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2023 जैसी बाढ़ का़ खतरा नहीं : प्रवेश
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सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री ने आईटीओ बैराज दौरा कर किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को आईटीओ बैराज का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। यमुना बैराज के सभी गेट खुले हुए हैं जिससे 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति इस बार नहीं होगी।
छह महीनों में कई विभागों ने मिलकर यमुना की बहाव क्षमता को बढ़ाने के लिए काम किया है। अब दिल्ली पहले से कहीं ज्यादा तैयार है। जलस्तर और बढ़ जाए तो भी घबराने की जरूर नहीं है। 2023 में मात्र 3.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद ही दिल्ली के बड़े हिस्से जलमग्न हो गए थे जिससे राजधानी की व्यवस्था ठप पड़ गई थी। ये सब पिछली सरकार की लापरवाही और तैयारी की कमी के कारण था। इस साल करीब 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बावजूद दिल्ली पूरी तरह सुरक्षित है। समय रहते योजना, सख्त निगरानी और समयबद्ध काम के कारण ये फर्क है।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया
उन्होंने बताया कि पहले से एहतियात बरती गई है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों और बाढ़ के मैदान में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। लोगों की सुरक्षा के लिए पुराने रेल पुल पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। आवासीय कॉलोनियां बाढ़ से बिल्कुल सुरक्षित हैं। अब तक जहां पानी गया है वे यमुना बाढ़ क्षेत्र हैं जहां लोगों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद अस्थायी झोपड़ियां बना रखी थीं। रेस्क्यू टीमें मौके पर हैं और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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प्रशासन आपातकालीन के लिए पहले से तैयार
मंत्री ने कहा कि प्रशासन को पहले से ही आपातकाल के लिए तैयार रखा था। शहर की नालियों की डी-सिल्टिंग, यमुना बाजार और वासुदेव घाट जैसे संवेदनशील स्थलों पर तटबंध मजबूत हैं। यमुना के बहाव में बाधा बनते अवरोधों को साफ किया गया है। हथिनीकुंड, वजीराबाद और ओखला बैराज से छोड़े जा रहे पानी की 24 घंटे निगरानी हो रही है। वर्ष 2023 की तरह अचानक जलभराव से अब दिल्लीवासियों को जूझना नहीं पड़ेगा। इस बार आपातकालीन योजना पहले से तैयार है। टीमें अलर्ट पर हैं और विभागों के बीच तालमेल से काम सही चल रहा है।
एनडीआरएफ की टीम ने किया राहत बचाव
दिल्ली में एनडीआरएफ की टीम ने डीडीएमए के साथ मिलकर यमुना बाजार, नजफगढ़, जैतपुर में बचाव और निकासी अभियान चलाया। इस दौरान पांच लोगों को डूबने से बचाया गया और करीब 700 लोगों और 20 पशुओं को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन के मुताबिक दो दिनों में हजारों लोगों को निचले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दिल्ली में बाढ़ की स्थिति पर एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने बताया कि मंगलवार दोपहर से ही पांच टीमें तैनात कर दी गईं थीं। बुधवार को शाम तक बाढ़ क्षेत्र से लोगों को निकालने का काम पूरा हो गया है। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है। अब स्थिति नियंत्रण में है। फिर भी टीमें चौबीसों घंटे दिल्ली बोट क्लब के सहयोगियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को आईटीओ बैराज का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। यमुना बैराज के सभी गेट खुले हुए हैं जिससे 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति इस बार नहीं होगी।
छह महीनों में कई विभागों ने मिलकर यमुना की बहाव क्षमता को बढ़ाने के लिए काम किया है। अब दिल्ली पहले से कहीं ज्यादा तैयार है। जलस्तर और बढ़ जाए तो भी घबराने की जरूर नहीं है। 2023 में मात्र 3.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद ही दिल्ली के बड़े हिस्से जलमग्न हो गए थे जिससे राजधानी की व्यवस्था ठप पड़ गई थी। ये सब पिछली सरकार की लापरवाही और तैयारी की कमी के कारण था। इस साल करीब 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बावजूद दिल्ली पूरी तरह सुरक्षित है। समय रहते योजना, सख्त निगरानी और समयबद्ध काम के कारण ये फर्क है।
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लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया
उन्होंने बताया कि पहले से एहतियात बरती गई है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों और बाढ़ के मैदान में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। लोगों की सुरक्षा के लिए पुराने रेल पुल पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। आवासीय कॉलोनियां बाढ़ से बिल्कुल सुरक्षित हैं। अब तक जहां पानी गया है वे यमुना बाढ़ क्षेत्र हैं जहां लोगों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद अस्थायी झोपड़ियां बना रखी थीं। रेस्क्यू टीमें मौके पर हैं और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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प्रशासन आपातकालीन के लिए पहले से तैयार
मंत्री ने कहा कि प्रशासन को पहले से ही आपातकाल के लिए तैयार रखा था। शहर की नालियों की डी-सिल्टिंग, यमुना बाजार और वासुदेव घाट जैसे संवेदनशील स्थलों पर तटबंध मजबूत हैं। यमुना के बहाव में बाधा बनते अवरोधों को साफ किया गया है। हथिनीकुंड, वजीराबाद और ओखला बैराज से छोड़े जा रहे पानी की 24 घंटे निगरानी हो रही है। वर्ष 2023 की तरह अचानक जलभराव से अब दिल्लीवासियों को जूझना नहीं पड़ेगा। इस बार आपातकालीन योजना पहले से तैयार है। टीमें अलर्ट पर हैं और विभागों के बीच तालमेल से काम सही चल रहा है।
एनडीआरएफ की टीम ने किया राहत बचाव
दिल्ली में एनडीआरएफ की टीम ने डीडीएमए के साथ मिलकर यमुना बाजार, नजफगढ़, जैतपुर में बचाव और निकासी अभियान चलाया। इस दौरान पांच लोगों को डूबने से बचाया गया और करीब 700 लोगों और 20 पशुओं को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन के मुताबिक दो दिनों में हजारों लोगों को निचले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दिल्ली में बाढ़ की स्थिति पर एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने बताया कि मंगलवार दोपहर से ही पांच टीमें तैनात कर दी गईं थीं। बुधवार को शाम तक बाढ़ क्षेत्र से लोगों को निकालने का काम पूरा हो गया है। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है। अब स्थिति नियंत्रण में है। फिर भी टीमें चौबीसों घंटे दिल्ली बोट क्लब के सहयोगियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं।