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Noida News: मूलभूत सुविधाएं नहीं होने पर कॉलेज को नहीं बनाया जाएगा केंद्र
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-यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बनेगा कंट्रोल रूम
- पिछली बार की तरह इस बार भी बढ़ सकती है केंद्रों की संख्या
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी बाेर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई है। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए बनने वाले केंद्रों में पहले सुविधाएं परखी जाएगी। जो बोर्ड के मानकों पर खरे उतरेंगे उन्हें ही केंद्र बनाया जाएगा। कॉलेज में बिजली, पानी, केंद्र तक पहुंचने के रास्ते व अन्य सुविधाओं को परखा जाएगा। बोर्ड ने केंद्रों में कक्षा निरीक्षकों की नियुक्त के नियम में कड़े कर दिए हैं।
जिले में पिछले वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 61 सेंटर बनाए थे। पिछली बार की तरह इस बार भी केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में केंद्रों पर 50 प्रतिशत आंतरिक स्टाफ और 50 प्रतिशत स्टाफ बाहरी विद्यालयों का होगा। परीक्षार्थियों को कक्ष में प्रवेश देने से पहले कक्ष निरीक्षक ड्यूटी वाले कक्ष में पहुंचकर अच्छे से तलाशी लेंगे। कक्ष निरीक्षकों का क्यूआर कोड वाला परिचय पत्र बनाया जाएगा। इससे फर्जी शिक्षकों की तैनाती रुकेगी। क्यूआर कोड युक्त कंप्यूटराइज्ड परिचय पत्र में कक्ष निरीक्षक का नाम, ड्यूटी का स्थान, फोटो, विद्यालय का नाम, स्नातक का विषय, अध्यापन का विषय, पद, मोबाइल नंबर आदि जानकारी दर्ज होगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर एचडी नाइट विजन सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। ये कैमरे केंद्र पर रात की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
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- पिछली बार की तरह इस बार भी बढ़ सकती है केंद्रों की संख्या
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी बाेर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई है। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए बनने वाले केंद्रों में पहले सुविधाएं परखी जाएगी। जो बोर्ड के मानकों पर खरे उतरेंगे उन्हें ही केंद्र बनाया जाएगा। कॉलेज में बिजली, पानी, केंद्र तक पहुंचने के रास्ते व अन्य सुविधाओं को परखा जाएगा। बोर्ड ने केंद्रों में कक्षा निरीक्षकों की नियुक्त के नियम में कड़े कर दिए हैं।
जिले में पिछले वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 61 सेंटर बनाए थे। पिछली बार की तरह इस बार भी केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में केंद्रों पर 50 प्रतिशत आंतरिक स्टाफ और 50 प्रतिशत स्टाफ बाहरी विद्यालयों का होगा। परीक्षार्थियों को कक्ष में प्रवेश देने से पहले कक्ष निरीक्षक ड्यूटी वाले कक्ष में पहुंचकर अच्छे से तलाशी लेंगे। कक्ष निरीक्षकों का क्यूआर कोड वाला परिचय पत्र बनाया जाएगा। इससे फर्जी शिक्षकों की तैनाती रुकेगी। क्यूआर कोड युक्त कंप्यूटराइज्ड परिचय पत्र में कक्ष निरीक्षक का नाम, ड्यूटी का स्थान, फोटो, विद्यालय का नाम, स्नातक का विषय, अध्यापन का विषय, पद, मोबाइल नंबर आदि जानकारी दर्ज होगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर एचडी नाइट विजन सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। ये कैमरे केंद्र पर रात की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
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