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Noida News: बीबीएयू में शोध की होगी सख्त निगरानी, नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
Fri, 12 Sep 2025 02:55 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:55 AM IST
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बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति।स्वयं
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में अब शैक्षणिक, प्रशासनिक और शोध कार्यों की समय-समय पर समीक्षा होगी। प्रत्येक विभाग में होने वाले शोध की नियमित निगरानी की जाएगी और हर कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने का शेड्यूल बनेगा।
कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और एनआईआरएफ समिति की बैठक में विश्वविद्यालय की रैंकिंग बेहतर करने के लिए कई निर्णय लिए गए। बैठक में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, एनआईआरएफ समिति के चेयरपर्सन प्रो. कुशेंद्र मिश्रा और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. शिशिर कुमार मौजूद रहे।
बैठक में यह तय हुआ कि विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशित कराए जाएंगे और समाजोपयोगी शोध को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, पहली बार पेटेंट हासिल करने वाले शोधार्थियों और नवाचार करने वालों को विशेष पुरस्कार देने की योजना भी शुरू की जाएगी।
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प्रो. कुशेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष टीचिंग-लर्निंग, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरीच व इन्क्लूसिविटी और परसेप्शन जैसे पांचों पैमानों पर विशेष काम होगा। पिछले वर्ष की तुलना में विश्वविद्यालय ने बेहतर प्रदर्शन किया है और एग्रीकल्चर क्षेत्र में 21वीं रैंक हासिल की है।
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कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और एनआईआरएफ समिति की बैठक में विश्वविद्यालय की रैंकिंग बेहतर करने के लिए कई निर्णय लिए गए। बैठक में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, एनआईआरएफ समिति के चेयरपर्सन प्रो. कुशेंद्र मिश्रा और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. शिशिर कुमार मौजूद रहे।
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बैठक में यह तय हुआ कि विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशित कराए जाएंगे और समाजोपयोगी शोध को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, पहली बार पेटेंट हासिल करने वाले शोधार्थियों और नवाचार करने वालों को विशेष पुरस्कार देने की योजना भी शुरू की जाएगी।
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प्रो. कुशेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष टीचिंग-लर्निंग, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरीच व इन्क्लूसिविटी और परसेप्शन जैसे पांचों पैमानों पर विशेष काम होगा। पिछले वर्ष की तुलना में विश्वविद्यालय ने बेहतर प्रदर्शन किया है और एग्रीकल्चर क्षेत्र में 21वीं रैंक हासिल की है।