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Noida News: जिंदगी खोकर चार लोगों को जीवन दे गया विजय
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- वायरल से स्थिति हुई गंभीर, सफदरजंग अस्पताल में हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वायरल के कारण जिंदगी खोने वाले 26 साल के विजय ने अंगदान कर चार लोगों की जिंदगी बचाई। बल्लभगढ़ के रहने वाले विजय पिछले कुछ समय से बीमार था। स्थिति गंभीर होने पर उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां से उन्हें 25 फरवरी को सफदरजंग अस्पताल के आइसीयू में भर्ती किया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण दो मार्च को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। मरीज की मौत होने के बाद परिजनों की सहमति से अंगदान करने का फैसला लिया गया। नोटो के नियम के तहत विजय की दोनों किडनी, लिवर और हृदय दान किया गया।
विजय के दिल को एम्स में भर्ती 18 वर्षीय युवक में प्रत्यारोपित किया गया। एक किडनी आर्मी अस्पताल में 37 वर्षीय महिला मरीज को प्रत्यारोपित की गई। लिवर भी आर्मी अस्पताल में ही 42 वर्षीय पुरुष मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। दूसरी किडनी सफदरजंग अस्पताल में 39 वर्षीय युवक को प्रत्यारोपित की गई। सफदरजंग अस्पताल में मृत व्यक्ति द्वारा अंगदान करने का यह दूसरा मामला है। अस्पताल में हुए अंगदान पर अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना तलवार ने कहा कि अंगदान करने से दूसरों की जिंदगी बचाकर मृतक का परिवार अच्छा काम करते हैं। यह दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वायरल के कारण जिंदगी खोने वाले 26 साल के विजय ने अंगदान कर चार लोगों की जिंदगी बचाई। बल्लभगढ़ के रहने वाले विजय पिछले कुछ समय से बीमार था। स्थिति गंभीर होने पर उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां से उन्हें 25 फरवरी को सफदरजंग अस्पताल के आइसीयू में भर्ती किया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण दो मार्च को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। मरीज की मौत होने के बाद परिजनों की सहमति से अंगदान करने का फैसला लिया गया। नोटो के नियम के तहत विजय की दोनों किडनी, लिवर और हृदय दान किया गया।
विजय के दिल को एम्स में भर्ती 18 वर्षीय युवक में प्रत्यारोपित किया गया। एक किडनी आर्मी अस्पताल में 37 वर्षीय महिला मरीज को प्रत्यारोपित की गई। लिवर भी आर्मी अस्पताल में ही 42 वर्षीय पुरुष मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। दूसरी किडनी सफदरजंग अस्पताल में 39 वर्षीय युवक को प्रत्यारोपित की गई। सफदरजंग अस्पताल में मृत व्यक्ति द्वारा अंगदान करने का यह दूसरा मामला है। अस्पताल में हुए अंगदान पर अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना तलवार ने कहा कि अंगदान करने से दूसरों की जिंदगी बचाकर मृतक का परिवार अच्छा काम करते हैं। यह दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है।
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