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Noida News: 800 वर्ष पुरानी प्रतिमा चोरी करने वाला जैन मंदिर का सहायक और वेल्डर गिरफ्तार
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- सुनपुरा गांव के प्रचीन जैन मंदिर से अष्टधातु, चांदी की पांडुकशिला, नारियल और कलश किए थे चोरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने सुनपुरा गांव स्थित प्रचीन जैन मंदिर में हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी करने वाले आरोपियों में मंदिर का सहायक मुलायम और पूर्व वेल्डिंग कर्मचारी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 800 वर्ष पुरानी अष्टधातु से निर्मित प्राचीन प्रतिमा, चांदी की पांडुकशिला के आठ टुकड़े, चांदी का नारियल और चांदी का कलश बरामद किया है। बरामद सामान की कीमत एक करोड़ से अधिक की है।
एसीपी राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार सोमवार को सूचना मिली कि सुनपुरा गांव के जैन मंदिर में कार्यरत मुलायम और चेतन ने मंदिर परिसर से चांदी की पांडुशिला, नारियल, कलश तथा अष्ठधातु की प्राचीन प्रतिमा चोरी कर ली है। मामले में मंदिर के अकाउंटेंट आशीष कुमार की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर मंगलवार को पुलिस ने सुनपुरा गांव क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया समस्त सामान बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुलायम सिंह निवासी गांव बिजोरी पाठक जनपद दमोह मध्यप्रदेश और चेतन निवासी गांव धूम मानिकपुर बादलपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
मंदिर की भौगोलिक स्थित से वाकिफ थे आरोपीः जांच अधिकारी नरेश चंद्र का कहना है कि आरोपी मुलायम मंदिर की सफाई करने के साथ यहां का सहायक है। आरोपी पिछले 10 साल से काम कर रहा है। वहीं आरोपी चेतन मंदिर में वेल्डिंग का काम कर चुका है। चेतन ने करीब एक माह पहले ही यहां से नौकरी छोड़ी है। इस कारण आरोपी प्राचीन मंदिर की भौगोलिक स्थित से वाकिफ थे। वहीं मंदिर प्रशासन को भी आरोपियों पर भरोसा था। उन्होंने इसी भरोसे का फायदा उठाकर रविवार की देर रात वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने चांदी की पांडुकशिला की चोरी के बाद इसके टुकड़े कर दिए थे। आरोपी इसे बेचने की फिराक में थे।
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आठ धातुओं से मिलकर बनती है प्रतिमा : पुलिस के अनुसार बरामद की गई अष्टधातु प्रतिमा लगभग 800 वर्ष पुरानी बताई जा रही है। जिसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इसी तरह चांदी की पांडुकशिला के आठ टुकड़े, चांदी का नारियल और कलश भी मंदिर में स्थापित धार्मिक सामग्री का हिस्सा थे। अष्टधातु प्रतिमा आठ पवित्र धातुओं सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, लोहा और पारा (पारद) के मिश्रण से बनी एक मिश्रधातु की मूर्ति है। इन मूर्तियों में उच्च स्थायित्व और दिव्य चमक होती है। इसकी कीमत वर्तमान में लाखों रुपये है।
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- सुनपुरा गांव के प्रचीन जैन मंदिर से अष्टधातु, चांदी की पांडुकशिला, नारियल और कलश किए थे चोरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने सुनपुरा गांव स्थित प्रचीन जैन मंदिर में हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी करने वाले आरोपियों में मंदिर का सहायक मुलायम और पूर्व वेल्डिंग कर्मचारी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 800 वर्ष पुरानी अष्टधातु से निर्मित प्राचीन प्रतिमा, चांदी की पांडुकशिला के आठ टुकड़े, चांदी का नारियल और चांदी का कलश बरामद किया है। बरामद सामान की कीमत एक करोड़ से अधिक की है।
एसीपी राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार सोमवार को सूचना मिली कि सुनपुरा गांव के जैन मंदिर में कार्यरत मुलायम और चेतन ने मंदिर परिसर से चांदी की पांडुशिला, नारियल, कलश तथा अष्ठधातु की प्राचीन प्रतिमा चोरी कर ली है। मामले में मंदिर के अकाउंटेंट आशीष कुमार की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर मंगलवार को पुलिस ने सुनपुरा गांव क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया समस्त सामान बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुलायम सिंह निवासी गांव बिजोरी पाठक जनपद दमोह मध्यप्रदेश और चेतन निवासी गांव धूम मानिकपुर बादलपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
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मंदिर की भौगोलिक स्थित से वाकिफ थे आरोपीः जांच अधिकारी नरेश चंद्र का कहना है कि आरोपी मुलायम मंदिर की सफाई करने के साथ यहां का सहायक है। आरोपी पिछले 10 साल से काम कर रहा है। वहीं आरोपी चेतन मंदिर में वेल्डिंग का काम कर चुका है। चेतन ने करीब एक माह पहले ही यहां से नौकरी छोड़ी है। इस कारण आरोपी प्राचीन मंदिर की भौगोलिक स्थित से वाकिफ थे। वहीं मंदिर प्रशासन को भी आरोपियों पर भरोसा था। उन्होंने इसी भरोसे का फायदा उठाकर रविवार की देर रात वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने चांदी की पांडुकशिला की चोरी के बाद इसके टुकड़े कर दिए थे। आरोपी इसे बेचने की फिराक में थे।
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आठ धातुओं से मिलकर बनती है प्रतिमा : पुलिस के अनुसार बरामद की गई अष्टधातु प्रतिमा लगभग 800 वर्ष पुरानी बताई जा रही है। जिसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इसी तरह चांदी की पांडुकशिला के आठ टुकड़े, चांदी का नारियल और कलश भी मंदिर में स्थापित धार्मिक सामग्री का हिस्सा थे। अष्टधातु प्रतिमा आठ पवित्र धातुओं सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, लोहा और पारा (पारद) के मिश्रण से बनी एक मिश्रधातु की मूर्ति है। इन मूर्तियों में उच्च स्थायित्व और दिव्य चमक होती है। इसकी कीमत वर्तमान में लाखों रुपये है।