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बच्चों से कराई जा रही गांजे की तस्करी
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नोएडा (मनोज कुमार) कमिश्नरेट पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर सख्ती की तो उन्होंने बच्चों के जरिए इस काम को अंजाम देना शुरू कर दिया है। बच्चों के माध्यम से नशीले पदार्थ आसानी से इधर-उधर पहुंचाए जा रहे हैं। हाल में अलग-अलग थाना क्षेत्रों की पुलिस ने करीब 25 बच्चों को गांजे की पुड़िया के साथ पकड़ा है। उनके परिजनों को बुलाकर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दरअसल, पूर्व में गौतमबुद्ध नगर में गांजा, चरस और कोकीन समेत कई नशीले पदार्थ बेचने के लिए तस्कर सक्रिय थे। नोएडा में मुख्य रूप से सेक्टर-9, सेक्टर-12, सेक्टर-17, 18 आदि की झुग्गियों व बिशनपुरा, चोटपुर, छिजारसी, सर्फाबाद, सौरखा, हरौला, ममूरा आदि स्थानों पर नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में बने इंस्टीट्यूट और तुगलपुर, रामपुर आदि स्थानों पर तस्कर सक्रिय थे। कमिश्नरेट पुलिस ने नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। पिछले एक साल में पुलिस 168 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। नशीले पदार्थों की तस्करी में तारा, हेमा और शेखर के नाम प्रमुखता से सामने आए थे। पुलिस की कार्रवाई को देख तस्करों ने अब बच्चों को अपना मॉड्यूल बनाकर तस्करी शुरू कर दी है।
एक पुड़िया पर परिजनों को मिलते हैं 20 से 50 रुपये
तस्कर, गरीब परिवारों के बच्चों से नशे की तस्करी कराते हैं। उनके परिजनों को रुपयों का लालच देकर राजी किया जाता है। जानकारी के अनुसार नोएडा में 50 से लेकर 500 रुपये में गांजे की पुड़िया बेची जाती है। प्रति पुड़िया 20 से 50 रुपये बच्चों के परिजनों को दिए जाते हैं। छिजारसी, ममूरा, छलेरा, बिशनपुरा और झुंड़पुरा में ऐसा किए जाने की बात सामने आई है। एक अभिभावक ने बताया कि बच्चों द्वारा पुड़िया पहुंचाने में कोई दिक्कत नहीं होती थी, लेकिन अब पुलिस को पता चल गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के हाथ में फिर से पुड़िया मिली तो परिजनों को जेल भेजा जाएगा।
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पुलिस ने पिछले एक साल में नशीले पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। उनका गिरोह लगभग खत्म कर दिया है। सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- लव कुमार, अपर आयुक्त कानून एवं व्यवस्था
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दरअसल, पूर्व में गौतमबुद्ध नगर में गांजा, चरस और कोकीन समेत कई नशीले पदार्थ बेचने के लिए तस्कर सक्रिय थे। नोएडा में मुख्य रूप से सेक्टर-9, सेक्टर-12, सेक्टर-17, 18 आदि की झुग्गियों व बिशनपुरा, चोटपुर, छिजारसी, सर्फाबाद, सौरखा, हरौला, ममूरा आदि स्थानों पर नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में बने इंस्टीट्यूट और तुगलपुर, रामपुर आदि स्थानों पर तस्कर सक्रिय थे। कमिश्नरेट पुलिस ने नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। पिछले एक साल में पुलिस 168 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। नशीले पदार्थों की तस्करी में तारा, हेमा और शेखर के नाम प्रमुखता से सामने आए थे। पुलिस की कार्रवाई को देख तस्करों ने अब बच्चों को अपना मॉड्यूल बनाकर तस्करी शुरू कर दी है।
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एक पुड़िया पर परिजनों को मिलते हैं 20 से 50 रुपये
तस्कर, गरीब परिवारों के बच्चों से नशे की तस्करी कराते हैं। उनके परिजनों को रुपयों का लालच देकर राजी किया जाता है। जानकारी के अनुसार नोएडा में 50 से लेकर 500 रुपये में गांजे की पुड़िया बेची जाती है। प्रति पुड़िया 20 से 50 रुपये बच्चों के परिजनों को दिए जाते हैं। छिजारसी, ममूरा, छलेरा, बिशनपुरा और झुंड़पुरा में ऐसा किए जाने की बात सामने आई है। एक अभिभावक ने बताया कि बच्चों द्वारा पुड़िया पहुंचाने में कोई दिक्कत नहीं होती थी, लेकिन अब पुलिस को पता चल गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के हाथ में फिर से पुड़िया मिली तो परिजनों को जेल भेजा जाएगा।
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पुलिस ने पिछले एक साल में नशीले पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। उनका गिरोह लगभग खत्म कर दिया है। सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- लव कुमार, अपर आयुक्त कानून एवं व्यवस्था