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Noida News: एलिवेटेड रोड पर 10 दिन बंद रहेगा सेक्टर-61 से 18 की ओर जाने वाला रास्ता
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- गड्ढे की वजह जानने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने किया परीक्षण, मरम्मत तक नीचे की सड़क पर बढ़ेगा वाहनों का दबाव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा एलिवेटेड रोड पर सेक्टर-33 के सामने बने गड्ढे की जांच और मरम्मत के लिए सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाला रास्ता बुधवार से बंद कर दिया गया है। गड्ढे की वजह पता लगाने के लिए बुधवार को आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर परीक्षण किया। शुरुआती जांच में सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत के साथ नीचे की कंक्रीट सतह भी क्षतिग्रस्त मिली है। परीक्षण के नतीजों के आधार पर विशेषज्ञ गड्ढा होने का कारण और मरम्मत का तरीका तय करेंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में करीब 10 दिन लगने का अनुमान है। इस दौरान इस हिस्से में वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। जांच पूरी होने तक सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर दी गई है। प्राधिकरण के मुताबिक, फिलहाल गड्ढे का दायरा नहीं बढ़ा है।
दो दिन में एक ही जगह दोबारा गड्ढा होने से बढ़ी चिंता
एलिवेटेड रोड पर पहली बार रविवार को गड्ढा हुआ था। उस समय सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत टूट गई थी। प्राधिकरण ने तत्काल नई परत बिछाकर सड़क को समतल करा दिया था। लेकिन मंगलवार दोपहर उसी जगह करीब आधा वर्गमीटर क्षेत्र में दोबारा गड्ढा बन गया। निरीक्षण में पता चला कि बिटुमिन के साथ नीचे की कंक्रीट सतह भी टूट गई है और वहां सरिया दिखाई देने लगा है। इसके बाद मौके पर बैरिकेडिंग कर सेतु निगम के इंजीनियरों को बुलाया गया। प्राधिकरण और सेतु निगम के इंजीनियर भी गड्ढे की वजह स्पष्ट नहीं कर सके। इसके बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की मदद लेने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण ने मंगलवार को ही एलिवेटेड रोड की ड्राइंग-डिजाइन और गड्ढे की तस्वीरें आईआईटी को भेज दी थीं।
नीचे की सड़क पर रेंगते रहे वाहन, 20 मिनट में तय हुआ पांच मिनट का सफर
सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर एलिवेटेड रोड पर यातायात बंद होने से नीचे की सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। सेक्टर-61 से सेक्टर-31 के सामने तक वाहन धीमी गति से चलते रहे। शाम को सेक्टर-71 के सामने तक वाहनों की कतार लग गई। सेक्टर-53 के कंचनजंगा मार्केट मोड़, गिझोड़ मोड़ और सेक्टर-33ए की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव भी बढ़ा। बड़ी संख्या में वाहन गिझोड़ मोड़ से होशियारपुर तिराहे की ओर जाने लगे। इससे होशियारपुर तिराहे से सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक यातायात प्रभावित रहा। सेक्टर-31 का रैंप खुला रहने से कुछ वाहन एलिवेटेड रोड पर चढ़कर सेक्टर-28 के सामने उतरे और वहां से सेक्टर-18, सेक्टर-38ए, फिल्म सिटी, एक्सप्रेसवे व दिल्ली की ओर गए। नीचे की सड़क पर दबाव के कारण सेक्टर-61 से सेक्टर-28 तक पहुंचने में 20 से 22 मिनट लगे, जबकि एलिवेटेड रोड से यह सफर आमतौर पर करीब पांच मिनट में पूरा होता है।
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ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
एलिवेटेड रोड बंद होने के बाद यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। सेक्टर-61 से सेक्टर-18 जाने वाले वाहन चालक एलिवेटेड रोड के नीचे से गिझोड़ चौक और सेक्टर-31-25 चौक के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। एंबुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। यातायात संबंधी परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क किया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और सेक्टर-71, 120, 121, 122 व 73 से दिल्ली की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन चालक सुबह के समय इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आगामी दिनों में सुबह के व्यस्त समय में भी जाम की आशंका बनी रह सकती है।
480 करोड़ रुपये से बना था एलिवेटेड रोड
सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक करीब 4.8 किमी लंबा एलिवेटेड रोड लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। इसका निर्माण 15 अक्तूबर 2014 को शुरू हुआ था और इसे 14 अक्तूबर 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था। वर्ष 2017-18 में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। वर्ष 2024 में प्राधिकरण ने इसकी रिसर्फेसिंग भी कराई थी।
पहले भी धंस चुकी है सड़क
15 सितंबर को एलिवेटेड रोड पर सेक्टर-18 की ओर जाने वाले हिस्से में सेक्टर-28 के सामने रैंप पर सड़क धंस गई थी। इसके बाद बैरिकेडिंग कर मरम्मत कराई गई थी। उस दौरान खोदाई में सड़क के नीचे करीब 10 फीट लंबाई और 12 फीट गहराई तक का हिस्सा खोखला मिला था। नीचे की मिट्टी बह चुकी थी। अब दोबारा गड्ढा होने से सड़क की मजबूती और निर्माण की स्थिति को लेकर जांच की जा रही है।
एलिवेटेड रोड पर बने गड्ढे को गंभीरता से लिया गया है। इसकी वजह जानने, परीक्षण कराने और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। जांच के लिए आईआईटी की मदद भी ली जा रही है। - वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
एलिवेटेड रोड की मरम्मत के चलते यातायात डायवर्ट किया गया है। अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। नीचे की सड़क पर जाम न लगे, इसके लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। - सैय्यद अली अब्बास, डीसीपी ट्रैफिक
नंबर गेेम
4.8 किमी लंबा है एलिवेटेड रोड
480 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण
2014 में शुरू हुआ था निर्माण
2018 में यातायात के लिए खोला गया
2024 में हुई थी रिसर्फेसिंग
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा एलिवेटेड रोड पर सेक्टर-33 के सामने बने गड्ढे की जांच और मरम्मत के लिए सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाला रास्ता बुधवार से बंद कर दिया गया है। गड्ढे की वजह पता लगाने के लिए बुधवार को आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर परीक्षण किया। शुरुआती जांच में सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत के साथ नीचे की कंक्रीट सतह भी क्षतिग्रस्त मिली है। परीक्षण के नतीजों के आधार पर विशेषज्ञ गड्ढा होने का कारण और मरम्मत का तरीका तय करेंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में करीब 10 दिन लगने का अनुमान है। इस दौरान इस हिस्से में वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। जांच पूरी होने तक सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर दी गई है। प्राधिकरण के मुताबिक, फिलहाल गड्ढे का दायरा नहीं बढ़ा है।
दो दिन में एक ही जगह दोबारा गड्ढा होने से बढ़ी चिंता
एलिवेटेड रोड पर पहली बार रविवार को गड्ढा हुआ था। उस समय सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत टूट गई थी। प्राधिकरण ने तत्काल नई परत बिछाकर सड़क को समतल करा दिया था। लेकिन मंगलवार दोपहर उसी जगह करीब आधा वर्गमीटर क्षेत्र में दोबारा गड्ढा बन गया। निरीक्षण में पता चला कि बिटुमिन के साथ नीचे की कंक्रीट सतह भी टूट गई है और वहां सरिया दिखाई देने लगा है। इसके बाद मौके पर बैरिकेडिंग कर सेतु निगम के इंजीनियरों को बुलाया गया। प्राधिकरण और सेतु निगम के इंजीनियर भी गड्ढे की वजह स्पष्ट नहीं कर सके। इसके बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की मदद लेने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण ने मंगलवार को ही एलिवेटेड रोड की ड्राइंग-डिजाइन और गड्ढे की तस्वीरें आईआईटी को भेज दी थीं।
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नीचे की सड़क पर रेंगते रहे वाहन, 20 मिनट में तय हुआ पांच मिनट का सफर
सेक्टर-61 से सेक्टर-18 की ओर एलिवेटेड रोड पर यातायात बंद होने से नीचे की सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। सेक्टर-61 से सेक्टर-31 के सामने तक वाहन धीमी गति से चलते रहे। शाम को सेक्टर-71 के सामने तक वाहनों की कतार लग गई। सेक्टर-53 के कंचनजंगा मार्केट मोड़, गिझोड़ मोड़ और सेक्टर-33ए की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव भी बढ़ा। बड़ी संख्या में वाहन गिझोड़ मोड़ से होशियारपुर तिराहे की ओर जाने लगे। इससे होशियारपुर तिराहे से सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक यातायात प्रभावित रहा। सेक्टर-31 का रैंप खुला रहने से कुछ वाहन एलिवेटेड रोड पर चढ़कर सेक्टर-28 के सामने उतरे और वहां से सेक्टर-18, सेक्टर-38ए, फिल्म सिटी, एक्सप्रेसवे व दिल्ली की ओर गए। नीचे की सड़क पर दबाव के कारण सेक्टर-61 से सेक्टर-28 तक पहुंचने में 20 से 22 मिनट लगे, जबकि एलिवेटेड रोड से यह सफर आमतौर पर करीब पांच मिनट में पूरा होता है।
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एलिवेटेड रोड बंद होने के बाद यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। सेक्टर-61 से सेक्टर-18 जाने वाले वाहन चालक एलिवेटेड रोड के नीचे से गिझोड़ चौक और सेक्टर-31-25 चौक के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। एंबुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। यातायात संबंधी परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क किया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और सेक्टर-71, 120, 121, 122 व 73 से दिल्ली की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन चालक सुबह के समय इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आगामी दिनों में सुबह के व्यस्त समय में भी जाम की आशंका बनी रह सकती है।
480 करोड़ रुपये से बना था एलिवेटेड रोड
सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक करीब 4.8 किमी लंबा एलिवेटेड रोड लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। इसका निर्माण 15 अक्तूबर 2014 को शुरू हुआ था और इसे 14 अक्तूबर 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य था। वर्ष 2017-18 में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। वर्ष 2024 में प्राधिकरण ने इसकी रिसर्फेसिंग भी कराई थी।
पहले भी धंस चुकी है सड़क
15 सितंबर को एलिवेटेड रोड पर सेक्टर-18 की ओर जाने वाले हिस्से में सेक्टर-28 के सामने रैंप पर सड़क धंस गई थी। इसके बाद बैरिकेडिंग कर मरम्मत कराई गई थी। उस दौरान खोदाई में सड़क के नीचे करीब 10 फीट लंबाई और 12 फीट गहराई तक का हिस्सा खोखला मिला था। नीचे की मिट्टी बह चुकी थी। अब दोबारा गड्ढा होने से सड़क की मजबूती और निर्माण की स्थिति को लेकर जांच की जा रही है।
एलिवेटेड रोड पर बने गड्ढे को गंभीरता से लिया गया है। इसकी वजह जानने, परीक्षण कराने और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। जांच के लिए आईआईटी की मदद भी ली जा रही है। - वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
एलिवेटेड रोड की मरम्मत के चलते यातायात डायवर्ट किया गया है। अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। नीचे की सड़क पर जाम न लगे, इसके लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। - सैय्यद अली अब्बास, डीसीपी ट्रैफिक
नंबर गेेम
4.8 किमी लंबा है एलिवेटेड रोड
480 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण
2014 में शुरू हुआ था निर्माण
2018 में यातायात के लिए खोला गया
2024 में हुई थी रिसर्फेसिंग