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Noida News: गाजियाबाद के ध्यानार्थ चार मजदूरों की मौत के गुनाहगारों तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ
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नगला हुकुम सिंह गांव में अवैध रूप से बना तीन मंजिला मकान ढह गया था
अब तक मुख्य आरोपी गिरफ्त में नहीं आए
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नगला हुकुम सिंह गांव में करोड़ों रुपये के मुआवजे की अंधी दौड़ में अवैध रूप से बन रहे तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान ढहने से चार मजदूरों ने अपनी जान गवां दी थी। साथ ही छह मजदूर घायल हो गए थे। घटना को कई दिन बीतने के बाद भी अभी पुलिस की पकड़ से मुख्य आरोपी दूर हैं।
नोएडा एयरपोर्ट के लिए दूसरे चरण की भूमि के लिए नगला हुकुम सिंह गांव का विस्थापन होना है। विस्थापन की प्रक्रिया में करोड़ों का मुआवजा पाने के लालच में बहुत से मकान मालिक अपने घर के पीछे चुपके से कई-कई बीघा जमीन पर तीन-तीन मंजिला मकान बना रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे लंबे समय से यह खेल चल रहा था। 19 नवंबर को सुबह लगभग दस बजे शटरिंग खोलते वक्त एक मकान भरभराकर गिर गया। इस दौरान मकान में लगभग 8 मजदूर कार्य कर रहे थे। महिला मजदूर के साथ दो बच्चे भी वहीं पर खेल रहे थे। हादसे में पांच मजदूर उसमें दब गए। अन्य चोटिल हुए। एक मजदूर को किसी तरह से मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, चार मजदूरों को देर रात तक निकाला गया। इनमें से जीशान (22), शाकिर (38), कामिल (20) तीनों निवासी मोहल्ला रावलपट्टी, नई बस्ती (जेवर) और नदीम (25) निवासी कालछिना मोदीनगर, गाजियाबाद की मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गांव में महावीर सिंह, उसकी पत्नी राजबाला, पुत्र गौरव सिंह सहित शटरिंग ठेकेदार मनोज को आरोपी बनाया। इस मामले में पुलिस ने मनोज को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया था। उसे न्यायालय से जमानत मिल गई। वहीं, अन्य तीन मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस मामले में रबूपुरा थाना प्रभारी सुजीत कुमार उपाध्याय का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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नहीं शुरू हुआ अवैध मकानों को गिराने का काम
नगला हुकुम सिंह गांव में अवैध बने मकानों के खिलाफ पूर्व में 90 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। खास बात यह थी कि इनमें से एक मकान वह भी था जो निर्माण के दौरान ढह गया। चार मजदूरों की मौत के बाद जेवर प्रशासन की ओर से अवैध मकानों को चिह्नित कर उन पर क्राॅस का निशान लगाने और उनको ढहाने की प्रक्रिया की जानी थी। इस मामले को कई दिन बीतने के बाद भी अभी तक प्रशासन का अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा है।
परिजनों को जिलाधिकारी से मिलवाकर तत्काल आर्थिक सहायता दिलाई
रबूपुरा। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विकास प्रधान के नेतृत्व में गांव नगला हुकम सिंह हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को जिलाधिकारी से मिलवाया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि परिजनों की जिलाधिकारी से मुलाकात कराकर तत्काल आर्थिक सहायता दिलाई गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक परिजन को एक लाख 25 हजार रुपये दिए। वहीं, प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से 15 दिन में दिलाने का वादा किया है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कृष्णा नगर ने कहा कि आगे से ऐसे हादसे न हों इसलिए ऐसे मामलों का तत्काल संज्ञान लेकर जिला प्रशासन कार्रवाई करे। इस मौके पर रवींद्र प्रधान व इमरान आदि लोग मौजूद।
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अब तक मुख्य आरोपी गिरफ्त में नहीं आए
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नगला हुकुम सिंह गांव में करोड़ों रुपये के मुआवजे की अंधी दौड़ में अवैध रूप से बन रहे तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान ढहने से चार मजदूरों ने अपनी जान गवां दी थी। साथ ही छह मजदूर घायल हो गए थे। घटना को कई दिन बीतने के बाद भी अभी पुलिस की पकड़ से मुख्य आरोपी दूर हैं।
नोएडा एयरपोर्ट के लिए दूसरे चरण की भूमि के लिए नगला हुकुम सिंह गांव का विस्थापन होना है। विस्थापन की प्रक्रिया में करोड़ों का मुआवजा पाने के लालच में बहुत से मकान मालिक अपने घर के पीछे चुपके से कई-कई बीघा जमीन पर तीन-तीन मंजिला मकान बना रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे लंबे समय से यह खेल चल रहा था। 19 नवंबर को सुबह लगभग दस बजे शटरिंग खोलते वक्त एक मकान भरभराकर गिर गया। इस दौरान मकान में लगभग 8 मजदूर कार्य कर रहे थे। महिला मजदूर के साथ दो बच्चे भी वहीं पर खेल रहे थे। हादसे में पांच मजदूर उसमें दब गए। अन्य चोटिल हुए। एक मजदूर को किसी तरह से मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, चार मजदूरों को देर रात तक निकाला गया। इनमें से जीशान (22), शाकिर (38), कामिल (20) तीनों निवासी मोहल्ला रावलपट्टी, नई बस्ती (जेवर) और नदीम (25) निवासी कालछिना मोदीनगर, गाजियाबाद की मौत हो गई।
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इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गांव में महावीर सिंह, उसकी पत्नी राजबाला, पुत्र गौरव सिंह सहित शटरिंग ठेकेदार मनोज को आरोपी बनाया। इस मामले में पुलिस ने मनोज को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया था। उसे न्यायालय से जमानत मिल गई। वहीं, अन्य तीन मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस मामले में रबूपुरा थाना प्रभारी सुजीत कुमार उपाध्याय का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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नहीं शुरू हुआ अवैध मकानों को गिराने का काम
नगला हुकुम सिंह गांव में अवैध बने मकानों के खिलाफ पूर्व में 90 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। खास बात यह थी कि इनमें से एक मकान वह भी था जो निर्माण के दौरान ढह गया। चार मजदूरों की मौत के बाद जेवर प्रशासन की ओर से अवैध मकानों को चिह्नित कर उन पर क्राॅस का निशान लगाने और उनको ढहाने की प्रक्रिया की जानी थी। इस मामले को कई दिन बीतने के बाद भी अभी तक प्रशासन का अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा है।
परिजनों को जिलाधिकारी से मिलवाकर तत्काल आर्थिक सहायता दिलाई
रबूपुरा। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विकास प्रधान के नेतृत्व में गांव नगला हुकम सिंह हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को जिलाधिकारी से मिलवाया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि परिजनों की जिलाधिकारी से मुलाकात कराकर तत्काल आर्थिक सहायता दिलाई गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक परिजन को एक लाख 25 हजार रुपये दिए। वहीं, प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से 15 दिन में दिलाने का वादा किया है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कृष्णा नगर ने कहा कि आगे से ऐसे हादसे न हों इसलिए ऐसे मामलों का तत्काल संज्ञान लेकर जिला प्रशासन कार्रवाई करे। इस मौके पर रवींद्र प्रधान व इमरान आदि लोग मौजूद।