फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   UP RERA does not have the record of 23 projects in the district

Noida News: यूपी रेरा के पास नहीं है जिले के 23 प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड

Mon, 26 Aug 2024 09:44 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2024 09:44 PM IST
विज्ञापन
UP RERA does not have the record of 23 projects in the district
यूपी रेरा के पास नहीं है जिले के 23 प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड
विज्ञापन

-जारी की प्रदेश के 131 प्रोजेक्ट की सूची, ना जमीन का पता ना नक्शे का, दिल्ली एनसीआर के सबसे अधिक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के 131 प्रोजेक्टो की सूची जारी की है। जिनकी ना जमीन का पता है और ना नक्शे का रिकॉर्ड है। इनमें से जिले के 23 प्रोजेक्ट हैं। जबकि एनसीआर के प्रोजेक्टों की संख्या सबसे अधिक है। यूपी रेरा ने बार-बार नोटिस जारी कर बिल्डरों से जवाब भी मांगा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। यूपी रेरा सूची अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड की है। ताकि खरीदारों को प्रोजेक्ट की जानकारी मिल सके और वह वहां निवेश करने से बच सकें।

यूपी रेरा ने वर्ष 2017 में प्रदेश के सभी बिल्डर प्रोजेक्टों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया था। पंजीकरण यूपी रेरा के पोर्टल पर जाकर किया गया। तब बड़ी संख्या में प्रोजेक्टों का पंजीकरण कराया गया, लेकिन काफी तादाद में बिल्डरों ने प्रोजेक्टों के सभी दस्तावेज को अपलोड नहीं किया था। पंजीकरण होने के बाद यूपी रेरा ने जांच की। जांच के बाद सभी बिल्डरों को नोटिस जारी कर बाकी दस्तावेज भी अपलोड करने को कहा गया। काफी बिल्डरों ने रेरा के आदेश की अनदेखी की। इसके बाद यूपी रेरा ने प्रदेश के 400 प्रोजेक्टों को चिन्हित किया है। यूपी रेरा ने इन प्रोजेक्ट को चार श्रेणी में बांटा है। इनमें से प्रथम श्रेणी में उन प्रोजेक्टों को शामिल किया गया है। जिनके जमीन और नक्शे की जानकारी यूपी रेरा के पास नहीं है। सोमवार को यूपी रेरा ने ऐसे 131 प्रोजेक्टों की सूची जारी की है। इनमें जिले के अलावा मेरठ के 10, गाजियाबाद के 14, मथुरा के 6 और आगरा के 8 प्रोजेक्ट शामिल है। जबकि लखनऊ के 29 और वाराणसी के 15 प्रोजेक्ट हैं। इनके अलावा गोरखपुर, बरेली, बाराबंकी, प्रयागराज के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
विज्ञापन

अब तीन अन्य श्रेणी की जांच शुरू
जिन प्रोजेक्ट की जमीन है, लेकिन नक्शा नहीं है, उनको तीसरी श्रेणी में रखा गया है। चौथी श्रेणी में उन प्रोजेक्टों को शामिल किया गया है। जिनमें बिल्डरों से वेबसाइट पर अपडेट करने का समय मांगा हैं। तीन अन्य श्रेणियों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed