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‘ये कुल्हाड़ी हमारे लिए नहीं, वर्ष 2022 इसका उत्तर देगा’
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ग्रेटर नोएडा। गोकशी के बाद बुलंदशहर के स्याना में हुई हिंसा के आरोपी योगेश राज के पंचायत चुनाव जीतने के बाद शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी रजनी सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। योगेश को चुनाव चिह्न कुल्हाड़ी मिला था। रजनी ने योगेश के चुनाव लड़ने को लेकर सवाल उठाती फेसबुक पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है ‘यह कुल्हाड़ी हमारे लिए नहीं शासन ने अपनी गर्दन के लिए चयन की है, 2022 इसका उत्तर अवश्य देगा। बता दें कि रजनी सिंह और उनका बेटा कोरोना से पीड़ित है और होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं।
दरअसल, वर्ष 2018 में गोकशी को लेकर बुलंदशहर के स्याना में जमकर बवाल और हिंसा हुई थी। सूचना पर इंस्पेक्टर सुबोध स्थिति को नियंत्रण करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनको गोली मार दी गई थी। हिंसा मामले में योगेश का नाम भी आया था। योगेश एक हिंदू संगठन से जुड़ा था। उसे जेल भी भेजा गया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। उसने इस बार बुुलंदशहर से निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ा।
सोशल मीडिया पर जैसे ही उसकी जीत की खबरें वायरल हुईं। कई लोग हिंसा मामले में नामजद होने के बावजूद चुनाव लड़ने को लेकर सवाल उठाने लगे। इसकी जानकारी मंगलवार को रजनी को हुई तो उन्होंने फेसबुक पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अन्य लोग भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं, राजनीति भी शुरू हो गई है। एक सपा नेता ने लिखा है कि वर्ष 2022 में सपा आएगी और कड़ी कार्रवाई करेगी।
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सीएम को लिखूंगी पत्र : रजनी सिंह
रजनी सिंह ने कहा कि मुझे योगेश के चुनाव लड़ने की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर चुनाव जीतने की पोस्ट देखने के बाद ही उन्हें इसका पता चला है, लेकिन वह इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखेंगी। वह जानना चाहती हैं कि संगीन केस के आरोपी को चुनाव लड़ने की अनुमति किस आधार पर और क्यों दी गई?
‘आज एक शहीद की आत्मा बहुत रोई होगी’
रजनी ने फेसबुक पर लिखा है कि ‘सरकार आज एक शहीद की आत्मा बहुत रोई होगी। हां, क्यूं नहीं रोये.. जिसने स्याना क्षेत्र के कई इंसानों की जान बचाने के लिए अपने सर को नष्ट करवा दिया हो। उस क्षेत्र की जनता ने दिखा दिया कि वे लोग इस लायक नहीं हैं। आज दो मिनट का मौन धारण कर रहीं हूं उस शासन के लिए जो मेरी निगाहों में मर चुका है, मैं मौन धारण कर रहीं हूं। उस प्रशासन के लिए जिसमें कुछ लोग इतने भूखे हैं कि पेट के लिए कुछ भी कर सकते हैं। मैं और मेरा परिवार 50 लाख रुपये में बिकने वाले इंसान नहीं हैं। सरकार अपना दिया हुआ पैसा वापस ले ले। बदले में हत्यारे का सर अपने हाथों से हमें सौंप दे। दिल भी रोया आत्मा भी। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह आप अमर थे और रहेंगे।’
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दरअसल, वर्ष 2018 में गोकशी को लेकर बुलंदशहर के स्याना में जमकर बवाल और हिंसा हुई थी। सूचना पर इंस्पेक्टर सुबोध स्थिति को नियंत्रण करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनको गोली मार दी गई थी। हिंसा मामले में योगेश का नाम भी आया था। योगेश एक हिंदू संगठन से जुड़ा था। उसे जेल भी भेजा गया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। उसने इस बार बुुलंदशहर से निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ा।
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सोशल मीडिया पर जैसे ही उसकी जीत की खबरें वायरल हुईं। कई लोग हिंसा मामले में नामजद होने के बावजूद चुनाव लड़ने को लेकर सवाल उठाने लगे। इसकी जानकारी मंगलवार को रजनी को हुई तो उन्होंने फेसबुक पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अन्य लोग भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं, राजनीति भी शुरू हो गई है। एक सपा नेता ने लिखा है कि वर्ष 2022 में सपा आएगी और कड़ी कार्रवाई करेगी।
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सीएम को लिखूंगी पत्र : रजनी सिंह
रजनी सिंह ने कहा कि मुझे योगेश के चुनाव लड़ने की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर चुनाव जीतने की पोस्ट देखने के बाद ही उन्हें इसका पता चला है, लेकिन वह इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखेंगी। वह जानना चाहती हैं कि संगीन केस के आरोपी को चुनाव लड़ने की अनुमति किस आधार पर और क्यों दी गई?
‘आज एक शहीद की आत्मा बहुत रोई होगी’
रजनी ने फेसबुक पर लिखा है कि ‘सरकार आज एक शहीद की आत्मा बहुत रोई होगी। हां, क्यूं नहीं रोये.. जिसने स्याना क्षेत्र के कई इंसानों की जान बचाने के लिए अपने सर को नष्ट करवा दिया हो। उस क्षेत्र की जनता ने दिखा दिया कि वे लोग इस लायक नहीं हैं। आज दो मिनट का मौन धारण कर रहीं हूं उस शासन के लिए जो मेरी निगाहों में मर चुका है, मैं मौन धारण कर रहीं हूं। उस प्रशासन के लिए जिसमें कुछ लोग इतने भूखे हैं कि पेट के लिए कुछ भी कर सकते हैं। मैं और मेरा परिवार 50 लाख रुपये में बिकने वाले इंसान नहीं हैं। सरकार अपना दिया हुआ पैसा वापस ले ले। बदले में हत्यारे का सर अपने हाथों से हमें सौंप दे। दिल भी रोया आत्मा भी। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह आप अमर थे और रहेंगे।’