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Noida News: बोर्ड परीक्षा से पहले कमजोर छात्रों की होगी पहचान, कमियां होंगी दूर

Tue, 29 Sep 2026 07:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 07:00 PM IST
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Students struggling academically will be identified before the board exams, and their shortcomings will be addressed
माई सिटी रिपोर्टर
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ग्रेटर नोएडा। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए स्कूल स्तर पर कमजोर छात्रों की समय रहते पहचान की जाएगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जाएगा, जिनका प्रदर्शन कक्षा परीक्षाओं में लगातार कमजोर रहा है या जो किसी खास विषय में अपेक्षित अंक हासिल नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों की पहचान के बाद उनकी विषयवार कमियों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि छात्र को किस विषय या अध्याय में अधिक परेशानी हो रही है। इसके बाद शिक्षकों की ओर से कमजोर विषयों के लिए अलग से तैयारी कराई जाएगी।
कुमारी मायावती राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बादलपुर की प्रधानाचार्य डॉ. छवि सिंह ने बताया कि केवल कम अंक वाले छात्रों की सूची तैयार करने के बजाय उनकी वास्तविक कमजोरियों पर ध्यान दिया जाएगा। किसी छात्र को गणित के किसी अध्याय में परेशानी हो सकती है, तो किसी को विज्ञान के सवाल हल करने में दिक्कत हो सकती है। भाषा विषयों में भी लेखन और उत्तर प्रस्तुत करने की कमियों को दूर करने पर ध्यान दिया जाएगा। बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों को मॉडल पेपर, अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराए जाएंगे। इससे छात्रों को परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के स्तर को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही, निर्धारित समय में प्रश्नपत्र हल करने का अभ्यास भी कराया जाएगा।
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प्रगति की होगी नियमित समीक्षा
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि कमजोर छात्रों की तैयारी की नियमित समीक्षा की जाएगी। अभ्यास के बाद दोबारा जांच कर यह देखा जाएगा कि किन विषयों में सुधार हुआ है और किन क्षेत्रों में अभी अतिरिक्त मेहनत की जरूरत है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्कूल स्तर पर इस कवायद का उद्देश्य छात्रों की कमजोरियों को बोर्ड परीक्षा से काफी पहले पहचानकर उन्हें दूर करना है। इससे छात्रों को अंतिम समय के दबाव से बचाते हुए परीक्षा के लिए व्यवस्थित तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी। खास तौर पर उन छात्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनके कमजोर प्रदर्शन का असर बोर्ड परीक्षा के परिणाम पर पड़ सकता है।
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