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फाइनेंस कंपनी से दो लाख की रंगदारी मांगने पर फंसी ‘खाकी’, सिपाही समेत दो गिरफ्तार
Mon, 15 Feb 2021 11:27 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 15 Feb 2021 11:27 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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नोएडा शहर में ‘खाकी’ एक बार फिर बदनाम हुई है। साइबर थाने में तैनात एक दरोगा और उसके पांच सिपाहियों ने फाइनेंस कंपनी की जांच के नाम पर तीन लोगों को हिरासत में लिया। जांच को रफा-दफा करने के नाम पर 7 लाख रुपये की मांग की गई।
चार घंटों तक फाइनेंस कंपनी के तीनों युवकों वसीम, परवेज और सुहेल को पुलिसकर्मी अपनी कार में घुमाते रहे। इस दौरान सौदेबाजी लगातार चलती रही। पुलिसकर्मियों ने फोन पर कंपनी संचालक माजू चौहान से 7 लाख रुपये की मांग की, मगर सौदा 5 लाख पर तय हो गया। दो लाख रुपये लेकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को छोड़ दिया।
बाकी रकम को लेने के लिए पुलिसकर्मी लगातार कंपनी संचालक को फोन कर रहे थे। मगर उसने एसीपी रजनीश कुमार वर्मा से शिकायत कर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर सेल में तैनात एक पुलिसकर्मी नितिन चौधरी और होटल संचालक सोनू को धर दबोचा, जबकि दरोगा चेतन प्रकाश, सिपाही सुमित मडार, सुमित पावला, सुमित शर्मा और अतुल नागर फरार हैं।
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सेंट्रल जोन के डीसीपी हरीश चंदर ने सोमवार शाम फेज-3 थाने में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि माजू चौहान की सेक्टर-65 स्थित बंधन फाइनेंशियल कंपनी है। सोनभद्र निवासी नीरज कुमार ने कंपनी पर 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने व फर्जी होने की शिकायत साइबर सेल थाना सेक्टर-37 में की थी।
10 फरवरी को साइबर सेल में तैनात सब इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश, सिपाही सुमित मडार, सुमित पावला, सुमित शर्मा, अतुल नागर व नितिन चौधरी आदि फाइनेंशियल कंपनी में जांच को पहुंचे। वहां कंपनी में काम करने वाले तीन युवक वसीम, परवेज और सुहेल को धर दबोचा।
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चार घंटों तक फाइनेंस कंपनी के तीनों युवकों वसीम, परवेज और सुहेल को पुलिसकर्मी अपनी कार में घुमाते रहे। इस दौरान सौदेबाजी लगातार चलती रही। पुलिसकर्मियों ने फोन पर कंपनी संचालक माजू चौहान से 7 लाख रुपये की मांग की, मगर सौदा 5 लाख पर तय हो गया। दो लाख रुपये लेकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को छोड़ दिया।
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बाकी रकम को लेने के लिए पुलिसकर्मी लगातार कंपनी संचालक को फोन कर रहे थे। मगर उसने एसीपी रजनीश कुमार वर्मा से शिकायत कर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर सेल में तैनात एक पुलिसकर्मी नितिन चौधरी और होटल संचालक सोनू को धर दबोचा, जबकि दरोगा चेतन प्रकाश, सिपाही सुमित मडार, सुमित पावला, सुमित शर्मा और अतुल नागर फरार हैं।
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सेंट्रल जोन के डीसीपी हरीश चंदर ने सोमवार शाम फेज-3 थाने में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि माजू चौहान की सेक्टर-65 स्थित बंधन फाइनेंशियल कंपनी है। सोनभद्र निवासी नीरज कुमार ने कंपनी पर 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने व फर्जी होने की शिकायत साइबर सेल थाना सेक्टर-37 में की थी।
10 फरवरी को साइबर सेल में तैनात सब इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश, सिपाही सुमित मडार, सुमित पावला, सुमित शर्मा, अतुल नागर व नितिन चौधरी आदि फाइनेंशियल कंपनी में जांच को पहुंचे। वहां कंपनी में काम करने वाले तीन युवक वसीम, परवेज और सुहेल को धर दबोचा।
इसके बाद पुलिसकर्मी तीनों आरोपियों को चार घंटों तक कार में घुमाते रहे। इसी बीच मामला खत्म करने और उन्हें छोड़ने की एवज में सात लाख रुपयों की मांग कंपनी संचालक माजू चौहान से फोन पर की गई। माजू और सब इंस्पेक्टर के बीच 5 लाख रुपये में सौदा तय हो गया। दो लाख रुपये देने पर साइबर सेल टीम ने तीनों को छोड़ दिया था। बाकी पैसे भी जल्द देने की मांग की थी।
सिपाही नितिन को दी थी बचे हुए पैसे लेने की जिम्मेदारी
डीसीपी ने बताया कि सब इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश ने बचे हुए पैसे लेने के लिए सिपाही नितिन चौधरी को जिम्मेदारी दी थी। नितिन ने माजू को फोन करके रविवार दोपहर सेक्टर-21ए स्टेडियम के गेट नंबर चार पर तीन लाख रुपये के साथ बुलाया था। सिपाही लगातार माजू से संपर्क में था। हालांकि वह बार-बार व्हाटसअप कॉल करके जगह बदल रहा था, जिससे माजू कोई चाल न चल पाए।
एसीपी को बताया भाइयों का अपहरण कर मांगी गई 7 लाख की फिरौती
कंपनी संचालक माजू पुलिस को पैसे नहीं देना चाह रहा था। रविवार 14 फरवरी वह सेक्टर-12/22 चौकी पहुंचे। जहां नोएडा जोन के एसीपी रजनीश वर्मा आफिस से घर जाने के लिए बाहर निकले थे। माजू ने एसीपी को बताया कि कुछ बदमाशों ने उसके भाइयों का अपहरण कर लिया है और रंगदारी के रूप में सात लाख रुपयों की मांग कर रहे हैं।
एसीपी ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस फोर्स बुलाया और पीड़ित के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गए। कुछ ही देर में स्टेडियम के गेट पर सोनू नाम के युवक को दबोच लिया और फिर पास में ही टहल रहे सिपाही नितिन चौधरी को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि वह लोग फर्जी कंपनी संचालक से रुपये लेने के लिए आए थे। पूछताछ के बाद सिपाही नितिन और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों मोदीनगर के तेल मिल गेट के पास रहते हैं।
सिपाही नितिन को दी थी बचे हुए पैसे लेने की जिम्मेदारी
डीसीपी ने बताया कि सब इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश ने बचे हुए पैसे लेने के लिए सिपाही नितिन चौधरी को जिम्मेदारी दी थी। नितिन ने माजू को फोन करके रविवार दोपहर सेक्टर-21ए स्टेडियम के गेट नंबर चार पर तीन लाख रुपये के साथ बुलाया था। सिपाही लगातार माजू से संपर्क में था। हालांकि वह बार-बार व्हाटसअप कॉल करके जगह बदल रहा था, जिससे माजू कोई चाल न चल पाए।
एसीपी को बताया भाइयों का अपहरण कर मांगी गई 7 लाख की फिरौती
कंपनी संचालक माजू पुलिस को पैसे नहीं देना चाह रहा था। रविवार 14 फरवरी वह सेक्टर-12/22 चौकी पहुंचे। जहां नोएडा जोन के एसीपी रजनीश वर्मा आफिस से घर जाने के लिए बाहर निकले थे। माजू ने एसीपी को बताया कि कुछ बदमाशों ने उसके भाइयों का अपहरण कर लिया है और रंगदारी के रूप में सात लाख रुपयों की मांग कर रहे हैं।
एसीपी ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस फोर्स बुलाया और पीड़ित के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गए। कुछ ही देर में स्टेडियम के गेट पर सोनू नाम के युवक को दबोच लिया और फिर पास में ही टहल रहे सिपाही नितिन चौधरी को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि वह लोग फर्जी कंपनी संचालक से रुपये लेने के लिए आए थे। पूछताछ के बाद सिपाही नितिन और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों मोदीनगर के तेल मिल गेट के पास रहते हैं।
होटल चलाता है सोनू, सिपाही से है जानपहचान
सोनू नोएडा में ओयो होटल चलाता है और दोनों की आपस में जान पहचान है और इसलिए नितिन ने ही सोनू को रुपये लेने के लिए स्टेडियम के पास भेजा था। जिससे उसे कोई पहचान नहीं सके ।