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Noida News: जब सवाल उठने लगे तो तब जांच करने पहुंची फॉरेंसिक और तकनीकी टीम
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एक घंटे तक कई बिंदुओं पर की जांच, अब करना होगा रिपोर्ट का इंतजार
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 हादसे के बाद हादसे के बाद जब सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में जलभराव पर सवाल उठने लगे तब बुधवार को फॉरेंसिक और तकनीकी टीम घटना स्थल पहुंची। एक घंटे तक कई बिंदुओं पर पांच सदस्यीय संयुक्त टीम ने जांच की। अब सिर्फ इंतजार करना होगा...रिपोर्ट की जिसमें हादसे का सटीक कारण हो सकता है। इस मामले में भवन प्रबंधन, बेसमेंट की सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इन बिंदुओं पर की जांच
यहां मिट्टी का नमूना लिया। नाले की लंबाई और गहरी की जांची। साथ ही घटना स्थल का नक्शा भी तैयार किया। टीम ने दोनों और की सड़क की लंबाई चौड़ाई की जांच की। साथ ही स्पीड ब्रेकर से नाले की तक की दूरी की लंबाई को देखा। बेसमेंट में पानी के स्तर, निकासी व्यवस्था, बारिश या किसी पाइपलाइन के फटने की आशंका और वाहन फंसने की परिस्थितियों का भी निरीक्षण किया। यह भी देखा कि पानी कितनी तेजी से बेसमेंट में भर रहा और क्या समय रहते बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता है। चेतावनी संकेत भी खंगाले। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि बेसमेंट में जल निकासी की व्यवस्था सही न होने के कारण अचानक पानी भर गया जिससे कार बाहर नहीं निकल सकी। युवराज की कार का भी फॉरेंसिक परीक्षण किया गया। वाहन के दरवाजों, खिड़कियों, इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम और एयरबैग सहित अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच की गई।
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ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 हादसे के बाद हादसे के बाद जब सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में जलभराव पर सवाल उठने लगे तब बुधवार को फॉरेंसिक और तकनीकी टीम घटना स्थल पहुंची। एक घंटे तक कई बिंदुओं पर पांच सदस्यीय संयुक्त टीम ने जांच की। अब सिर्फ इंतजार करना होगा...रिपोर्ट की जिसमें हादसे का सटीक कारण हो सकता है। इस मामले में भवन प्रबंधन, बेसमेंट की सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इन बिंदुओं पर की जांच
यहां मिट्टी का नमूना लिया। नाले की लंबाई और गहरी की जांची। साथ ही घटना स्थल का नक्शा भी तैयार किया। टीम ने दोनों और की सड़क की लंबाई चौड़ाई की जांच की। साथ ही स्पीड ब्रेकर से नाले की तक की दूरी की लंबाई को देखा। बेसमेंट में पानी के स्तर, निकासी व्यवस्था, बारिश या किसी पाइपलाइन के फटने की आशंका और वाहन फंसने की परिस्थितियों का भी निरीक्षण किया। यह भी देखा कि पानी कितनी तेजी से बेसमेंट में भर रहा और क्या समय रहते बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता है। चेतावनी संकेत भी खंगाले। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि बेसमेंट में जल निकासी की व्यवस्था सही न होने के कारण अचानक पानी भर गया जिससे कार बाहर नहीं निकल सकी। युवराज की कार का भी फॉरेंसिक परीक्षण किया गया। वाहन के दरवाजों, खिड़कियों, इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम और एयरबैग सहित अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच की गई।
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