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रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला आरोपी निकला संक्रमित

Sun, 25 Apr 2021 12:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 12:13 AM IST
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The accused who blacklisted Remedesivir injection turned out to be infected
नोएडा। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले आरोपी रोहित घई को सेक्टर-20 थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर किया था। अब आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम के सभी पुलिसकर्मियों की जान सांसत में आ गई है। आरोपी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में आल अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों को जांच कराने एवं होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए हैं। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने 21 अप्रैल को सेक्टर-28 स्थित डीपीएस स्कूल के पास से रोहित को गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश करने से पहले आरोपी की जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के साथ कोरोना जांच भी कराई गई। आरोपी की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के होश उड़ गए। डीसीपी राजेश एस ने बताया कि आरोपी के संपर्क में आने वाले सभी पुलिसकर्मियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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जांच के बाद इंजेक्शन सीएमओ को सौंपे जाएंगे
आरोपी रोहित घई से बरामद रेमडेसिविर इंजेक्शन को अदालत ने मुक्त कर दिया है। ये असली हैं या नकली, इसकी जांच के बाद इंजेक्शन सीएमओ को सौंप दिए जाएंगे। नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि आरोपी के कब्जे से रेमडेसिविर के 105 इंजेक्शन बरामद हुए थे। जीवनरक्षक दवा होने के कारण अदालत ने 96 इंजेक्शन को मुक्त कर दिया है। जांच के लिए सैंपल लैब भेजा गया है। यदि असली इंजेक्शन हुए तो सीएमओ को सौंप दिए जाएंगे, ताकि इनका सही प्रयोग हो सके।
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कई लोगों ने फोन पर पुलिस से की शिकायत
आरोपी रोहित के खिलाफ अब एनसीआर के अलग-अलग स्थानों से शिकायतें आ रही है। शनिवार को भी कुछ लोगों ने मोबाइल पर पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इनका कहना है कि उन्होंने आरोपी से 40 से 50 हजार रुपये में इंजेक्शन खरीदा है। पुलिस ने उनसे थाने आकर शिकायत करने को कहा है। इसके अलावा इंजेक्शन बांग्लादेश से कैसे आए, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में सामने आया है कि आरोपी चंडीगढ़ और दिल्ली में कालाबाजारी कर रहा था। दो माह से नोएडा के सेक्टर-168 स्थित सोसाइटी में रहकर किन लोगों के संपर्क में था, इसकी जांच भी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि भारत के अलावा बांग्लादेश में निर्मित रेमडेसिविर इंजेक्शन को वह कहां से ले रहे थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी रेमडेसिविर के साथ कोविशिल्ड इंजेक्शन भी कालाबाजारी करता था। आरोपी फेसबुक के दोस्तों और उनके संपर्क वाले लोगों को रेमडेसिविर व कोविशिल्ड इंजेक्शन बेच रहा था।
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नोएडा में बेचे थे करीब 30 इंजेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने नोएडा में भी करीब 30 इंजेक्शन बेचे थे। इसके बाद ही उसकी गिरफ्तारी हो गई। उसके मोबाइल नंबरों से जानकारी जुटाई जा रही है कि उसके कौन-कौन संपर्क में था।
रेमडेसिविर और कोविशिल्ड इंजेक्शन बेचने के मामले में कुछ और लोगों ने शिकायत की है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा जोन
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