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Noida News: प्रयास किया तो ग्रेनो के तालाबों की बदली सूरत
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प्राधिकरण और पांडमैन रामवीर तंवर के प्रयास से तालाबों का हुआ पुर्नरुद्धार
ग्रेनो के डाबरा और जैतपुर में तालाबों में दिखना शुरू हुआ पानी, पहुंच रहे पक्षी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कभी कूड़े से पटे और सिल्ट से भरे हुए तालाब ग्रेनो की पहचान हुआ करते थे लेकिन ग्रेनो प्राधिकरण और पांडमैन रामवीर तंवर के संयुक्त प्रयास से अब यह सूरत बदल रही है। अब यहां कूड़े और सिल्ट की जगह पानी से लबालब तालाब दिखते हैं। तालाबों में पानी बढ़ा तो यहां पक्षी भी पहुंचने लगे। अब यही तालाब लोगों के घूमने और फोटोशूट कराने की जगह बन चुके हैं।
सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर पिछले दिनों प्राधिकरण ने यह कवायद शुरू कराई थी। ग्रेनो के डाबरा और जैतपुर गांव में इस पहल को आगे बढ़ाया गया। तालाबों से सिल्ट निकालने के अलावा यहां से गंदगी भी हटवाई गई। लोगों को जागरूक किया गया कि यहां कूड़ा या मलबा न फेंकें। कोशिश रंग लाई। लंबे समय तक चली सफाई और सुधार के कामों के बाद तालाब अपने नए संवरे रूप के साथ तैयार हैं। इससे न केवल भूगर्भ जल के रीचार्ज होने की संभावना बढ़ी है। दूसरे, आबादी की भी लैंडस्केपिंग इस तालाब के खूबसूरती ने बदलने का काम किया है।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस का कहना है कि तालाब की सफाई के बाद पुर्नरुद्धार कराना जहां चुनौती था। वहीं, इस जगह को उपयोगी बना लोगों को खुद इसे सुरक्षित बनाए रखने के लिए जागरूक करना भी था। लोगों को यहां तक लाकर उनसे ही पौधे भी यहां लगवाए गए। इससे उनका जुड़ाव बना। तालाब के चारों ओर पीपल, नीम, बरगद, नींबू आदि प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं। इससे आने वाले दिनों में तालाबों के चारों और हरियाली और छाया भी विकसित होगी।
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281 तालाबों में से 194 हुए साफ
जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के 281 तालाबों में से प्राधिकरण अब तक 194 तालाबों की साफ सफाई करा चुका है। इसमें से 41 तालाबों की सफाई निजी भागीदारी से की गई है। शेष तालाबों की भी सफाई भी योजना में शामिल है। जल्दी ही वहां भी काम शुरू हो जाएगा। कुछ तालाबों पर अतिक्रमण है। इन अतिक्रमण को भी पुलिस व जिला प्रशासन की मदद से हटाया जाना है। अतिक्रमण हटने के बाद वहां काम शुरू कराया जा सकेगा।
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तालाब न सिर्फ भूजल स्तर को सहेजते हैं। तालाब में रहने वाले जलीय जंतुओं का जीवन भी सुरक्षित होता है। साफ-सुथरे तालाबों से गांवों की खूबसूरती में भी बढ़ जाती है। लोग इनके चारों ओर सुबह- शाम सैर भी कर सकते हैं। सामाजिक व अन्य गैर सरकारी संगठनों से अपील है कि तालाबों के जीर्णोद्धार में भागीदारी निभाएं। -श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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ग्रेनो के डाबरा और जैतपुर में तालाबों में दिखना शुरू हुआ पानी, पहुंच रहे पक्षी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कभी कूड़े से पटे और सिल्ट से भरे हुए तालाब ग्रेनो की पहचान हुआ करते थे लेकिन ग्रेनो प्राधिकरण और पांडमैन रामवीर तंवर के संयुक्त प्रयास से अब यह सूरत बदल रही है। अब यहां कूड़े और सिल्ट की जगह पानी से लबालब तालाब दिखते हैं। तालाबों में पानी बढ़ा तो यहां पक्षी भी पहुंचने लगे। अब यही तालाब लोगों के घूमने और फोटोशूट कराने की जगह बन चुके हैं।
सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर पिछले दिनों प्राधिकरण ने यह कवायद शुरू कराई थी। ग्रेनो के डाबरा और जैतपुर गांव में इस पहल को आगे बढ़ाया गया। तालाबों से सिल्ट निकालने के अलावा यहां से गंदगी भी हटवाई गई। लोगों को जागरूक किया गया कि यहां कूड़ा या मलबा न फेंकें। कोशिश रंग लाई। लंबे समय तक चली सफाई और सुधार के कामों के बाद तालाब अपने नए संवरे रूप के साथ तैयार हैं। इससे न केवल भूगर्भ जल के रीचार्ज होने की संभावना बढ़ी है। दूसरे, आबादी की भी लैंडस्केपिंग इस तालाब के खूबसूरती ने बदलने का काम किया है।
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एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस का कहना है कि तालाब की सफाई के बाद पुर्नरुद्धार कराना जहां चुनौती था। वहीं, इस जगह को उपयोगी बना लोगों को खुद इसे सुरक्षित बनाए रखने के लिए जागरूक करना भी था। लोगों को यहां तक लाकर उनसे ही पौधे भी यहां लगवाए गए। इससे उनका जुड़ाव बना। तालाब के चारों ओर पीपल, नीम, बरगद, नींबू आदि प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं। इससे आने वाले दिनों में तालाबों के चारों और हरियाली और छाया भी विकसित होगी।
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281 तालाबों में से 194 हुए साफ
जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के 281 तालाबों में से प्राधिकरण अब तक 194 तालाबों की साफ सफाई करा चुका है। इसमें से 41 तालाबों की सफाई निजी भागीदारी से की गई है। शेष तालाबों की भी सफाई भी योजना में शामिल है। जल्दी ही वहां भी काम शुरू हो जाएगा। कुछ तालाबों पर अतिक्रमण है। इन अतिक्रमण को भी पुलिस व जिला प्रशासन की मदद से हटाया जाना है। अतिक्रमण हटने के बाद वहां काम शुरू कराया जा सकेगा।
तालाब न सिर्फ भूजल स्तर को सहेजते हैं। तालाब में रहने वाले जलीय जंतुओं का जीवन भी सुरक्षित होता है। साफ-सुथरे तालाबों से गांवों की खूबसूरती में भी बढ़ जाती है। लोग इनके चारों ओर सुबह- शाम सैर भी कर सकते हैं। सामाजिक व अन्य गैर सरकारी संगठनों से अपील है कि तालाबों के जीर्णोद्धार में भागीदारी निभाएं। -श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण