Greater Noida: सीवर के पानी से एक्सप्रेसवे किनारे 4.5 KM की ग्रीन बेल्ट तबाह, छह माह से सिसक रही हरियाली
स्थानीय लोगों के अनुसार एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से लगी इस ग्रीन बेल्ट को शहर के फेफड़े के रूप में विकसित किया गया था। लेकिन अब यही हरियाली दम तोड़ रही है।
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से सटी सेक्टर-168 से सेक्टर-151 तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट इन दिनों बदहाली का शिकार हो चुकी है। सीवर और एसटीपी के गंदे पानी के लगातार बहाव से यहां लगे हजारों छोटे-बड़े पेड़ मुरझा गए हैं। हरियाली सूखकर पीली पड़ गई है। सर्विस लेन से लगी ग्रीन बेल्ट के पास किसी तरह की बैरिकेडिंग या सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं हैं। खुले नालों और पानी से भरे गड्ढों के कारण रात के समय वाहन चालकों के दुर्घटना का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। रात के समय वाहन चालक और पैदल राहगीर खासे परेशान होते हैं। हैरानी की बात यह है कि पिछले करीब छह महीनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन नोएडा प्राधिकरण की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से लगी इस ग्रीन बेल्ट को शहर के फेफड़े के रूप में विकसित किया गया था। लेकिन अब यही हरियाली दम तोड़ रही है। आस-पास बनी बहुमंजिला सोसाइटियों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उपचारित और कई बार बिना उपचारित पानी सीधे ग्रीन बेल्ट की ओर छोड़ दिया जा रहा है। इससे मिट्टी में लगातार नमी और गंदगी बनी रहती है, जिससे पेड़ों की जड़ें सड़ने लगी हैं।
कुछ स्थानों पर सीवर लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण भी गंदा पानी बाहर फैल रहा है, जो ग्रीन बेल्ट में जमा हो रहा है। दुर्गंध के कारण राहगीरों, एनपीएक्स चौकी, एनपीएक्स मॉल और आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यावरण प्रेमी विकास हिंह का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले महीनों में यहां की पूरी हरियाली समाप्त हो सकती है। स्थानीय निवासी सुजीत सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकारियों को शिकायत देकर सीवर लाइन की मरम्मत कराने की मांग की। लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
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