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Noida News: प्रधानाचार्य ने बदल दी कुरियाला स्कूल की तस्वीर
Wed, 17 Sep 2025 01:34 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:34 AM IST
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कुरियाला स्कूल का भवन। संवाद
नारी (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुरियाला के प्रधानाचार्य सुदर्शन कौशल ने यह साबित कर दिया कि अगर परिवार का मुखिया ऊर्जावान और कर्मठ हो, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता। उन्होंने अपने स्टाफ और समाजसेवियों की मदद से बिना किसी सरकारी सहायता के विद्यालय में 26 लाख रुपये की राशि जुटाकर विकास कार्य करवाए और स्कूल को आधुनिक व संरचित कैंपस में बदल दिया।
जानकारी के अनुसार पुराने भवन के पुनर्निर्माण के लिए 10 लाख रुपये खर्च कर एक कक्षा का निर्माण किया गया। विद्यालय में सीढ़ियों के लिए 2 लाख रुपये, विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए शौचालय निर्माण में 5 लाख रुपये, स्टेज निर्माण में 2 लाख रुपये, और प्रांगण में पेवर टाइल लगाने के लिए 3.23 लाख रुपये खर्च किए गए। इस कार्य में स्थानीय समाजसेवक और अध्यापकों का सक्रिय सहयोग रहा, विशेष रूप से गांव की प्रतिष्ठित महिला मनोरमा देवी ने 21 लाख रुपये का विशेष योगदान दिया।
प्रधानाचार्य के प्रयासों से विद्यालय में तीन स्मार्ट रूम भी बनाए गए और खाली पड़े इतिहास प्रवक्ता पद पर एक सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक वॉलिंटियर के रूप में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। अब विद्यालय में प्रत्येक संकाय की कक्षाएं अलग-अलग संचालित हो रही हैं और छात्र आधुनिक सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। विद्यालय की स्कूल प्रबंधन कमेटी तथा ग्राम पंचायत प्रधान परमजीत सिंह तथा अन्य सदस्यों ने स्कूल प्रशासन की उपलब्धियां के लिए प्रशंसा की।
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जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक अनिल कुमार ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले स्कूल का अचानक निरीक्षण किया, जहां बच्चों और अध्यापकों को अपने कार्य में डटे देखा। उन्होंने प्रधानाचार्य के स्वयं की पहल से विद्यालय में इतनी बड़ी राशि जुटाकर बदलाव लाने की सराहना की और इसे प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
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जानकारी के अनुसार पुराने भवन के पुनर्निर्माण के लिए 10 लाख रुपये खर्च कर एक कक्षा का निर्माण किया गया। विद्यालय में सीढ़ियों के लिए 2 लाख रुपये, विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए शौचालय निर्माण में 5 लाख रुपये, स्टेज निर्माण में 2 लाख रुपये, और प्रांगण में पेवर टाइल लगाने के लिए 3.23 लाख रुपये खर्च किए गए। इस कार्य में स्थानीय समाजसेवक और अध्यापकों का सक्रिय सहयोग रहा, विशेष रूप से गांव की प्रतिष्ठित महिला मनोरमा देवी ने 21 लाख रुपये का विशेष योगदान दिया।
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प्रधानाचार्य के प्रयासों से विद्यालय में तीन स्मार्ट रूम भी बनाए गए और खाली पड़े इतिहास प्रवक्ता पद पर एक सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक वॉलिंटियर के रूप में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। अब विद्यालय में प्रत्येक संकाय की कक्षाएं अलग-अलग संचालित हो रही हैं और छात्र आधुनिक सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। विद्यालय की स्कूल प्रबंधन कमेटी तथा ग्राम पंचायत प्रधान परमजीत सिंह तथा अन्य सदस्यों ने स्कूल प्रशासन की उपलब्धियां के लिए प्रशंसा की।
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जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक अनिल कुमार ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले स्कूल का अचानक निरीक्षण किया, जहां बच्चों और अध्यापकों को अपने कार्य में डटे देखा। उन्होंने प्रधानाचार्य के स्वयं की पहल से विद्यालय में इतनी बड़ी राशि जुटाकर बदलाव लाने की सराहना की और इसे प्रेरणादायक उदाहरण बताया।