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Noida News: केंचुए व गोबर की खाद से फसल लहलहाई, आय हुई दोगुनी
Sat, 13 Sep 2025 02:59 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:59 AM IST
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कुछ इस तरह बनाई जाएगी गाय के गोबर और केंचुए से जैविक खाद। स्रोत ः स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। रासायनिक खाद से भले ही फसल अच्छी दिखे, मगर लंबे समय में यह मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाती है। इसका विकल्प खोजते हुए किसान अब जैविक खाद की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। केंचुए और गोबर से बनी खाद ने न सिर्फ फसल को बेहतर किया है बल्कि किसानों की आमदनी भी दोगुनी कर दी है।
शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में आयोजित मल्टीपरपज प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज (एम-पैक्स) के सदस्यता महाभियान कार्यक्रम में किसानों ने प्रदर्शनी लगाई। यहां उन्होंने जैविक खाद और अन्य नवाचारों के जरिये फसल उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी।
रायबरेली के स्नातक पास महीप कुमार ने बताया कि नौकरी की तैयारी में सफलता न मिलने के बाद उन्होंने स्टार्टअप की राह पकड़ी। खेतों में पाए जाने वाले केंचुए और गाय के गोबर से खाद तैयार कर जैविक खेती शुरू की। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कम लागत में पैदावार भी अधिक होती है।
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दिल्ली के वकार ने नारियल के छिलके से गमले और अन्य वस्तुएं बनाने का तरीका बताया। वहीं केला, संतरा व अन्य फलों के छिलकों से जैविक खाद तैयार की। उनके मुताबिक जापानी और भारतीय तकनीक से तैयार यह खाद फसलों और सब्जियों के लिए बेहद कारगर है।
आगरा के आयुष ने बताया कि खेतों में अक्सर मिलने वाले भांग के पेड़ों से केवल नशा ही नहीं बल्कि उसकी टहनियों से धागा और उससे कपड़े तक बनाए जाते हैं।
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लखनऊ। रासायनिक खाद से भले ही फसल अच्छी दिखे, मगर लंबे समय में यह मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाती है। इसका विकल्प खोजते हुए किसान अब जैविक खाद की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। केंचुए और गोबर से बनी खाद ने न सिर्फ फसल को बेहतर किया है बल्कि किसानों की आमदनी भी दोगुनी कर दी है।
शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में आयोजित मल्टीपरपज प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज (एम-पैक्स) के सदस्यता महाभियान कार्यक्रम में किसानों ने प्रदर्शनी लगाई। यहां उन्होंने जैविक खाद और अन्य नवाचारों के जरिये फसल उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी।
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रायबरेली के स्नातक पास महीप कुमार ने बताया कि नौकरी की तैयारी में सफलता न मिलने के बाद उन्होंने स्टार्टअप की राह पकड़ी। खेतों में पाए जाने वाले केंचुए और गाय के गोबर से खाद तैयार कर जैविक खेती शुरू की। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कम लागत में पैदावार भी अधिक होती है।
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दिल्ली के वकार ने नारियल के छिलके से गमले और अन्य वस्तुएं बनाने का तरीका बताया। वहीं केला, संतरा व अन्य फलों के छिलकों से जैविक खाद तैयार की। उनके मुताबिक जापानी और भारतीय तकनीक से तैयार यह खाद फसलों और सब्जियों के लिए बेहद कारगर है।
आगरा के आयुष ने बताया कि खेतों में अक्सर मिलने वाले भांग के पेड़ों से केवल नशा ही नहीं बल्कि उसकी टहनियों से धागा और उससे कपड़े तक बनाए जाते हैं।

कुछ इस तरह बनाई जाएगी गाय के गोबर और केंचुए से जैविक खाद। स्रोत ः स्वयं

कुछ इस तरह बनाई जाएगी गाय के गोबर और केंचुए से जैविक खाद। स्रोत ः स्वयं