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सीनियर मैनेजर सहित दो पर गिर सकती है टेंडर से छेड़छाड़ की गाज
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नोएडा। चहेती एजेंसी को काम दिलाने के लिए प्राधिकरण के वर्क सर्कल-5 में टेंडर में छेड़छाड़ की जांच पूरी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि इस जांच में प्राधिकरण के तत्कालीन वर्क सर्कल प्रभारी सीनियर मैनेजर एचएस खंपा व प्रभारी मैनेजर मुकेश कुमार फंसे हैं। साथ ही, जांच में इस गड़बड़ी में आरोपी रहे दोनों लेखाकारों को क्लीन चिट मिलने की खबर है। प्राधिकरण ने जांच करवाने के साथ दोनों इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करवा ली है जो शासन को भेजी जाएगी। शासन दोनों कार्रवाई तय करेगा।
इसी साल जून में जारी हुआ यह टेंडर वर्क सर्कल-5 के सेक्टर-67 का था। इसमें ए ब्लॉक की आंतरिक सड़कों की पटरियों पर सीसी पेवर ब्लॉक लगाने का काम होना था। इसकी लागत करीब 93 लाख रुपये थी। इस काम को हासिल करने के लिए कुल 11 एजेंसी टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुई थीं। इसमें कुछ एजेंसियों को कागजात पूरे न होने व टेंडर भरने में गड़बड़ी के आरोप लगाकर बाहर कर दिया गया। टेंडर ऑनलाइन आए थे। यह गड़बड़ियां भी ऑनलाइन आए दस्तावेज की तैयार हुई सीडी में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर की गई थी।
संदेह होने पर बाहर हुई एजेंसी के प्रतिनिधियों ने सीईओ से शिकायत की थी। इसके बाद इसकी प्राथमिक जांच जनरल मैनेजर ने की थी। इस जांच में भी सामने आया था कि टेंडर की सीडी से डाउनलोड किए गए दस्तावेज में छेड़छाड़ हुई है। इस प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर वर्क सर्कल प्रभारी एचएस खंपा, प्रभारी मैनेजर मुकेश कुमार, लेखाकार आशा सिंह व प्रदीप कुमार को उनके पद से हटाकर कार्मिक विभाग में अटैच कर दिया गया था। आगे विभागीय कार्रवाई के लिए जांच शुरू करवाई गई थी। अब यह जांच पूरी हुई है।
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इसी साल जून में जारी हुआ यह टेंडर वर्क सर्कल-5 के सेक्टर-67 का था। इसमें ए ब्लॉक की आंतरिक सड़कों की पटरियों पर सीसी पेवर ब्लॉक लगाने का काम होना था। इसकी लागत करीब 93 लाख रुपये थी। इस काम को हासिल करने के लिए कुल 11 एजेंसी टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुई थीं। इसमें कुछ एजेंसियों को कागजात पूरे न होने व टेंडर भरने में गड़बड़ी के आरोप लगाकर बाहर कर दिया गया। टेंडर ऑनलाइन आए थे। यह गड़बड़ियां भी ऑनलाइन आए दस्तावेज की तैयार हुई सीडी में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर की गई थी।
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संदेह होने पर बाहर हुई एजेंसी के प्रतिनिधियों ने सीईओ से शिकायत की थी। इसके बाद इसकी प्राथमिक जांच जनरल मैनेजर ने की थी। इस जांच में भी सामने आया था कि टेंडर की सीडी से डाउनलोड किए गए दस्तावेज में छेड़छाड़ हुई है। इस प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर वर्क सर्कल प्रभारी एचएस खंपा, प्रभारी मैनेजर मुकेश कुमार, लेखाकार आशा सिंह व प्रदीप कुमार को उनके पद से हटाकर कार्मिक विभाग में अटैच कर दिया गया था। आगे विभागीय कार्रवाई के लिए जांच शुरू करवाई गई थी। अब यह जांच पूरी हुई है।
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