फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Sweets adulterant active in festive season

मिलावट खोर मिठाई पर चांदी की जगह लगा रहे चमड़े का वर्क

Fri, 06 Nov 2020 01:24 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 06 Nov 2020 01:24 AM IST
विज्ञापन
Sweets adulterant active in festive season
मिलावट खोर मिठाई पर चांदी की जगह लगा रहे चमड़े का वर्क
विज्ञापन

नोएडा। दिवाली, गोवर्धन, भैयादूज और छठ आदि पर्वों पर लोग पूजन और शगुन के रूप में मिठाई का प्रयोग करते हैं। दिवाली पर तो शुभकामना संदेश के साथ मिठाई बांटी जाती है। ऐसे में त्योहारों पर मिठाइयों की जमकर खरीदारी होती है। इस मौके का फायदा उठाने के लिए मिलावट खोर भी सक्रिय हो जाते हैं। त्योहार पर आप भी मिठाई खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहें। कहीं, ऐसा न हो कि आप चांदी के वर्क के नाम पर चमड़े के वर्क से बनी मिठाई खा रहे हों।
दरअसल, एनसीआर में गौतमबुद्ध नगर ऐसा जिला है जिसमें शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण हिस्सा भी काफी ज्यादा है। आगामी त्योहारों को देखते हुए दिल्ली से सटे कुछ गांवों में नकली दूध से मावा बनाने का काम शुरू हो चुका है और उसी से मिठाइयां बनाई जा रही हैं। कुछ लोग चांदी वर्क के स्थान चमडे़ से बने वर्क को ही मिठाइयों पर लगाकर उनकी चमक बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि गांवों में पशु डेयरी और कृषि लगातार कम हो रही है, फिर भी बाजारों में दूध की भरमार है। त्योहारों पर दूध की कमी को पूरा करने के लिए मिलावट खोर केमिकल, यूरिया आदि से दूध तैयार करते हैं।
विज्ञापन

ऐसे करें मिलावटी मिठाई की पहचान
: मिठाई में चांदी के स्थान पर एल्युमीनियम व चमड़े का वर्क लगाया जा रहा है। यदि वर्क की जानकारी लेनी है तो उसे हाथ में लेकर रगड़ें, यदि वर्क खत्म हो जाता है तो असली है और गोली बन जाए तो नकली है। चमड़े के वर्क में रेशे बनने लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

: मिठाई में मावे के स्थान पर कुछ लोग मैदा डाल देते हैं। इससे ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन स्वाद बदल जाता है। मिठाई असली होगी तो खाते समय मुंह में नहीं लगेगी, यदि उसमें मिलावट है तो चिपक जाएगी।
: मिठाई में मावा असली है या नकली, इसकी पहचान के लिए मिठाई को हाथ में रगड़कर सूंघे। यदि वनस्पति की खुशबू आती है तो नकली है, यदि घी की आती है तो उसे असली माना जाएगा।
: असली मावे में कभी चिपचिपाहट नहीं होती, यदि चिपचिपाहट है तो मावा मिलावटी है।
: 2 ग्राम मावे को 5 एमएल पानी में घोलें और उसे ठंडा होने दें। इसके बाद उसमें आयोडीन सॉल्यूशन डाल दें, अगर मावा नकली है तो उसका रंग नीला पड़ जाएगा।
यहां करें शिकायत
यदि कहीं पर मिलावटी मिठाई या अन्य सामान बेचे जाने की जानकारी मिलती है तो खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805533, डीएम कैंप कार्यालय के नंबर 0120-2552552 और जिला अभिहीत अधिकारी के नंबर 7906685061 पर शिकायत की जा सकती है।

कार्रवाई के लिए 7 टीमें
जिलाधिकारी ने मापतोल विभाग को निर्देश दिए हैं कि मिठाई की दुकानों पर औचक निरीक्षण करें। देखें की कोई दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बे को तो नहीं तौल रहा है। दुकानदारों को बोर्ड पर मिठाई की कीमत भी लिखनी होंगी। खाद्य विभाग ने त्योहारी सीजन में मिलावट खोरों पर कार्रवाई के लिए 7 टीमें बनाई हैं। यह टीमें पूरे जिले में जांच करेंगी।
मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। कुछ लोगों को अभियान के साथ जोड़ा गया है जो नकली या मिलावटी सामान बेचने और बनाए जाने की सूचना दे सकेंगे।
संजय शर्मा, जिला अभिहीत अधिकारी
मिलावटी मावा और अन्य सामान बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
सुहास एलवाई, जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed