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Noida News: माता-पिता के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ेगा नवजात के कम वजन का कारण

Wed, 16 Sep 2026 06:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 06:18 PM IST
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The cause of low birth weight in newborns may be linked to the nutrition and health of the parents
फोटो
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- सेक्टर 30 स्थित चाइल्ड पीजीआई के नियोनेटोलॉजी विभाग की ओर से किया जा रहा शोध
- अबतक शोध में 700 बच्चे और उनके माता पिता की सेहत की जांच की जा चुकी
वान्या दीक्षित
नोएडा। माता-पिता के पोषण और स्वास्थ्य का नवजात के जन्म के समय वजन पर कितना असर पड़ता है, इसे जानने के लिए सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में गहन अध्ययन किया जा रहा है। शोध में ढाई किलोग्राम से कम और ढाई किलोग्राम या उससे अधिक वजन के नवजातों के साथ उनके माता-पिता की स्वास्थ्य स्थिति की भी जांच की जा रही है। नियोनेटोलॉजी विभाग की ओर से अब तक 700 नवजातों और उनके अभिभावकों की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है। शोध के नतीजे मार्च 2027 में जारी किए जाएंगे।



चाइल्ड पीजीआई के नियोनेटोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि राय ने बताया कि यह शोध वर्ष 2024 से चल रहा है और इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट भी जारी किया गया है। अध्ययन में उन नवजातों को शामिल किया जा रहा है, जो समय पर पैदा हुए हैं, लेकिन जन्म के समय उनका वजन ढाई किलोग्राम से कम है। ऐसे बच्चे प्री-मेच्योर नहीं होते। शोध का उद्देश्य यह पता लगाना है कि समय पर जन्म लेने के बावजूद इन बच्चों का वजन कम होने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हैं।
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शोध के दौरान कम वजन वाले नवजातों की तुलना सामान्य वजन वाले नवजातों से की जा रही है। साथ ही दोनों समूहों के माता-पिता की स्वास्थ्य स्थिति का भी तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। इसमें माता-पिता का वजन, लंबाई, हीमोग्लोबिन और खानपान जैसी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। माताओं में हीमोग्लोबिन के साथ विटामिन ए, बी और डी के अलावा कैल्शियम व फॉस्फोरस की भी जांच की जा रही है।
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1000 बच्चों को शोध में शामिल करने का लक्ष्य



डॉ. रुचि राय के अनुसार, अध्ययन में कुल 1000 नवजातों और उनके माता-पिता को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 700 बच्चों और उनके अभिभावकों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच हो चुकी है। शोध पूरा होने के बाद प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर इसके निष्कर्ष मार्च 2027 में जारी किए जाएंगे।



समय पर जन्म के बावजूद कम वजन चिंता का विषय



डॉ. राय ने बताया कि सामान्य तौर पर समय पर जन्म लेने वाले बच्चे का वजन कम से कम ढाई किलोग्राम होना अपेक्षित है। इसके बावजूद यदि कोई बच्चा कम वजन के साथ पैदा होता है तो यह चिंता का विषय है। कम वजन वाले नवजातों में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।




माता-पिता की पोषण स्थिति और स्वास्थ्य का नवजात के विकास पर असर पड़ सकता है। हालांकि, किन कारणों से समय पर जन्म लेने के बावजूद किसी बच्चे का वजन कम रह जाता है, यह शोध के विस्तृत परिणाम सामने आने के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगा।
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