{"_id":"601ae8238ebc3e4c6179ef07","slug":"the-absconding-director-went-to-jail-for-demanding-extortion-from-mla-sangeet-som-noida-news-noi563598530","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक संगीत सोम से रंगदारी मांगने के मामले में जेल गया था फरार डायरेक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक संगीत सोम से रंगदारी मांगने के मामले में जेल गया था फरार डायरेक्टर
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर-62 के आइथम टावर में फर्जी ऑयल कंपनी खोलकर डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर ठगी करने वाला विजय प्रताप भाजपा विधायक संगीत सोम से रंगदारी व जान से मारने की धमकी देने के मामले में करीब आठ साल पहले गिरफ्तार हो चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम किया और बाद में फर्जी कंपनी बनाकर ठगी करने लगा। मामले में विजय प्रताप के साथी एमडी समेत दो आरोपियों को सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। वहीं, कंपनी डायरेक्टर विजय प्रताप और दूसरा आरोपी एमके श्रीवास्तव फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
गाजीपुर दिल्ली निवासी चमन सिंह और विजय प्रताप ने बीते साल अगस्त में सेक्टर-62 के आइथम टावर में सूरज ऑयल्स लिमिटेड नाम से एक फर्जी कंपनी खोली थी। इसमें फर्जी कागजात का इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के लिए कई प्रदेशों के लोगों से संपर्क किया था। लुभावने ऑफर और अच्छी कमाई का झांसा देकर बिहार समेत कई अन्य जगहों के लोगों से लाखों की ठगी की गई थी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शामली निवासी विजय प्रताप उर्फ नवीन ने अपने दोस्त के साथ मिलकर वर्ष 2012 में सरधना मेरठ से भाजपा विधायक संगीत सोम से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। उस वक्त विजय प्रताप बीए की पढ़ाई कर रहा था। मामले में मेरठ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
रिश्वत देने के लिए मांगी थी रंगदारी
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2012 में विजय प्रताप एक युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजनों ने उसके सामने नौकरी की शर्त रखी। शर्त पूरी करने के लिए वह दिल्ली पुलिस और आर्मी की तैयारी करने लगा। इसी दौरान उसे एक युवक मिला, जिसने पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। विजय प्रताप ने शादी करने और नौकरी पाने के चक्कर में शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने नौकरी के लिए पैसे का जुगाड़ करने के लिए ही विधायक से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पूछताछ में विजय ने बताया था कि विधायक को एक जनसभा में देखा था तो वह भले आदमी लगे थे। इस कारण उसे लगा कि धमकी देने पर वह आसानी से पैसे दे देंगे।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में विजय प्रताप के रंगदारी के मामले में पहले जेल जाने की बात कही है। इसकी तस्दीक की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा
विज्ञापन
गाजीपुर दिल्ली निवासी चमन सिंह और विजय प्रताप ने बीते साल अगस्त में सेक्टर-62 के आइथम टावर में सूरज ऑयल्स लिमिटेड नाम से एक फर्जी कंपनी खोली थी। इसमें फर्जी कागजात का इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के लिए कई प्रदेशों के लोगों से संपर्क किया था। लुभावने ऑफर और अच्छी कमाई का झांसा देकर बिहार समेत कई अन्य जगहों के लोगों से लाखों की ठगी की गई थी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शामली निवासी विजय प्रताप उर्फ नवीन ने अपने दोस्त के साथ मिलकर वर्ष 2012 में सरधना मेरठ से भाजपा विधायक संगीत सोम से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। उस वक्त विजय प्रताप बीए की पढ़ाई कर रहा था। मामले में मेरठ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
रिश्वत देने के लिए मांगी थी रंगदारी
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2012 में विजय प्रताप एक युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजनों ने उसके सामने नौकरी की शर्त रखी। शर्त पूरी करने के लिए वह दिल्ली पुलिस और आर्मी की तैयारी करने लगा। इसी दौरान उसे एक युवक मिला, जिसने पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। विजय प्रताप ने शादी करने और नौकरी पाने के चक्कर में शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने नौकरी के लिए पैसे का जुगाड़ करने के लिए ही विधायक से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पूछताछ में विजय ने बताया था कि विधायक को एक जनसभा में देखा था तो वह भले आदमी लगे थे। इस कारण उसे लगा कि धमकी देने पर वह आसानी से पैसे दे देंगे।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में विजय प्रताप के रंगदारी के मामले में पहले जेल जाने की बात कही है। इसकी तस्दीक की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा