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यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 दिसंबर से वाहनों की गति सीमा करनी होगी कम
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ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा 15 दिसंबर से कम हो जाएगी। सर्दियों में कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों के टकराने और दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले प्रत्येक वर्ष होते है। इस कारण यमुना प्राधिकरण की ओर से वाहनों की गति सीमा को कम करने के निर्देश दिए जाते हैं। इस बार भी वाहनों की गति सीमा 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक कम रहेगी। इस बाबत जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि कारों की गति 100 से 80 और भारी वाहनों के लिए गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी।
परिवहन विभाग की लापरवाही ने 11 साल पुरानी कर दी गाड़ी
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) के कर्मचारियों की लापरवाही ने एक शख्स की मुसीबतें बढ़ा दीं। बरौला गांव में रहने वाले संजय का चौपहिया वाहन खरीदने और बेचने का काम है। कुछ दिनों पहले उन्होंने 2012 मॉडल की कार संजीव नाम के व्यक्ति को बेची थी। आरसी ट्रांसफर का जिम्मा एआरटीओ कार्यालय का था। आरोप है कि कार्यालय ने गाड़ी तो ट्रांसफर कर दी, लेकिन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) में गाड़ी की मैन्यूफैक्चरिंग तारीख 19 मई 2012 थी, उसे एक जनवरी 2001 कर दिया। इससे गाड़ी साल पुरानी हो गई। इसे ठीक करवाने के लिए विक्रेता और खरीदार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। संजीव का कहना है कि कर्मचारियों की लापरवाही से उनकी मुसीबतें बढ़ गई हैं। नए कागजों के मुताबिक उनकी गाड़ी की वैद्यता खत्म हो गई है। जबकि, 18 मई 2027 तक उनकी गाड़ी वैध है। इस मामले में एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि फीडिंग के समय कर्मचारियों से गलती हो गई होगी। इसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा। संवाद
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परिवहन विभाग की लापरवाही ने 11 साल पुरानी कर दी गाड़ी
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) के कर्मचारियों की लापरवाही ने एक शख्स की मुसीबतें बढ़ा दीं। बरौला गांव में रहने वाले संजय का चौपहिया वाहन खरीदने और बेचने का काम है। कुछ दिनों पहले उन्होंने 2012 मॉडल की कार संजीव नाम के व्यक्ति को बेची थी। आरसी ट्रांसफर का जिम्मा एआरटीओ कार्यालय का था। आरोप है कि कार्यालय ने गाड़ी तो ट्रांसफर कर दी, लेकिन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) में गाड़ी की मैन्यूफैक्चरिंग तारीख 19 मई 2012 थी, उसे एक जनवरी 2001 कर दिया। इससे गाड़ी साल पुरानी हो गई। इसे ठीक करवाने के लिए विक्रेता और खरीदार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। संजीव का कहना है कि कर्मचारियों की लापरवाही से उनकी मुसीबतें बढ़ गई हैं। नए कागजों के मुताबिक उनकी गाड़ी की वैद्यता खत्म हो गई है। जबकि, 18 मई 2027 तक उनकी गाड़ी वैध है। इस मामले में एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि फीडिंग के समय कर्मचारियों से गलती हो गई होगी। इसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा। संवाद
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