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Noida News: पिता ने नहीं खरीदी तो खुद बनाने लगीं गणपति की प्रतिमा
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फोटो:-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-2 में रहने वाली छात्रा ऐश्वर्या हर साल घर पर भगवान गणेश की ईको-फ्रेंडली प्रतिमा बनाती हैं। मूर्ति गणेश उत्सव के दौरान घर पर स्थापित की जाती है। वह 10 साल से ऐसा कर रही हैं। दरअसल, एक बार उन्होंने पिता से प्रतिमा खरीदने के लिए कहा था लेकिन वह नहीं दे पाए। उसके बाद वह खुद बनाने लगीं।
छात्रा की मां डॉ. मृणालिनी सिंह ने बताया कि ऐश्वर्या जब कक्षा 5 में पढ़ती थीं तब उन्होंने पिता से भगवान गणेश की प्रतिमा ऑर्डर करने को कहा था। समय नहीं मिलने के कारण वह ऑर्डर नहीं कर सके। इससे ऐश्वर्या नाराज हो गईं तो पिता ने कह दिया था कि अगर मनपसंद प्रतिमा चाहिए तो खुद बना लेनी चाहिए। इस पर वह घर पर ही मनपसंद की प्रतिमा बनाने लगीं।
ऐश्वर्या अब स्नातक की तैयारी कर रही हैं। वह प्रतिमा बनाने में 10 किलो काली मिट्टी और पांच किलो कागज का उपयोग करती हैं। उसके बाद उसे रंगों से सजाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमा को घर पर ही गमले में विसर्जित किया जाता है। जिस कारण बनाने के दौरान ही प्रतिमा में पौधों की अलग-अलग प्रजाति के बीज डाल दिए जाते है। मां ने बताया कि ऐश्वर्या ऐसा कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दे रही हैं। आसपास के लोगों को प्रेरित कर रही हैं। कुछ लोगों ने प्रतिमा बनवाने के लिए कहा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-2 में रहने वाली छात्रा ऐश्वर्या हर साल घर पर भगवान गणेश की ईको-फ्रेंडली प्रतिमा बनाती हैं। मूर्ति गणेश उत्सव के दौरान घर पर स्थापित की जाती है। वह 10 साल से ऐसा कर रही हैं। दरअसल, एक बार उन्होंने पिता से प्रतिमा खरीदने के लिए कहा था लेकिन वह नहीं दे पाए। उसके बाद वह खुद बनाने लगीं।
छात्रा की मां डॉ. मृणालिनी सिंह ने बताया कि ऐश्वर्या जब कक्षा 5 में पढ़ती थीं तब उन्होंने पिता से भगवान गणेश की प्रतिमा ऑर्डर करने को कहा था। समय नहीं मिलने के कारण वह ऑर्डर नहीं कर सके। इससे ऐश्वर्या नाराज हो गईं तो पिता ने कह दिया था कि अगर मनपसंद प्रतिमा चाहिए तो खुद बना लेनी चाहिए। इस पर वह घर पर ही मनपसंद की प्रतिमा बनाने लगीं।
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ऐश्वर्या अब स्नातक की तैयारी कर रही हैं। वह प्रतिमा बनाने में 10 किलो काली मिट्टी और पांच किलो कागज का उपयोग करती हैं। उसके बाद उसे रंगों से सजाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमा को घर पर ही गमले में विसर्जित किया जाता है। जिस कारण बनाने के दौरान ही प्रतिमा में पौधों की अलग-अलग प्रजाति के बीज डाल दिए जाते है। मां ने बताया कि ऐश्वर्या ऐसा कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दे रही हैं। आसपास के लोगों को प्रेरित कर रही हैं। कुछ लोगों ने प्रतिमा बनवाने के लिए कहा।
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