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अमर उजाला संवाद: कंचनजंगा मार्केट में जर्जर इमारत से खौफ में व्यापारी और खरीदार

Wed, 17 Jun 2026 06:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 06:58 PM IST
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Traders and buyers in Kanchenjunga Market are scared of the dilapidated building
-फोटो
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कंचनजंगा मार्केट में जर्जर इमारत से खौफ में व्यापारी और खरीदार
-मार्केट में प्राधिकरण नहीं कराता कोई काम, टूटी दीवारों से बना रहता है खतरा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-53 स्थित 1997 में बनी कंचनजंगा मार्केट आज बेहद जर्जर हो चुकी है। मार्केट के टूटे पिलर, लेंटर से गिरता प्लास्टर और दीवारों की दरारें ग्राहकों व व्यापारियों के लिए डर का सबब बनी हुई हैं। हाल ही में प्लास्टर गिरने से एक व्यक्ति घायल भी हो गया।

अमर उजाला संवाद में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि मार्केट के बाहर के नाले लंबे समय से चोक हैं, जिससे मानसून में दुकानों के भीतर गंदा पानी भर जाता है। नाले की सफाई अब तक नहीं की गई है। साथ ही बारिश के दौरान जो पानी आता है वो मार्केट के अंदर गिरता है। निकासी के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई थी, जो जगह-जगह से टूट चुकी है। शरारती तत्वों का भी मार्केट अड्डा बन गया है। महिलाओं को इससे काफी दिक्कतें होती हैं। कारोबारियों की मांग है कि मार्केट की मरम्मत कराई जाए ताकि किसी तरह का खतरा न बने। हालांकि नोएडा प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह का कहना है कि मार्केट को बनाने के बाद एसोसिएशन को हैंडओवर कर दी गई थी। देखरेख की जिम्मेदारी अब उनकी है।
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मार्केट की दीवारें और लेंटर में दरारें आ गई हैं। प्राधिकरण की ओर से मार्केट में काम ही नहीं कराया जाता। -राम लखन चौधरी, अध्यक्ष कंचनजंगा मार्केट
सारी पाइपलाइन टूटी हैं, बारिश होने पर सारा पानी दुकानाें में भर जाता है। इससे सामान खराब होने का डर बना रहता है। -सुभाष चंद रजोरा
शाम होते ही शरारती तत्व मार्केट के आसपास जमा हो जाते हैं। इससे महिलाओंं को आने-जाने में असहजता होती है। -राम राज कुशवाहा
सभी नाले चोक पड़े हैं, बारिश होते ही गंदा पानी मार्केट में भर जाता है। मार्केट के अंदर आ पाना भी आसान नहीं होता। -गौरव अरोड़ा
मार्केट की दीवारें टूटी हैं कब गिर जाएं पता नहीं। कोई भी मार्केट के अंदर घुस जाएगा। ऐसे में सुरक्षा के लिए खतरा है -जितेंद्र गुप्ता
प्राधिकरण ने पत्थर लगवाने के अलावा कुछ नहीं किया। मार्केट की दुर्दशा हो चुकी है। पुताई कुछ दिनोंं में ही उतर गई।-पवन कुमार
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