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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सात में से छह पद खाली क्यों पड़े हैं : हाईकोर्ट
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सात में से छह पद अक्तूबर 2020 से खाली क्यों पड़े हैं। यह सवाल हाईकोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से पूछा। याचिका में कहा गया है कि फिलहाल केवल वाइस चेयरमैन के पद पर ही नियुक्ति है। आयोग में खाली पड़े पदों को भरने का आग्रह याचिका के माध्यम से किया गया है। याचिका पर सुनवाई आठ मार्च को होगी।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय को दस दिनों के भीतर याचिका पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि मंत्रालय बताए कि सात में से छह पद खाली क्यों हैं, इतने ज्यादा पद खाली नहीं रह सकते। पेश याचिका अभय रतन बौद्ध ने दायर की है। याची ने आयोग के खाली पदों को भरने का निर्देश केंद्र को देने का आग्रह किया है।
याचिका अधिवक्ता विनय कुमार के जरिये दायर कर कहा गया है कि अप्रैल 2020 से पद खाली होना शुरू हुए थे और अक्तूबर 2020 तक केवल वाइस चेयरमैन का पद क्रियाशील बचा था। इसकी जानकारी सरकार को दी गई लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। याचिका में कहा गया है कि आयोग में चेयरमैन, मेंबर बुद्धिस्ट, क्रिश्चियन, पारसी, सिख तथा जैन के पदों को न भरकर संबंधित कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। - एजेंसी
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय को दस दिनों के भीतर याचिका पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि मंत्रालय बताए कि सात में से छह पद खाली क्यों हैं, इतने ज्यादा पद खाली नहीं रह सकते। पेश याचिका अभय रतन बौद्ध ने दायर की है। याची ने आयोग के खाली पदों को भरने का निर्देश केंद्र को देने का आग्रह किया है।
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याचिका अधिवक्ता विनय कुमार के जरिये दायर कर कहा गया है कि अप्रैल 2020 से पद खाली होना शुरू हुए थे और अक्तूबर 2020 तक केवल वाइस चेयरमैन का पद क्रियाशील बचा था। इसकी जानकारी सरकार को दी गई लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। याचिका में कहा गया है कि आयोग में चेयरमैन, मेंबर बुद्धिस्ट, क्रिश्चियन, पारसी, सिख तथा जैन के पदों को न भरकर संबंधित कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। - एजेंसी
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