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एससी सब-प्लान फंड के उपयोग का निर्देश देने का आग्रह
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नई दिल्ली। याचिका दायर कर शेड्यूल कास्ट सब-प्लान (एससीएसपी) के तहत वित्त वर्ष 2021-22 व भविष्य में आवंटित समस्त राशि खर्च करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका में ये भी आग्रह किया गया है कि एससी-एसटी-ओबीस वेलफेयर डिपार्टमेंट, दिल्ली शेड्यूल कास्ट फाइनेंशियल एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसफडीसी) एवं योजना विभाग को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए कि पिछले तीन सालों के दौरान खर्च न हो सके फंड को वापस एससीएसपी में लाया जाए। ताकि इसका इस्तेमाल शेड्यूल कास्ट के कल्याण के लिए विशेष योजनाओं में किया जा सके।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई 11 जनवरी तय की है।
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सामाजिक कार्यकर्ता और दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व चेयरमैन हरनाम सिंह ने अधिवक्ता महमूद प्राचा के जरिये याचिका दायर कर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि बजट राशि का केवल 17.92 फीसदी राशि ही एससी-एसटी-ओबीसी, अल्पसंख्यकों के कल्याण पर 2020-21 के दौरान खर्च की गई।
याची ने कहा कि दिल्ली सरकार के अनुसार दिल्ली में शेड्यूल कास्ट की जनसंख्या 16.9 फीसदी है। इसलिए इनके कल्याण के लिए खर्च होने वाली राशि बजट की 16.9 फीसदी होनी चाहिए।
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याचिका में ये भी आग्रह किया गया है कि एससी-एसटी-ओबीस वेलफेयर डिपार्टमेंट, दिल्ली शेड्यूल कास्ट फाइनेंशियल एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसफडीसी) एवं योजना विभाग को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए कि पिछले तीन सालों के दौरान खर्च न हो सके फंड को वापस एससीएसपी में लाया जाए। ताकि इसका इस्तेमाल शेड्यूल कास्ट के कल्याण के लिए विशेष योजनाओं में किया जा सके।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई 11 जनवरी तय की है।
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सामाजिक कार्यकर्ता और दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व चेयरमैन हरनाम सिंह ने अधिवक्ता महमूद प्राचा के जरिये याचिका दायर कर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि बजट राशि का केवल 17.92 फीसदी राशि ही एससी-एसटी-ओबीसी, अल्पसंख्यकों के कल्याण पर 2020-21 के दौरान खर्च की गई।
याची ने कहा कि दिल्ली सरकार के अनुसार दिल्ली में शेड्यूल कास्ट की जनसंख्या 16.9 फीसदी है। इसलिए इनके कल्याण के लिए खर्च होने वाली राशि बजट की 16.9 फीसदी होनी चाहिए।