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तीन अलग-अलग सेक्टरों में करंट लगने से लाइनमैन समेत तीन की मौत
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नोएडा। करंट लगने से अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें बिजली निगम का संविदाकर्मी भी शामिल है। तीनों घटना फेज-थ्री कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-62, 63, 64 में हुई। पुलिस के मुताबिक, कोतवाली सेक्टर-58 क्षेत्र के सेक्टर-62 स्थित बिजली सब स्टेशन पर तैनात खोड़ा निवासी लाइनमैन विजय बिष्ट (30) बुधवार रात को खंभे पर चढ़कर फाल्ट दूर कर रहे थे। उसी समय वह बुरी तरह झुलस गए और उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। बैक करंट से विजय की मौत की आशंका है।
वहीं, सेक्टर-63 के सी-ब्लॉक में देवेंद्र सिंह (31) को करंट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साथ ही, बृहस्पतिवार सुबह सेक्टर-64 स्थित कंपनी में सो रहे मूलरूप से हरदोई निवासी गिरीश कुमार (35) को करंट लग गया। भाई शिवदयाल ने पुलिस को बताया कि सोते समय गिरीश के ऊपर पंखा गिर गया था, जिससे उसे करंट लग गया।
क्या होता बैक करंट
बैक करंट विद्युत लाइन में डीजी सेट से आता है। अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की परेशानी होती है। जब भी फाल्ट को दूर करने केलिए शट डाउन लिया जाता है तो औद्योगिक इकाईयों में डीजी सेट चलाया जाता है। बैक करंट की समस्या मैनुअल चेंज ओवर से पैदा होती है। जब डीजी सेट चलता है तो यह करंट जेनरेटर से बिजली की लाइन में चला जाता है। उस समय लाइन में करंट पहुंचने से ऐसा हादसा हो जाता है।
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पांच लाख की मिलेगी आर्थिक मदद
विजय बिष्ट के परिजनों को विद्युत निगम की ओर से हादसा होने पर पांच लाख रुपये का बीमा कराया गया था। इस बीमा राशि को उनके नामिनी को दिया जाएगा, लेकिन चार साल पहले ज्वाइनिंग के दौरान उन्होंने कोई नामिनी फार्म में नहीं भरा था। इससे जल्द ही परिजनों से वार्ता करके नामिनी बनाया जाएगा। इसके बाद रकम दी जाएगी। इसके अलावा कुछ आर्थिक मदद निगम के कर्मी भी करेेंगे।
नियुक्त किया जाएगा सुपरवाइजर
हादसों से सबक लेते हुए अब हर फाल्ट को दूर करने से पहले करंट की जांच सुपरवाइजर कराएगा। लाइन में यदि कोई लोकल फाल्ट होता है तो उसे ठीक करने के लिए लाइन पर कर्मचारी तब तक काम नहीं करेगा जब तक सुपरवाइजर इसकी अनुमति न दे। निगम अधिकारियों ने सभी एसडीओ को सुपरवाइजर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। यह सुपरवाइजर जेई या सीनियर लाइनमैन में से कोई एक होगा।
करंट से संविदाकर्मी की मौत होने मामले में दो जांच कमेटी का गठन किया गया है। एक सप्ताह में जांच करके दोनों कमेटी रिपोर्ट देंगी। हादसा किन कारणों से हुआ है और आगे न हो इसके लिए क्या उपाय करने है इस पर भी चर्चा की जा रही है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता विद्युत निगम
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वहीं, सेक्टर-63 के सी-ब्लॉक में देवेंद्र सिंह (31) को करंट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साथ ही, बृहस्पतिवार सुबह सेक्टर-64 स्थित कंपनी में सो रहे मूलरूप से हरदोई निवासी गिरीश कुमार (35) को करंट लग गया। भाई शिवदयाल ने पुलिस को बताया कि सोते समय गिरीश के ऊपर पंखा गिर गया था, जिससे उसे करंट लग गया।
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क्या होता बैक करंट
बैक करंट विद्युत लाइन में डीजी सेट से आता है। अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की परेशानी होती है। जब भी फाल्ट को दूर करने केलिए शट डाउन लिया जाता है तो औद्योगिक इकाईयों में डीजी सेट चलाया जाता है। बैक करंट की समस्या मैनुअल चेंज ओवर से पैदा होती है। जब डीजी सेट चलता है तो यह करंट जेनरेटर से बिजली की लाइन में चला जाता है। उस समय लाइन में करंट पहुंचने से ऐसा हादसा हो जाता है।
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पांच लाख की मिलेगी आर्थिक मदद
विजय बिष्ट के परिजनों को विद्युत निगम की ओर से हादसा होने पर पांच लाख रुपये का बीमा कराया गया था। इस बीमा राशि को उनके नामिनी को दिया जाएगा, लेकिन चार साल पहले ज्वाइनिंग के दौरान उन्होंने कोई नामिनी फार्म में नहीं भरा था। इससे जल्द ही परिजनों से वार्ता करके नामिनी बनाया जाएगा। इसके बाद रकम दी जाएगी। इसके अलावा कुछ आर्थिक मदद निगम के कर्मी भी करेेंगे।
नियुक्त किया जाएगा सुपरवाइजर
हादसों से सबक लेते हुए अब हर फाल्ट को दूर करने से पहले करंट की जांच सुपरवाइजर कराएगा। लाइन में यदि कोई लोकल फाल्ट होता है तो उसे ठीक करने के लिए लाइन पर कर्मचारी तब तक काम नहीं करेगा जब तक सुपरवाइजर इसकी अनुमति न दे। निगम अधिकारियों ने सभी एसडीओ को सुपरवाइजर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। यह सुपरवाइजर जेई या सीनियर लाइनमैन में से कोई एक होगा।
करंट से संविदाकर्मी की मौत होने मामले में दो जांच कमेटी का गठन किया गया है। एक सप्ताह में जांच करके दोनों कमेटी रिपोर्ट देंगी। हादसा किन कारणों से हुआ है और आगे न हो इसके लिए क्या उपाय करने है इस पर भी चर्चा की जा रही है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता विद्युत निगम