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Noida News: श्रीनगर-लेह-यारकंद मार्ग की विरासत बताई
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज ने श्रीनगर–लेह–यारकंद मार्ग की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। मुख्य वक्ता जेएनयू के इतिहासकार डॉ. महेश रंजन देबाता ने मार्ग को सदियों तक व्यापार, वाणिज्य और सांस्कृतिक संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग उच्च हिमालयी क्षेत्रों को जोड़ने के साथ-साथ विभिन्न सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संवाद का सशक्त सेतु रहा है।
स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविंद ने कहा कि इतिहास केवल युद्धों और राजवंशों तक सीमित नहीं है बल्कि यह संस्कृति को समझने का व्यापक माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उपेंद्र सिंह ने किया। विभाग के संकाय सदस्य डॉ. अंजू, डॉ. प्रियंका, डॉ. अनुराधा, डॉ. पवन, डॉ. विज्ञा आदि मौजूद रहे।
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ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज ने श्रीनगर–लेह–यारकंद मार्ग की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। मुख्य वक्ता जेएनयू के इतिहासकार डॉ. महेश रंजन देबाता ने मार्ग को सदियों तक व्यापार, वाणिज्य और सांस्कृतिक संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग उच्च हिमालयी क्षेत्रों को जोड़ने के साथ-साथ विभिन्न सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संवाद का सशक्त सेतु रहा है।
स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविंद ने कहा कि इतिहास केवल युद्धों और राजवंशों तक सीमित नहीं है बल्कि यह संस्कृति को समझने का व्यापक माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उपेंद्र सिंह ने किया। विभाग के संकाय सदस्य डॉ. अंजू, डॉ. प्रियंका, डॉ. अनुराधा, डॉ. पवन, डॉ. विज्ञा आदि मौजूद रहे।
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