{"_id":"626c506a5fa05d1ab516adad","slug":"those-who-beat-up-policemen-will-be-identified-from-the-video-noida-news-noi6457602127","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीडियो से होगी पुलिसकर्मियों को पीटने वालों की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीडियो से होगी पुलिसकर्मियों को पीटने वालों की पहचान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा। सेक्टर-39 थाने के गेट पर बृहस्पतिवार को हुए आरएसएस, बजरंग दल सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। मामले में पांच पुलिस कर्मियों से मारपीट के आरोप में 50-60 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनकी पहचान के लिए पुलिस मौके पर मोबाइल से बनाए गए वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी।
इस मामले में पुलिस ने देर शाम गंगा नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था, लेकिन उसे जमानत पर रात में ही छोड़ दिया गया। मामले में किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को देर रात तक थाने में संगठनों के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार उपनिरीक्षक अनिल कुमार, सिपाही सचिन, पुनीत, पंकज शर्मा और स्थानीय खुफिया विभाग (एलआईयू) के सिपाही प्रतीक के साथ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस के हाथ कुछ वीडियो लगे हैं, जिनके जरिये आरोपियों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा वीडियो को सबूत के तौर पर भी रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, संगठन के कुछ कार्यकर्ता एक माह पहले नाबालिग के साथ अपहरण व दुष्कर्म करने वाले आरोपी की पैरवी के लिए आए थे। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस कर्मियों से उनकी बहस हो गई थी। कुछ देर में ही हंगामा इतना बढ़ गया कि हाथापाई शुरू हो गई।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने देर शाम गंगा नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था, लेकिन उसे जमानत पर रात में ही छोड़ दिया गया। मामले में किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को देर रात तक थाने में संगठनों के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार उपनिरीक्षक अनिल कुमार, सिपाही सचिन, पुनीत, पंकज शर्मा और स्थानीय खुफिया विभाग (एलआईयू) के सिपाही प्रतीक के साथ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस के हाथ कुछ वीडियो लगे हैं, जिनके जरिये आरोपियों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा वीडियो को सबूत के तौर पर भी रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, संगठन के कुछ कार्यकर्ता एक माह पहले नाबालिग के साथ अपहरण व दुष्कर्म करने वाले आरोपी की पैरवी के लिए आए थे। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस कर्मियों से उनकी बहस हो गई थी। कुछ देर में ही हंगामा इतना बढ़ गया कि हाथापाई शुरू हो गई।
विज्ञापन