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Noida News: ट्यूशन के नहीं थे पैसे..गुरुजी ने ऑनलाइन क्लास से कराई नैया पार
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फोटो --
ट्यूशन के नहीं थे पैसे..गुरुजी ने ऑनलाइन क्लास से कराई नैया पार
- ग्रुप के ज्यादातर बच्चों ने दसवीं क्लास में हासिल किए 80% से अधिक अंक
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। एक तरफ जहां शिक्षा का व्यवसाय बनाया जा रहा है। वहीं कुछ ऐसे गुरु भी हैं जो पैसों को नजरअंदाज कर ज्ञान बांटने में जरा भी नहीं हिचकिचाते। यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम के बाद ऐसे ही गुरुओं का नाम सामने आया है। जेवर के थोरा गांव स्थित श्रीराम मॉडल इंटर कॉलेज की 10वीं की एक छात्रा पर ट्यूशन के पैसे न होने के चलते चार अध्यापकों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन क्लास शुरू की। इसमें अन्य बच्चों को भी शामिल किया। अब इस ग्रुप के अधिकांश बच्चों ने 80 से 90 फीसदी तक अंक हासिल किए है।
कॉलेज के अध्यापक कृपाशंकर चौहान बताते हैं की सत्र की शुरूआत में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की एक दसवीं की छात्रा के लिए उन्होंने अपने 4 साथी अध्यापकों से बातचीत फीस, किताब व अन्य सामग्री का बंदोबस्त किया। छात्रा की पढ़ाई में लगन को देखते हुए उससे ट्यूशन के लिए कहा, लेकिन छात्रा के पास ट्यूशन की फीस नहीं होने के चलते अध्यापकों ने मिलकर सोशल मीडिया पर हाईस्कूल रैंकर्स के नाम से ग्रुप बनाया उसमें कृपाशंकर चौहान ने विज्ञान, सतीश कुमार ने अंग्रेजी, विपिन मित्तल ने गणित रामजी पंडित ने सामाजिक विज्ञान का छात्रा को निशुल्क ट्यूशन देना शुरू किया। बाद में इस ग्रुप में 12 छात्रों को और जोड़ा गया। अब पहली छात्रा सहित कुल 10 बच्चों ने के 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक आने पर अध्यापकों में खासा उत्साह है।
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इन छात्रों को दिया फ्री ट्यूशन
चिराग अत्री 91% अंक, जूही 90.5% अंक, हर्ष 87.1% अंक, मोहित कुमार 86. 5% अंक, नवीन कुमार 86. 1% अंक, अंजलि 85. 5% अंक, भावना 85.16% अंक शालू 82 % अंक, दीपेश 72% अंक हासिल करने में कामयाब हुए हैं।
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सुबह टास्क और शाम को होता था निस्तारण:
सभी अध्यापक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बच्चों के निशुल्क ट्यूशन के ग्रुप पर सुबह 4 बजे दिन भर के लिए टास्क भेजते थे। बच्चों को दिन भर में जो परेशानियां पढ़ाई में आती थीं, उन सब का रात 9 बजे से पहले ग्रुप पर ही समाधान किया जाता था। सभी बच्चों को लक्ष्य के साथ ही पढ़ाई कराई गई।
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ट्यूशन के नहीं थे पैसे..गुरुजी ने ऑनलाइन क्लास से कराई नैया पार
- ग्रुप के ज्यादातर बच्चों ने दसवीं क्लास में हासिल किए 80% से अधिक अंक
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। एक तरफ जहां शिक्षा का व्यवसाय बनाया जा रहा है। वहीं कुछ ऐसे गुरु भी हैं जो पैसों को नजरअंदाज कर ज्ञान बांटने में जरा भी नहीं हिचकिचाते। यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम के बाद ऐसे ही गुरुओं का नाम सामने आया है। जेवर के थोरा गांव स्थित श्रीराम मॉडल इंटर कॉलेज की 10वीं की एक छात्रा पर ट्यूशन के पैसे न होने के चलते चार अध्यापकों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन क्लास शुरू की। इसमें अन्य बच्चों को भी शामिल किया। अब इस ग्रुप के अधिकांश बच्चों ने 80 से 90 फीसदी तक अंक हासिल किए है।
कॉलेज के अध्यापक कृपाशंकर चौहान बताते हैं की सत्र की शुरूआत में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की एक दसवीं की छात्रा के लिए उन्होंने अपने 4 साथी अध्यापकों से बातचीत फीस, किताब व अन्य सामग्री का बंदोबस्त किया। छात्रा की पढ़ाई में लगन को देखते हुए उससे ट्यूशन के लिए कहा, लेकिन छात्रा के पास ट्यूशन की फीस नहीं होने के चलते अध्यापकों ने मिलकर सोशल मीडिया पर हाईस्कूल रैंकर्स के नाम से ग्रुप बनाया उसमें कृपाशंकर चौहान ने विज्ञान, सतीश कुमार ने अंग्रेजी, विपिन मित्तल ने गणित रामजी पंडित ने सामाजिक विज्ञान का छात्रा को निशुल्क ट्यूशन देना शुरू किया। बाद में इस ग्रुप में 12 छात्रों को और जोड़ा गया। अब पहली छात्रा सहित कुल 10 बच्चों ने के 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक आने पर अध्यापकों में खासा उत्साह है।
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इन छात्रों को दिया फ्री ट्यूशन
चिराग अत्री 91% अंक, जूही 90.5% अंक, हर्ष 87.1% अंक, मोहित कुमार 86. 5% अंक, नवीन कुमार 86. 1% अंक, अंजलि 85. 5% अंक, भावना 85.16% अंक शालू 82 % अंक, दीपेश 72% अंक हासिल करने में कामयाब हुए हैं।
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सुबह टास्क और शाम को होता था निस्तारण:
सभी अध्यापक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बच्चों के निशुल्क ट्यूशन के ग्रुप पर सुबह 4 बजे दिन भर के लिए टास्क भेजते थे। बच्चों को दिन भर में जो परेशानियां पढ़ाई में आती थीं, उन सब का रात 9 बजे से पहले ग्रुप पर ही समाधान किया जाता था। सभी बच्चों को लक्ष्य के साथ ही पढ़ाई कराई गई।