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Noida News: पुराने विद्यालय भेजने का विभाग बना रहा दबाव, शिक्षकों में नाराजगी
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कोर्ट में मामला लंबित, शिक्षकों ने कहा- आदेश के बाद ही हो कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के भीतर समायोजित परिषदीय शिक्षकों को दोबारा उनके पुराने विद्यालयों में भेजे जाने के विभागीय दबाव पर नाराजगी बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि इस मामले पर फिलहाल कोर्ट में सुनवाई चल रही है, इसलिए विभाग को किसी भी निर्णय से पहले न्यायालय के आदेश का इंतजार करना चाहिए।
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की ओर से बिना किसी स्पष्ट निर्देश के उन्हें जबरन रिलीव किया जा रहा है। इतना ही नहीं, कई स्कूलों में उन्हें उपस्थिति दर्ज कराने तक की अनुमति नहीं दी जा रही। इस कदम से बिसरख ब्लॉक के लगभग 18 शिक्षक प्रभावित हुए हैं।
शिक्षकों ने बताया कि जहां शिक्षकों की संख्या अधिक थी, वहां से समायोजन किया गया था। समायोजन के बाद शिक्षकों ने संबंधित स्कूलों में नियमित रूप से जॉइन कर लिया था। लेकिन अब विभाग की ओर से एकल स्कूल का हवाला देते हुए फिर से पुराने विद्यालयों में भेजा जा रहा है।
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शिक्षकों ने बताया कि जुलाई में ही उन्होंने अपने बच्चों के दाखिले नए स्कूलों के अनुसार कराए थे और कई ने अपने निवास स्थल भी बदल लिए हैं। अब अचानक तबादला आदेश जारी होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ प्रदेश भर के शिक्षक कोर्ट का रुख कर चुके हैं और मामले की सुनवाई जारी है। इसके बावजूद विभाग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि मेडिकल अवकाश पर चल रहे शिक्षकों को भी रिलीव कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग को कोर्ट के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि मामला कोर्ट में चल रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के भीतर समायोजित परिषदीय शिक्षकों को दोबारा उनके पुराने विद्यालयों में भेजे जाने के विभागीय दबाव पर नाराजगी बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि इस मामले पर फिलहाल कोर्ट में सुनवाई चल रही है, इसलिए विभाग को किसी भी निर्णय से पहले न्यायालय के आदेश का इंतजार करना चाहिए।
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की ओर से बिना किसी स्पष्ट निर्देश के उन्हें जबरन रिलीव किया जा रहा है। इतना ही नहीं, कई स्कूलों में उन्हें उपस्थिति दर्ज कराने तक की अनुमति नहीं दी जा रही। इस कदम से बिसरख ब्लॉक के लगभग 18 शिक्षक प्रभावित हुए हैं।
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शिक्षकों ने बताया कि जहां शिक्षकों की संख्या अधिक थी, वहां से समायोजन किया गया था। समायोजन के बाद शिक्षकों ने संबंधित स्कूलों में नियमित रूप से जॉइन कर लिया था। लेकिन अब विभाग की ओर से एकल स्कूल का हवाला देते हुए फिर से पुराने विद्यालयों में भेजा जा रहा है।
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शिक्षकों ने बताया कि जुलाई में ही उन्होंने अपने बच्चों के दाखिले नए स्कूलों के अनुसार कराए थे और कई ने अपने निवास स्थल भी बदल लिए हैं। अब अचानक तबादला आदेश जारी होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ प्रदेश भर के शिक्षक कोर्ट का रुख कर चुके हैं और मामले की सुनवाई जारी है। इसके बावजूद विभाग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि मेडिकल अवकाश पर चल रहे शिक्षकों को भी रिलीव कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग को कोर्ट के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि मामला कोर्ट में चल रहा है।