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Noida News: सालभर के अंदर खड़ी कर दी 50 करोड़ की सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
Tue, 16 Sep 2025 02:27 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Tue, 16 Sep 2025 02:27 AM IST
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर से उद्यमी बने शहर के शांतनु श्रीवास्तव ने एक साल के भीतर ही सोलर पैनल मैन्यु
लखनऊ। गोमतीनगर के रहने वाले 44 वर्षीय शांतनु श्रीवास्तव पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अब वह एक सफल उद्यमी भी हैं। उनके सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 200 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलता है, जिनमें से 99% उत्तर प्रदेश के ही हैं। दस करोड़ से शुरू हुई यूनिट का सालाना टर्नओवर 50 करोड़ तक पहुंच गया है। शांतनु का दावा है कि बाराबंकी में लगी उनकी यूनिट बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग करने वाली प्रदेश की पहली यूनिट है।
शांतनु बताते हैं कि उन्होंने करीब 18 साल तक एयरटेल, इंफोसिस और नोकिया जैसी कंपनियों में नौकरी की। इसके बाद माता-पिता के साथ रहने की इच्छा से वह वापस लखनऊ आ गए और सोलर पंप की की खरीद-बेच शुरू की। कोविड के दौरान कुछ चुनौतियां जरूर आईं लेकिन इसके बावजूद वह रुके नहीं। उन्होंने सोलर वीएफडी का व्यवसाय शुरू किया। उनका यह प्रयोग भी सफल रहा और यहीं से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में उनका रुझान बढ़ा।
शांतनु बताते हैं कि मार्केट रिसर्च के दौरान उन्हें पता चला कि यूपी में सोलर पैनल की मांग तो बहुत है लेकिन आपूर्ति बाहर से होती है। यहीं से उन्हें प्रदेश में सोलर पैनल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने का विचार आया। तमाम मुश्किलों के बाद 2024 में बाराबंकी में वह सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में सफल हुए।
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मानक और विस्तार : शांतनु का प्लांट बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) और एएलएमएम से प्रमाणित है। फिलहाल कंपनी का विस्तार लखनऊ, बाराबंकी और बांदा तक हो चुका है। सोलर पैनल के साथ-साथ कंपनी वीएफडी निर्माण भी कर रही है, जिसका उपयोग आटा चक्की से लेकर औद्योगिक इकाइयों तक हो रहा है।
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शांतनु बताते हैं कि उन्होंने करीब 18 साल तक एयरटेल, इंफोसिस और नोकिया जैसी कंपनियों में नौकरी की। इसके बाद माता-पिता के साथ रहने की इच्छा से वह वापस लखनऊ आ गए और सोलर पंप की की खरीद-बेच शुरू की। कोविड के दौरान कुछ चुनौतियां जरूर आईं लेकिन इसके बावजूद वह रुके नहीं। उन्होंने सोलर वीएफडी का व्यवसाय शुरू किया। उनका यह प्रयोग भी सफल रहा और यहीं से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में उनका रुझान बढ़ा।
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शांतनु बताते हैं कि मार्केट रिसर्च के दौरान उन्हें पता चला कि यूपी में सोलर पैनल की मांग तो बहुत है लेकिन आपूर्ति बाहर से होती है। यहीं से उन्हें प्रदेश में सोलर पैनल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने का विचार आया। तमाम मुश्किलों के बाद 2024 में बाराबंकी में वह सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में सफल हुए।
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मानक और विस्तार : शांतनु का प्लांट बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) और एएलएमएम से प्रमाणित है। फिलहाल कंपनी का विस्तार लखनऊ, बाराबंकी और बांदा तक हो चुका है। सोलर पैनल के साथ-साथ कंपनी वीएफडी निर्माण भी कर रही है, जिसका उपयोग आटा चक्की से लेकर औद्योगिक इकाइयों तक हो रहा है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से उद्यमी बने शहर के शांतनु श्रीवास्तव ने एक साल के भीतर ही सोलर पैनल मैन्यु

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से उद्यमी बने शहर के शांतनु श्रीवास्तव ने एक साल के भीतर ही सोलर पैनल मैन्यु