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Noida News: छात्र की आत्महत्या में दोषी दुकानदार को चार साल की सजा
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छात्र की आत्महत्या में दोषी दुकानदार को चार साल की सजा
- वर्ष 2013 में मोबाइल टूटने पर धमकाने के कारण दी थी जान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में सातवीं कक्षा के छात्र के आत्महत्या करने के मामले में दोषी पाए जाने पर दुकानदार को चार साल कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये का अर्थदंड के साथ 30 हजार रुपये नीरज की मां मितलेश को देने का भी आदेश दिया है।
सेक्टर-12 निवासी महिला मितलेश ने सात फरवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा नीरज कुमार (14) स्कूल से आने के बाद रंजीत शाह की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर जाता था। नीरज से रिपेयरिंग के दौरान एक मोबाइल टूट गया था। आरोप था कि रंजीत शाह ने नीरज से मोबाइल के रुपये मांगे तो उसने किसी तरह से 1500 रुपये दुकानदार को दे दिए। आरोप है कि इसके बाद भी दुकानदार नीरज पर रुपये के लिए दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर नीरज ने फंदा लगाकर जान दे दी। दुकानदार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कोर्ट ने केस की सुनवाई की। दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट प्रतिक्षा नागर ने दुकानदार रंजीत शाह को चार साल की सजा सुनाई है।
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- वर्ष 2013 में मोबाइल टूटने पर धमकाने के कारण दी थी जान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में सातवीं कक्षा के छात्र के आत्महत्या करने के मामले में दोषी पाए जाने पर दुकानदार को चार साल कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये का अर्थदंड के साथ 30 हजार रुपये नीरज की मां मितलेश को देने का भी आदेश दिया है।
सेक्टर-12 निवासी महिला मितलेश ने सात फरवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा नीरज कुमार (14) स्कूल से आने के बाद रंजीत शाह की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर जाता था। नीरज से रिपेयरिंग के दौरान एक मोबाइल टूट गया था। आरोप था कि रंजीत शाह ने नीरज से मोबाइल के रुपये मांगे तो उसने किसी तरह से 1500 रुपये दुकानदार को दे दिए। आरोप है कि इसके बाद भी दुकानदार नीरज पर रुपये के लिए दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर नीरज ने फंदा लगाकर जान दे दी। दुकानदार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कोर्ट ने केस की सुनवाई की। दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट प्रतिक्षा नागर ने दुकानदार रंजीत शाह को चार साल की सजा सुनाई है।
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