सुहवल। युवराजपुर से लेकर गंगबरार तक कटान जारी है। कटान से शुक्रवार की शाम से शनिवार की सुबह तक दो बीघा कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। युवराजपुर से लेकर आठ किलोमीटर दूर स्थित गंगबरार तक कटान लगातार जारी है। क्षेत्र के युवराजपुर गांव में गंगा किनारे हो रहा भीषण कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाढ़ और बरसात का दौर समाप्त हो चुका है, लेकिन कटान से ग्रामीणों की परेशानी और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पानी के तेज प्रवाह से हर दिन उपजाऊ भूमि गंगा में समा रही है, जिससे किसान आर्थिक रूप से टूटते जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले एक महीने में करीब 20 से 25 बीघा उपजाऊ भूमि गंगा में विलीन हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों ने बताया कि यह कटान वर्ष 2013 से निरंतर जारी है। नदी में जलपोतों के आवागमन के लिए की जा रही ड्रेजर मशीनों से बेतरतीब खोदाई को इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में लगभग सौ बीघा से अधिक जमीन गंगा में समा चुकी है। पहले युवराजपुर गांव का मुख्य मार्ग गंगा से करीब तीन किलोमीटर दूर था, लेकिन अब कटान के कारण यह दूरी घटकर सिर्फ डेढ़ किलोमीटर रह गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में पूरा गांव संकट में पड़ सकता है। किसान जय नारायण सिंह, बब्बन सिंह, सुनील सिंह, दिनेश चौधरी, कमला यादव, उमेश सिंह, मंटू सिंह, श्रीनिवासन सिंह, मीरा सिंह और ओंकार सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, समाजसेवी चंदन सिंह ने इस संबंध में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और एमएलसी संगीता बलवंत को पत्रक सौंपकर कटान रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की गुहार लगाई है।