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यूपी रेरा ने स्ट्रेस फंड को लेकर 1,227 बिल्डरों को भेजा पत्र
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यूपी रेरा ने स्ट्रेस फंड के लिए 1,227 बिल्डरों को भेजा पत्र
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने स्ट्रेस फंड के लिए प्रदेश के 1227 बिल्डरों को पत्र भेजा है। सभी बिल्डरों से फंड के लिए जल्द से जल्द आवेदन करने को कहा गया है, ताकि प्रोजेक्टों को समय पर पूरा कराया जा सके। रेरा का कहना है कि स्ट्रेस फंड से करीब एक लाख फ्लैटों को तैयार करवाने में मदद मिलेगी।
केन्द्र सरकार ने अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा कराने के लिए 25000 करोड़ रुपये के स्ट्रेस फंड की घोषणा की थी। इनमें से 10000 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार जारी करेगी। जबकि, अन्य धनराशि बैंकों, एलआईसी व अन्य स्रोतों से आएगी। यह फंड देश भर के अफोर्डेबल एवं मिडल इनकम ग्रुप के प्रोजेक्टों को पूरा करने में किया जाएगा। फंड के लिए रेरा ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के 1227 बिल्डरों के पत्र भेजा है। रेरा के सचिव अबरार अहमद की तरफ से यह पत्र भेजा गया है जिसमें बिल्डरों से तत्काल आवेदन करने को कहा है। रेरा के अफसरों ने बताया कि कुछ बिल्डरों ने फंड के लिए आवेदन कर दिया है, लेकिन कुछ को अभी आवेदन करना है। संबंधित बिल्डरों से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द एसबीआई कैपिटल में आवेदन जमा करा दें। उसकी एक प्रतिलिपि रेरा को भी उपलब्ध करा दें। फंड का प्रयोग एसबीआई कैपिटल वेंचर की निगरानी में किया जाएगा। फंड प्राप्त करने में एसबीआई कैपिटल के मानकों को पूरा करना होगा। फंड के लिए पिछले सप्ताह 15 बिल्डरों के साथ भी बैठक की गई थी।
इन शर्तों पर मिलेगा स्ट्रेस फंड
- प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत होना चाहिए।
- अपर्याप्त फंड के कारण प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रुका हो।
- अफोर्डेबल एवं मिडल इनकम ग्रुुप के लिए हो।
- कुल संपत्ति सकारात्मक हो।
- उन परियोजनाओं को वरीयता मिलेगी, जो पूर्ण होने के निकट होंगी।
- हाउसिंग यूनिट का कारपेट एरिया 200 वर्ग मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए।
- एक यूनिट की कीमत डेढ़ करोड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- किसी भी एक प्रोजेक्ट को अधिकतम 400 करोड़ रुपये दिए जा सकते है।
प्राधिकरण के प्रोजेक्ट का होगा स्थलीय निरीक्षण
ग्रेटर नोएडा। यूपी रेरा की पीठ एक (ए) ने बृहस्पतिवार को विभिन्न बिल्डरों के 50 मामलों पर सुनवाई की। सबसे अधिक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मामले हैं। पीठ ने सेक्टर म्यू दो स्थित बीएचएस 16 का स्थलीय निरीक्षण कराने का फैसला लिया है। खरीदारों का आरोप है कि प्राधिकरण ने मूलभूत सुविधाओं को विकसित नहीं किया है। साथ ही, वहां पर काफी काम होने बाकी हैं। उसी स्थिति में प्राधिकरण कब्जा दे रहा है। जिस पर पीठ ने तकनीकी टीम से निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुति करने का आदेश दिया है। वहीं पीठ ने प्राधिकरण ने पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ खरीदारों को कब्जा देने के निर्देश भी दिए हैं।
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने स्ट्रेस फंड के लिए प्रदेश के 1227 बिल्डरों को पत्र भेजा है। सभी बिल्डरों से फंड के लिए जल्द से जल्द आवेदन करने को कहा गया है, ताकि प्रोजेक्टों को समय पर पूरा कराया जा सके। रेरा का कहना है कि स्ट्रेस फंड से करीब एक लाख फ्लैटों को तैयार करवाने में मदद मिलेगी।
केन्द्र सरकार ने अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा कराने के लिए 25000 करोड़ रुपये के स्ट्रेस फंड की घोषणा की थी। इनमें से 10000 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार जारी करेगी। जबकि, अन्य धनराशि बैंकों, एलआईसी व अन्य स्रोतों से आएगी। यह फंड देश भर के अफोर्डेबल एवं मिडल इनकम ग्रुप के प्रोजेक्टों को पूरा करने में किया जाएगा। फंड के लिए रेरा ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के 1227 बिल्डरों के पत्र भेजा है। रेरा के सचिव अबरार अहमद की तरफ से यह पत्र भेजा गया है जिसमें बिल्डरों से तत्काल आवेदन करने को कहा है। रेरा के अफसरों ने बताया कि कुछ बिल्डरों ने फंड के लिए आवेदन कर दिया है, लेकिन कुछ को अभी आवेदन करना है। संबंधित बिल्डरों से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द एसबीआई कैपिटल में आवेदन जमा करा दें। उसकी एक प्रतिलिपि रेरा को भी उपलब्ध करा दें। फंड का प्रयोग एसबीआई कैपिटल वेंचर की निगरानी में किया जाएगा। फंड प्राप्त करने में एसबीआई कैपिटल के मानकों को पूरा करना होगा। फंड के लिए पिछले सप्ताह 15 बिल्डरों के साथ भी बैठक की गई थी।
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इन शर्तों पर मिलेगा स्ट्रेस फंड
- प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत होना चाहिए।
- अपर्याप्त फंड के कारण प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रुका हो।
- अफोर्डेबल एवं मिडल इनकम ग्रुुप के लिए हो।
- कुल संपत्ति सकारात्मक हो।
- उन परियोजनाओं को वरीयता मिलेगी, जो पूर्ण होने के निकट होंगी।
- हाउसिंग यूनिट का कारपेट एरिया 200 वर्ग मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए।
- एक यूनिट की कीमत डेढ़ करोड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- किसी भी एक प्रोजेक्ट को अधिकतम 400 करोड़ रुपये दिए जा सकते है।
प्राधिकरण के प्रोजेक्ट का होगा स्थलीय निरीक्षण
ग्रेटर नोएडा। यूपी रेरा की पीठ एक (ए) ने बृहस्पतिवार को विभिन्न बिल्डरों के 50 मामलों पर सुनवाई की। सबसे अधिक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मामले हैं। पीठ ने सेक्टर म्यू दो स्थित बीएचएस 16 का स्थलीय निरीक्षण कराने का फैसला लिया है। खरीदारों का आरोप है कि प्राधिकरण ने मूलभूत सुविधाओं को विकसित नहीं किया है। साथ ही, वहां पर काफी काम होने बाकी हैं। उसी स्थिति में प्राधिकरण कब्जा दे रहा है। जिस पर पीठ ने तकनीकी टीम से निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुति करने का आदेश दिया है। वहीं पीठ ने प्राधिकरण ने पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ खरीदारों को कब्जा देने के निर्देश भी दिए हैं।
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