फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   The country's largest aeroplane repair center will be built in Jewar

नोएडा : जेवर में बनेगा देश का सबसे बड़ा हवाई जहाज रिपेयरिंग केंद्र

Thu, 18 Mar 2021 06:18 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Thu, 18 Mar 2021 06:18 AM IST
विज्ञापन
The country's largest aeroplane repair center will be built in Jewar
सांकेतिक चित्र... - फोटो : pixabay

नोएडा एयरपोर्ट के पास देश के सबसे बड़े मेंटीनेंस, रिपेयर व ओवरहालिंग (एमआरओ) सेंटर व तीसरे रनवे के लिए जमीन का इंतजाम जल्द हो सकेगा। यूपी कैबिनेट ने एयरपोर्ट के दूसरे चरण की जमीन अधिगृहीत करने की मंजूरी दे दी है। एमआरओ बनने से एयरक्राफ्ट रिपेयर करने के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा। दूसरे चरण में 7 गांवों की 1365 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत होनी है। इस पर करीब 2890 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा एयरपोर्ट के पांच रनवे बनाने को मंजूरी दे चुकी है। पहले चरण में दो रनवे बनाने का जिम्मा ज्यूरिख कंपनी को दिया जा चुका है। दूसरे चरण में तीसरा रनवे और एमआरओ सेंटर बनना है। इसके लिए 1365 हेक्टेयर जमीन की दरकार है।
विज्ञापन


ये जमीन जेवर के सात गांवों करौली बांगर, कुरैब, बीरमपुर, दयानतपुर, रन्हेरा, नंगला शाहपुर और मुंढेरा में ली जानी है। इस जमीन को अधिगृहीत करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेजा था, जिस पर कैबिनेट मंगलवार को मुहर लगा दी है। अब जल्द ही इन सात गांवों की जमीन अधिगृहीत करने के लिए अधिसूचना जारी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, देश का एकमात्र एमआरओ सेंटर नागपुर में बना हुआ है। मुंबई एयरपोर्ट तक आने वाले विमान तो वहां जाकर दुरुस्त हो जाते हैं, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट आने वाले विमान को नागपुर सेंटर ले जाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हवाई जहाज जिस देश की उड़ान भर रहे होते हैं, वहीं मेंटेनेंस करा लेते हैं। इससे आमदनी का बड़ा जरिया विदेश चला जाता है।

इसे देखते हुए नोएडा एयरपोर्ट पर एमआरओ सेंटर भी बनाने का निर्णय हुआ है। इससे समय व ईंधन की बचत के साथ ही देश भर में विमानों के मेनटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहालिंग से जुड़ी इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। करोड़ों रुपये का निवेश भी होगा। इस सेंटर को नागपुर से भी बड़ा बनाने का प्लान है।

वहीं, तीसरा रनवे बनने से इस एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की 2050 तक की जरूरत पूरी हो सकेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि दूसरे चरण की जमीन के लिए पैसों का इंतजाम हो चुका है। जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी करने पर शासन जल्द निर्णय ले सकता है।


एक नजर दूसरे चरण के गांवों की जमीन पर

  • करौली बांगर 183 हेक्टेयर
  • कुरैब 345 हेक्टेयर
  • बीरमपुर 96 हेक्टेयर
  • दयानतपुर 165 हेक्टेयर
  • रन्हेरा 519 हेक्टेयर
  • नंगला शाहपुर 15 हेक्टेयर
  • मुंढेरा 43 हेक्टेयर

ग्रेनो से पैसा मिलना बाकी, फिर भी पूरा इंतजाम
दूसरे चरण की जमीन अधिगृहीत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का इंतजाम पहले ही हो चुका है। प्रदेश सरकार यह रकम दे चुकी है। नोएडा और यमुना प्राधिकरण भी अपना हिस्सा दे चुके हैं जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से पैसा मिलना बाकी है। दूसरे चरण में 2890 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा जाएगा। बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए बनाई गई कंपनी नियाल में प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की हिस्सेदारी 37.5-37.5 फीसदी है। जबकि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण की हिस्सेदारी 12.5-12.5 फीसदी है। उसी अनुपात में जमीन के लिए पैसा भी दिया जाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed