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ट्विन टावर : विस्फोटक लाने के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
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नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के एमरॉल्ड कोर्ट में बने ट्विन टावर को गिराने के लिए मुंबई की एडिफिस कंपनी जल्द ही विस्फोटक खरीदेगी। इसके लिए कंपनी को पुलिस से एनओसी का इंतजार है। एक सप्ताह में पुलिस एनओसी जारी कर सकती है। विस्फोटक खरीदने के बाद उसे साइट तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। विस्फोटक का भंडारण भी कड़ी सुरक्षा में होगा। एडिफिस के विशेषज्ञों की देखरेख में ही विस्फोटक को ट्विन टावर में लगाया जाएगा।
सुरक्षा कारणों से विस्फोटक भंडारण वाले स्थान को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। ट्विन टावर को ध्वस्त किए जाने से पहले एडिफिस ने दस विभागों से एनओसी मांग थी। इनमें से पुलिस की ही एनओसी बाकी है। एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत विस्फोटक सामग्री के क्रय, भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन आदि से पहले पुलिस की अनुमति लेना आवश्यक है। बुधवार को सीईओ के साथ हुई बैठक में एसीपी ने भरोसा दिया था कि पुलिस एक सप्ताह में एनओसी जारी कर देगी। इसके बाद विस्फोटक खरीदने की कार्रवाई शुरू होगी। बुधवार को हुई बैठक में यह तय हो गया है कि 22 मई को ट्विन टावर को धमाके के साथ गिरा दिया जाएगा। इसके लिए 20 फरवरी से ही एडिफिस कंपनी साइट पर अपना काम शुरू कर देगी।
विदेशी विशेषज्ञों की देखरेख में होगा काम
ट्विन टावर के लिए विभिन्न प्वाइंट पर विस्फोटक लगाया जाएगा। इस दौरान इंतजाम देखने के लिए दक्षिण अफ्रीका के 6-7 इंजीनियर और विशेषज्ञों की टीम 25 दिनों तक नोएडा में रहकर पूरी व्यवस्था देखेगी। दक्षिण अफ्रीका की जिस कंपनी से यह इंजीनियर और विशेषज्ञ नोएडा आएंगे, वह एडिफिस की सहयोगी कंपनी है।
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सुरक्षा कारणों से विस्फोटक भंडारण वाले स्थान को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। ट्विन टावर को ध्वस्त किए जाने से पहले एडिफिस ने दस विभागों से एनओसी मांग थी। इनमें से पुलिस की ही एनओसी बाकी है। एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत विस्फोटक सामग्री के क्रय, भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन आदि से पहले पुलिस की अनुमति लेना आवश्यक है। बुधवार को सीईओ के साथ हुई बैठक में एसीपी ने भरोसा दिया था कि पुलिस एक सप्ताह में एनओसी जारी कर देगी। इसके बाद विस्फोटक खरीदने की कार्रवाई शुरू होगी। बुधवार को हुई बैठक में यह तय हो गया है कि 22 मई को ट्विन टावर को धमाके के साथ गिरा दिया जाएगा। इसके लिए 20 फरवरी से ही एडिफिस कंपनी साइट पर अपना काम शुरू कर देगी।
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विदेशी विशेषज्ञों की देखरेख में होगा काम
ट्विन टावर के लिए विभिन्न प्वाइंट पर विस्फोटक लगाया जाएगा। इस दौरान इंतजाम देखने के लिए दक्षिण अफ्रीका के 6-7 इंजीनियर और विशेषज्ञों की टीम 25 दिनों तक नोएडा में रहकर पूरी व्यवस्था देखेगी। दक्षिण अफ्रीका की जिस कंपनी से यह इंजीनियर और विशेषज्ञ नोएडा आएंगे, वह एडिफिस की सहयोगी कंपनी है।
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