{"_id":"69010eb0c7f7b667380e65e4","slug":"the-devotees-were-mesmerized-by-the-story-of-the-marriage-of-lord-shiva-and-goddess-parvati-na-news-c-275-1-smbd1033-128492-2025-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: भगवान शिव व माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: भगवान शिव व माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
विज्ञापन
संभल। असमोली क्षेत्र के गांव शफातनगर में चल रहे श्रीमद्भागवत पुराण के तीसरे दिन कथाव्यास आचार्य रामसेवक पुरी ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया। इस प्रसंग को सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी सजाई गई। कथा व्यास ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ से विवाह करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बरात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार किया।
विवाह प्रसंग के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए। विवाह प्रसंग के दौरान भजनों की प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया। इस दौरान महावीर सिंह, राजपाल सिंह, मूलचंद्र पाल, किरन पाल सिंह, कृष्णा देवी, आकाश पाल, टोप सिंह, जबर सिंह पाल, रिंकू पाल, बब्बू, चरन सिंह, संजीव कुमार आदि रहे। 00000
इनसेट
गाय, गंगा व गीता को संरक्षित करने का संकल्प
श्रीमद्भागवत पुराण कथा से पहले प्राचीन श्री चामुंडा देवी मंदिर में मंगलवार की सुबह यज्ञ किया गया। इसमें गाय, गंगा व गीता को संरक्षित करने का संकल्प के साथ आहुति दी गईं। कथाव्यास ने श्रद्धालुओं को बताया कि गोमाता के बारे में हमें गलत शब्द के उच्चारण से बचना चाहिए। जिस गाय माता में 33 कोटि देवताओं का वास होता हैं। वह गाय वंदनीय है। उसके बारे में गलत शब्द का प्रयोग से धर्म की हानि होती है। उन्होंने गो सेवा करने को कहा। बताया कि गोसेवा से आर्थिक और सामाजिक उन्नति होती है और जो व्यक्ति गाय की पूजा करता है, उसकी आर्थिक उन्नति निश्चित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विवाह प्रसंग के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए। विवाह प्रसंग के दौरान भजनों की प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया। इस दौरान महावीर सिंह, राजपाल सिंह, मूलचंद्र पाल, किरन पाल सिंह, कृष्णा देवी, आकाश पाल, टोप सिंह, जबर सिंह पाल, रिंकू पाल, बब्बू, चरन सिंह, संजीव कुमार आदि रहे। 00000
विज्ञापन
इनसेट
गाय, गंगा व गीता को संरक्षित करने का संकल्प
श्रीमद्भागवत पुराण कथा से पहले प्राचीन श्री चामुंडा देवी मंदिर में मंगलवार की सुबह यज्ञ किया गया। इसमें गाय, गंगा व गीता को संरक्षित करने का संकल्प के साथ आहुति दी गईं। कथाव्यास ने श्रद्धालुओं को बताया कि गोमाता के बारे में हमें गलत शब्द के उच्चारण से बचना चाहिए। जिस गाय माता में 33 कोटि देवताओं का वास होता हैं। वह गाय वंदनीय है। उसके बारे में गलत शब्द का प्रयोग से धर्म की हानि होती है। उन्होंने गो सेवा करने को कहा। बताया कि गोसेवा से आर्थिक और सामाजिक उन्नति होती है और जो व्यक्ति गाय की पूजा करता है, उसकी आर्थिक उन्नति निश्चित है।
विज्ञापन