{"_id":"63f392dc1e2fad0e370b412a","slug":"those-guilty-of-attack-on-red-fort-will-be-hanged-noida-news-c-340-1-del1011-6114-2023-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा: लालकिले पर हमले के दोषी को होगी फांसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा: लालकिले पर हमले के दोषी को होगी फांसी
विज्ञापन
तिहाड़ प्रशासन ने अदालत को लिखा पत्र
दोषी के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने का किया अनुरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तिहाड़ जेल प्रशासन ने लालकिले पर हमले के दोषी पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक को फांसी पर लटकाने के लिए तीस हजारी अदालत को पत्र लिखा है। पत्र के जरिये तिहाड़ प्रशासन ने अदालत को फांसी का दिन मुकर्रर करने का अनुरोध किया है। आतंकी का किसी भी अदालत में फांसी से संबंधित याचिका लंबित नहीं है।
लश्कर-ए-तैयबा के छह आतंकियों ने 22 दिसंबर 2000 को लालकिले पर आतंकी हमला किया था। आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। हमले में दो जवान शहीद हो गए थे। इसमें एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। घटना के बाद आरिफ मौके से फरार हो गया था,जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। साल 2005 को निचली अदालत ने आतंकी आरिफ को फांसी की सजा सुनाई थी। जिसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी।
जेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी का अभी किसी भी अदालत में कोई भी याचिका लंबित नहीं है। इसको देखते हुए जेल प्रशासन ने आतंकी को नोटिस दिया था। इसमें पूछा गया था कि वह फांसी की सजा के खिलाफ किसी अदालत में या फिर राष्ट्रपति के यहां दया याचिका देना चाहता है। लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी इसने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। सात दिन पूरे होने के बाद तिहाड़ प्रशासन ने अदालत को पत्र लिखकर फांसी की तारीख तय करने का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि अदालत 27 फरवरी को इसपर फैसला सुनाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोषी के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने का किया अनुरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तिहाड़ जेल प्रशासन ने लालकिले पर हमले के दोषी पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक को फांसी पर लटकाने के लिए तीस हजारी अदालत को पत्र लिखा है। पत्र के जरिये तिहाड़ प्रशासन ने अदालत को फांसी का दिन मुकर्रर करने का अनुरोध किया है। आतंकी का किसी भी अदालत में फांसी से संबंधित याचिका लंबित नहीं है।
लश्कर-ए-तैयबा के छह आतंकियों ने 22 दिसंबर 2000 को लालकिले पर आतंकी हमला किया था। आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। हमले में दो जवान शहीद हो गए थे। इसमें एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। घटना के बाद आरिफ मौके से फरार हो गया था,जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। साल 2005 को निचली अदालत ने आतंकी आरिफ को फांसी की सजा सुनाई थी। जिसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी।
विज्ञापन
जेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी का अभी किसी भी अदालत में कोई भी याचिका लंबित नहीं है। इसको देखते हुए जेल प्रशासन ने आतंकी को नोटिस दिया था। इसमें पूछा गया था कि वह फांसी की सजा के खिलाफ किसी अदालत में या फिर राष्ट्रपति के यहां दया याचिका देना चाहता है। लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी इसने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। सात दिन पूरे होने के बाद तिहाड़ प्रशासन ने अदालत को पत्र लिखकर फांसी की तारीख तय करने का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि अदालत 27 फरवरी को इसपर फैसला सुनाएगी।
विज्ञापन