जब उन्हें होश आया तो उन्होंने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू किया। तब तक लिफ्ट 15वीं मंजिल पर पहुंच चुकी थी। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और डंडे की मदद से दरवाजा तोड़कर किसी तरह घरेलू सहायिका को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में लिफ्ट से जुड़ी ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। कई बार डायल-112 नंबर पर कॉल कर पुलिस और चौकी पर शिकायत दी गई, मगर समस्या जस की तस बनी हुई है। बिल्डर और वेंडर की ओर से न तो नियमित मेंटेनेंस टीम उपलब्ध कराई जाती है और न ही कोई गाइडलाइन का पालन किया जाता है। लिफ्ट में फंसने जैसी घटनाओं पर बिल्डर की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। शिकायत करने पर वे लोगों को टालमटोल कर भगा देते हैं। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना है कि सोसाइटी में तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट रुक गई थी। जिसमें एक महिला फंस गई थी। जिसे तत्काल सकुशल बाहर निकाला गया। महिला को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है।
विज्ञापन
रात में चार घंटे तक थाने में डटे रहे निवासी
निवासियों का कहना है कि घटना के बाद चेरी काउंटी चौकी प्रभारी को चार बार फोन करने इसकी जानकारी दी गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाराज निवासियों ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे कोतवाली पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। निवासी रात करीब 3 बजे तक कोतवाली में डटे रहे। लेकिन पुलिस ने अगले दिन सुबह 10 बजे कार्रवाई का आश्वासन देकर कोतवाली बुलाया। लेकिन अबतक कार्रवाई नहीं की गई है। सोसायटी में बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग लोग रहते हैं। जिन्हें हर वक्त लिफ्ट में फंसने और हादसे का डर बना रहता है। ऐसी घटनाओं से निवासी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सोसायटीवासियों ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जिससे भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। अगर यदि समय रहते लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। निवासियों का आरोप है कि 4 अगस्त को भी एच टावर की लिफ्ट फंस गई थी। इसकी शिकायत पुलिस से की थी इसके बाद बिल्डर की ओर से निवासियों को फोन कर धमकाया गया था।
विज्ञापन
सोसायटी निवासी संदीप तोमर ने बताया कि घरेलू सहायिका अमीता फ्लैट नंबर डी-1205 ए में काम करने आती हैं। शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह सोसाइटी में काम के लिए आई थी। 13वीं मंजिल से काम करने के लिए आ रही सहायिका अचानक लिफ्ट में फंस गई। लिफ्ट अचानक झटका खाकर सीधे पांचवीं मंजिल पर आकर रुक गई। इस दौरान महिला घबराकर बेहोश हो गई और करीब 30 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसी रही। होश आने पर जब उसने शोर मचाया तो लोगों ने मिलकर उसे बाहर निकाला। हादसे के समय वह लिफ्ट में अकेली थीं। अचानक लिफ्ट के गिरने से वह डर के कारण बेहोश हो गईं। लगभग आधे घंटे बाद जब उन्हें होश आया तो उन्होंने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू किया। तब तक लिफ्ट 15वीं मंजिल पर पहुंच चुकी थी। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और डंडे की मदद से दरवाजा तोड़कर किसी तरह घरेलू सहायिका को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विज्ञापन
निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में लिफ्ट से जुड़ी ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। कई बार डायल-112 नंबर पर कॉल कर पुलिस और चौकी पर शिकायत दी गई, मगर समस्या जस की तस बनी हुई है। बिल्डर और वेंडर की ओर से न तो नियमित मेंटेनेंस टीम उपलब्ध कराई जाती है और न ही कोई गाइडलाइन का पालन किया जाता है। लिफ्ट में फंसने जैसी घटनाओं पर बिल्डर की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। शिकायत करने पर वे लोगों को टालमटोल कर भगा देते हैं। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना है कि सोसाइटी में तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट रुक गई थी। जिसमें एक महिला फंस गई थी। जिसे तत्काल सकुशल बाहर निकाला गया। महिला को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है।
विज्ञापन
रात में चार घंटे तक थाने में डटे रहे निवासी
निवासियों का कहना है कि घटना के बाद चेरी काउंटी चौकी प्रभारी को चार बार फोन करने इसकी जानकारी दी गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाराज निवासियों ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे कोतवाली पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। निवासी रात करीब 3 बजे तक कोतवाली में डटे रहे। लेकिन पुलिस ने अगले दिन सुबह 10 बजे कार्रवाई का आश्वासन देकर कोतवाली बुलाया। लेकिन अबतक कार्रवाई नहीं की गई है। सोसायटी में बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग लोग रहते हैं। जिन्हें हर वक्त लिफ्ट में फंसने और हादसे का डर बना रहता है। ऐसी घटनाओं से निवासी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सोसायटीवासियों ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जिससे भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। अगर यदि समय रहते लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। निवासियों का आरोप है कि 4 अगस्त को भी एच टावर की लिफ्ट फंस गई थी। इसकी शिकायत पुलिस से की थी इसके बाद बिल्डर की ओर से निवासियों को फोन कर धमकाया गया था।