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Noida News: खत्म नहीं हो रहा घर का इंतजार, मिल रहीं सिर्फ तारीख
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-सुपरटेक प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदारों का फूटा दर्द
-मामले में आज फिर होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सुपरटेक प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। अपने जीवन की जमा पूंजी लगाने के 10 साल बाद भी सपनों का आशियाना नहीं मिल पाया है। फ्लैट खरीदारों को मिल रही है तो सिर्फ तारीख पर तारीख। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के आदेश पर नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) को यह प्रोजेक्ट मिला था। ऐसे में फ्लैट खरीदारों को किराए के घर और ईएमआई से मुक्ति मिलने की उम्मीद जागी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश पर स्टे लगा चुका है और सुनवाई जारी है। ऐसे में परिवार बहुत ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
हमें कुछ हो गया तो बेटी के सिर छुपाने को छत नहीं ....
फ्लैट खरीदार पारोमिता बनर्जी ने बताया कि उन्होंने 2017 में फ्लैट बुक करवाया था, लेकिन आज नौ साल बाद भी घर नहीं मिला, जबकि हम अपने घर का 95 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं। 2021 में कोरोना काल में पति का निधन हो गया था और अब हम अपनी 10 साल की बेटी के साथ अकेले किराए के घर में रहते हैं। पिछले दिनों उन्हें डेंगू हो गया था और प्लेटलेट्स 10000 रह गई थीं। 10 दिन तक आईसीयू में इलाज चला है। यदि उन्हें कुछ हो जाएगा तो बेटी के पास सिर छुपाने के लिए छत भी नहीं है।
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एनबीसीसी के आने से जागी थी उम्मीद
फ्लैट खरीदार ललित पांडेय ने बताया कि हमने 2015 में इकोविलेज 2 में फ्लैट लिया था। अबतक हम बिल्डर का 90 फीसदी भुगतान कर चुके हैं। इसके अलावा बैंक से लोन लेने के बाद ईएमआई भी चल रही है। घर का किराया भी देना होता है। 90 फीसदी भुगतान करने के बाद भी हमें हमारा घर नहीं मिल पाया है। एनबीसीसी आने के बाद उम्मीद जागी थी लेकिन फिर वही स्थिति हो गई है और एक बार फिर हमें न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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नए सिरे से चल रही सुनवाई
बता दें कि एनसीएलएटी में हुई सुनवाई के बाद सुपरटेक के अधूरे 16 प्रोजेक्ट एनबीसीसी को दिए गए थे, लेकिन इस फैसले का सुपरटेक, बैंक और प्राधिकरण ने विरोध किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस पर स्टे लगा दिया गया है और नए सिरे से प्रस्ताव देने के आदेश पर सुनवाई चल रही है।
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-मामले में आज फिर होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सुपरटेक प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। अपने जीवन की जमा पूंजी लगाने के 10 साल बाद भी सपनों का आशियाना नहीं मिल पाया है। फ्लैट खरीदारों को मिल रही है तो सिर्फ तारीख पर तारीख। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के आदेश पर नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) को यह प्रोजेक्ट मिला था। ऐसे में फ्लैट खरीदारों को किराए के घर और ईएमआई से मुक्ति मिलने की उम्मीद जागी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश पर स्टे लगा चुका है और सुनवाई जारी है। ऐसे में परिवार बहुत ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
हमें कुछ हो गया तो बेटी के सिर छुपाने को छत नहीं ....
फ्लैट खरीदार पारोमिता बनर्जी ने बताया कि उन्होंने 2017 में फ्लैट बुक करवाया था, लेकिन आज नौ साल बाद भी घर नहीं मिला, जबकि हम अपने घर का 95 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं। 2021 में कोरोना काल में पति का निधन हो गया था और अब हम अपनी 10 साल की बेटी के साथ अकेले किराए के घर में रहते हैं। पिछले दिनों उन्हें डेंगू हो गया था और प्लेटलेट्स 10000 रह गई थीं। 10 दिन तक आईसीयू में इलाज चला है। यदि उन्हें कुछ हो जाएगा तो बेटी के पास सिर छुपाने के लिए छत भी नहीं है।
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एनबीसीसी के आने से जागी थी उम्मीद
फ्लैट खरीदार ललित पांडेय ने बताया कि हमने 2015 में इकोविलेज 2 में फ्लैट लिया था। अबतक हम बिल्डर का 90 फीसदी भुगतान कर चुके हैं। इसके अलावा बैंक से लोन लेने के बाद ईएमआई भी चल रही है। घर का किराया भी देना होता है। 90 फीसदी भुगतान करने के बाद भी हमें हमारा घर नहीं मिल पाया है। एनबीसीसी आने के बाद उम्मीद जागी थी लेकिन फिर वही स्थिति हो गई है और एक बार फिर हमें न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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नए सिरे से चल रही सुनवाई
बता दें कि एनसीएलएटी में हुई सुनवाई के बाद सुपरटेक के अधूरे 16 प्रोजेक्ट एनबीसीसी को दिए गए थे, लेकिन इस फैसले का सुपरटेक, बैंक और प्राधिकरण ने विरोध किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस पर स्टे लगा दिया गया है और नए सिरे से प्रस्ताव देने के आदेश पर सुनवाई चल रही है।