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जिले को इको टूरिज्म के तौर पर किया जाएगा तैयार
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नोएडा। कार्बन उत्सर्जन और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए प्रदेश सरकार का 5 साल में 175 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। एक जिला एक उत्पाद की तर्ज पर ही एक जिला एक पर्यटक स्थल बनाने का प्रयास है। यह कहना है वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना का। उत्तर प्रदेश वन निगम से शुक्रवार को सेक्टर-18 में डायवर्सिटी एंड इनोवेटिव पाथवेज फॉर फॉरेस्ट कॉरपोरेशन पर संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण के समन्वय के साथ। हमारा औषधीय पौधे लगाने पर जोर है, ताकि लोगों को शारीरिक के साथ आर्थिक रूप से फायदा भी मिल सके। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का फैसला किया है। वाराणसी में देवदारी वाटरफॉल के प्रचार पर काम कर रहे है। इसी तरह आगरा और नोएडा में इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं।
पर्यावरण वन, जंतु उद्यान और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि घर में जन्मदिन के मौके पर पौधे लगाए। वहीं, मृत्यु के बाद अस्थियों को नदी में विसर्जित करने की बजाय मिट्टी में दबाकर उस पर पौधे लगाए और देखभाल करें। इससे अपनापन महसूस होगा और आने वाली पीढ़ियों को संदेश दे सकेंगे। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने कहा कि पेरिस समझौते और जलवायु परिवर्तन पर ग्लासको शिखर सम्मेलन के अनुसार, कार्बन पृथक्करण में महत्वपूर्ण अवसर है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। वुड की गुड का नारा दिया। इसमें छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक वन विकास निगमों के प्रबंध निदेशक और उच्च अधिकारियों ने विचार रखे। जिले में 17 लाख पौधे-पेड़ हैं, हालांकि जिले में घने जंगल नहीं हैं, लेकिन लगभग 2 हजार हेक्टेयर भूमि जंगल के अंतर्गत आती है। जिला वन विभाग ने इस मानसून में 10 लाख पेड़ लगाने की योजना बनाई है।
पेड़ तभी काटे जाएं जब पौधे लगाने के लिए जगह न ढूंढ ली जाए
पेड़ों को तभी काटा जाए जब उसको दूसरी जगह पर नहीं लगाया जा सके। पर्थला फ्लाईओवर पर काटे गए पेड़ों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है उनको मेरे आने से पहले पेड़ काटने की अनुमति मिली हो। हालांकि इस बारे में प्राधिकरण से पूछा जाएगा। पेड़ों को कंक्रीट में न ढका जाए। इसके साथ ही ट्री गार्ड, जिसकी वजह से पेड़ का तना दब रहा है, उसको हटाया जाए।
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पर्यावरण वन, जंतु उद्यान और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि घर में जन्मदिन के मौके पर पौधे लगाए। वहीं, मृत्यु के बाद अस्थियों को नदी में विसर्जित करने की बजाय मिट्टी में दबाकर उस पर पौधे लगाए और देखभाल करें। इससे अपनापन महसूस होगा और आने वाली पीढ़ियों को संदेश दे सकेंगे। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने कहा कि पेरिस समझौते और जलवायु परिवर्तन पर ग्लासको शिखर सम्मेलन के अनुसार, कार्बन पृथक्करण में महत्वपूर्ण अवसर है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। वुड की गुड का नारा दिया। इसमें छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक वन विकास निगमों के प्रबंध निदेशक और उच्च अधिकारियों ने विचार रखे। जिले में 17 लाख पौधे-पेड़ हैं, हालांकि जिले में घने जंगल नहीं हैं, लेकिन लगभग 2 हजार हेक्टेयर भूमि जंगल के अंतर्गत आती है। जिला वन विभाग ने इस मानसून में 10 लाख पेड़ लगाने की योजना बनाई है।
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पेड़ तभी काटे जाएं जब पौधे लगाने के लिए जगह न ढूंढ ली जाए
पेड़ों को तभी काटा जाए जब उसको दूसरी जगह पर नहीं लगाया जा सके। पर्थला फ्लाईओवर पर काटे गए पेड़ों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है उनको मेरे आने से पहले पेड़ काटने की अनुमति मिली हो। हालांकि इस बारे में प्राधिकरण से पूछा जाएगा। पेड़ों को कंक्रीट में न ढका जाए। इसके साथ ही ट्री गार्ड, जिसकी वजह से पेड़ का तना दब रहा है, उसको हटाया जाए।
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