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Noida News: देश का सबसे प्रदूषित शहर बना, औद्याेगिक नगरी का एक्यूआई 331 पर पहुंचा
Sun, 26 Oct 2025 01:39 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 26 Oct 2025 01:39 AM IST
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गोहाना रोड शुगर मिल के पास कुड़े में लगी आग से उठता धुआ। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। ग्रैप-2 के नियमों की धरातल पर पालन नहीं हो पा रही है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर में लोग आग लगा रहे हैं और निर्माण कार्य भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। ऐसे में शनिवार को सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 331 पर पहुंच गया। यह दिल्ली के प्रदूषण स्तर को पीछे छोड़ देश के सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में पहुंच गया। यह बहुत की खराब श्रेणी में आ गया। दिन के समय मौसम में कुछ बदलाव और हवा चलने के बाद एयर क्वालिटी में कुछ सुधार देखने को मिला। यह शाम को 269 पर आ गया। इसमें विषैली गैस के अलावा धूल के कण भी अधिक मिले।
शनिवार सुबह ही आसमान गैस के मानिंद नजर आ रहा था । पानीपत का एक्यूआई सुबह 10 बजे 331 पर पहुंच गया। एक्यूआई बढ़ने पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और आंखों में जलन रही। जिला नागरिक अस्पताल और निजी अस्पताल में इन बीमारियों की ओपीडी सामान्य दिनों से अधिक रही। दिन के समय करीब पांच किलोमीटर की गति से हवा चली। इसके बाद हवा से धूल और धुआं कुछ कम हुआ। शनिवार को दोपहर को एक्यूआई 269 पर आ गया। यह शाम के समय फिर से बढ़ने लगा।
दिन में बंद रात को चिमनी चालू
ग्रैप-2 में डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध है। वहीं प्रदूषण फैलाने वाली चिमनी बंद की गई हैं। शहर में दिन के समय बेशक ऐसी चिमनी बंद रहती हैं लेकिन शाम होते ही चिमनी चल पड़ती हैं। शहर में रातभर चोरी छिपे चिमनी चल रही हैं। इनके चलने से हवा में विषैली गैस की मात्रा बढ़ रही हैं। काबड़ी रोड, पुराना औद्योगिक क्षेत्र में कई जगह चिमनी चल रही हैं। होटलों, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर सहित कोयले और लकड़ी के उपयोग पर रोक है। जबकि भट्ठी और तंदूर दिनभर चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे
ग्रैप-2 में औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों पर भी रोक है। शहर छोटे से लेकर बड़े स्तर पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और जिला नगर योजनाकर विभाग का इनको रोकने की तरफ अब तक कोई प्लान नहीं बन पा रहा है। ऐसे में धूल के कण भी लगातार बढ़ रहे हैं।
निगम के पास एंटी स्माॅग गन तक नहीं
ग्रैप-टू में शहर में सफाई मशीन से करना है। वहीं एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव करना है। नगर निगम क्षेत्र में आज भी झाडू से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम के पास एंटी-स्मॉग गन नहीं है। इससे वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वायुमंडल में पानी का छिड़काव किया जाता है। यह मुख्य रूप से पानी की टंकी के रूप में एक जल स्रोत से जुड़ा होता है और इसे चलने वाले वाहनों पर लगाया जाता है।
एंटी स्मॉग गन का प्रस्ताव हाउस की बैठक में पास किया गया है। इसका शॉर्ट टर्म टेंडर लगाया जाएगा। इसके साथ शहर में प्रयोग करना शुरू किया जाएगा।
गोपाल कलावत, एक्सईएन, नगर निगम।
एक्यूआई शनिवार सुबह कुछ अधिक रहा। दिन में हवा चलने के बाद कुछ कम हुआ है। ग्रैप-2 लागू कर संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। इसकी अनुपालन न होने पर कार्रवाई की जाएंगी।
कुलदीप, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
पानीपत। ग्रैप-2 के नियमों की धरातल पर पालन नहीं हो पा रही है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर में लोग आग लगा रहे हैं और निर्माण कार्य भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। ऐसे में शनिवार को सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 331 पर पहुंच गया। यह दिल्ली के प्रदूषण स्तर को पीछे छोड़ देश के सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में पहुंच गया। यह बहुत की खराब श्रेणी में आ गया। दिन के समय मौसम में कुछ बदलाव और हवा चलने के बाद एयर क्वालिटी में कुछ सुधार देखने को मिला। यह शाम को 269 पर आ गया। इसमें विषैली गैस के अलावा धूल के कण भी अधिक मिले।
शनिवार सुबह ही आसमान गैस के मानिंद नजर आ रहा था । पानीपत का एक्यूआई सुबह 10 बजे 331 पर पहुंच गया। एक्यूआई बढ़ने पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और आंखों में जलन रही। जिला नागरिक अस्पताल और निजी अस्पताल में इन बीमारियों की ओपीडी सामान्य दिनों से अधिक रही। दिन के समय करीब पांच किलोमीटर की गति से हवा चली। इसके बाद हवा से धूल और धुआं कुछ कम हुआ। शनिवार को दोपहर को एक्यूआई 269 पर आ गया। यह शाम के समय फिर से बढ़ने लगा।
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दिन में बंद रात को चिमनी चालू
ग्रैप-2 में डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध है। वहीं प्रदूषण फैलाने वाली चिमनी बंद की गई हैं। शहर में दिन के समय बेशक ऐसी चिमनी बंद रहती हैं लेकिन शाम होते ही चिमनी चल पड़ती हैं। शहर में रातभर चोरी छिपे चिमनी चल रही हैं। इनके चलने से हवा में विषैली गैस की मात्रा बढ़ रही हैं। काबड़ी रोड, पुराना औद्योगिक क्षेत्र में कई जगह चिमनी चल रही हैं। होटलों, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर सहित कोयले और लकड़ी के उपयोग पर रोक है। जबकि भट्ठी और तंदूर दिनभर चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे
ग्रैप-2 में औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों पर भी रोक है। शहर छोटे से लेकर बड़े स्तर पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और जिला नगर योजनाकर विभाग का इनको रोकने की तरफ अब तक कोई प्लान नहीं बन पा रहा है। ऐसे में धूल के कण भी लगातार बढ़ रहे हैं।
निगम के पास एंटी स्माॅग गन तक नहीं
ग्रैप-टू में शहर में सफाई मशीन से करना है। वहीं एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव करना है। नगर निगम क्षेत्र में आज भी झाडू से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम के पास एंटी-स्मॉग गन नहीं है। इससे वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वायुमंडल में पानी का छिड़काव किया जाता है। यह मुख्य रूप से पानी की टंकी के रूप में एक जल स्रोत से जुड़ा होता है और इसे चलने वाले वाहनों पर लगाया जाता है।
एंटी स्मॉग गन का प्रस्ताव हाउस की बैठक में पास किया गया है। इसका शॉर्ट टर्म टेंडर लगाया जाएगा। इसके साथ शहर में प्रयोग करना शुरू किया जाएगा।
गोपाल कलावत, एक्सईएन, नगर निगम।
एक्यूआई शनिवार सुबह कुछ अधिक रहा। दिन में हवा चलने के बाद कुछ कम हुआ है। ग्रैप-2 लागू कर संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। इसकी अनुपालन न होने पर कार्रवाई की जाएंगी।
कुलदीप, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

गोहाना रोड शुगर मिल के पास कुड़े में लगी आग से उठता धुआ। संवाद- फोटो : अमर उजाला

गोहाना रोड शुगर मिल के पास कुड़े में लगी आग से उठता धुआ। संवाद- फोटो : अमर उजाला