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Noida News: लाल डोरा व आबादी वाले गांवों की होगी डिजिटल पहचान, मिलेंगे स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड

Tue, 21 Jul 2026 06:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 06:20 PM IST
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Villages with Lal Dora, nhabited areas will get digital id
30 गांवों के कार्ड तैयार, डिजिटल हस्ताक्षर का काम जारी, जल्द बांटे जाएंगे
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क्यूआर कोड से मिलेगा संपत्ति का विवरण, कागजी और अपूर्ण रिकॉर्ड व्यवस्था से मिलेगी राहत

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली के लाल डोरा और आबादी वाले गांवों के लोगों की संपत्तियों को जल्द डिजिटल पहचान मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसके लिए स्वामित्व योजना के तहत 30 गांवों के स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड तैयार कर लिए हैं। डिजिटल हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें बांटा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सालों से अप्रामाणिक रिकॉर्ड वाली संपत्तियों को अब पहली बार सुरक्षित व पारदर्शी पहचान मिलेगी।

दिल्ली के लाल डोरा क्षेत्रों में अधिकतर संपत्तियों का एकीकृत व प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड नहीं था। जमीन या मकान के स्वामित्व का आधार पुराने राजस्व रिकॉर्ड, स्थानीय दस्तावेज, कब्जे के प्रमाण या अन्य कागजी अभिलेख ही होते थे। इससे सत्यापन में कठिनाई होती थी।
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इन पीवीसी कार्ड पर संपत्ति पहचान संख्या (पीआईडी), जारी करने की तिथि, गांव, उप-मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, पिता या पति का नाम, हिस्सेदारी, कुल क्षेत्रफल, निर्मित व खुला क्षेत्र, भू-आधार नंबर, सह-कब्जाधारियों का विवरण और संपर्क नंबर अंकित होंगे। कार्ड पर क्यूआर कोड भी होगा, जिसे स्कैन करते ही संपत्ति का डिजिटल फॉर्म-13 उपलब्ध हो जाएगा। इसमें संपत्ति का विस्तृत नक्शा, चौहद्दी, पड़ोसी संपत्तियों के पीआईडी, खसरा नंबर, सह-कब्जाधारियों व परिवार का विवरण, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर और दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण व रिकॉर्ड प्रबंधन नियम 2025 की धारा 36 के अंतर्गत वैध कब्जा प्रमाणपत्र उपलब्ध रहेगा।
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12 हजार से ज्यादा संपत्तियों का सर्वे पूरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ हुए समझौते के तहत अभी 48 गांव योजना में शामिल हैं। इनमें से 30 के प्रॉपर्टी कार्ड तैयार हो चुके हैं। राजस्व विभाग के मुताबिक अब तक 12,232 संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जिनमें 8,423 संपत्तियां विवाद मुक्त हैं। इनके कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दक्षिण और उत्तर-पश्चिम जिले में सर्वे की गई सभी संपत्तियां विवाद मुक्त हैं। अन्य जिलों में शेष विवादों का निस्तारण किया जा रहा है।


राजस्व विभाग के मुताबिक, स्वामित्व योजना पूरी तरह तकनीक आधारित है। पहले लाल डोरा क्षेत्र की सीमा तय की जाती है। इसके बाद भारतीय सर्वेक्षण विभाग ड्रोन से पूरे गांव का हवाई सर्वे करता है। फिर राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर नक्शे का मिलान वास्तविक स्थिति से करते हैं। जरूरी सुधार के बाद प्रत्येक संपत्ति को अलग संपत्ति पहचान संख्या दी जाती है। आगे चलकर पूरा रिकॉर्ड दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम से जुड़ जाएगा, जिससे रिकॉर्ड लगातार अपडेट होता रहेगा।
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