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Noida News: महिला की दुकानों को फर्जी दस्तावेज के सहारे बेचने का आरोप
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हल्दौनी गांव स्थित दुकानों पर फर्जी बैनामा दिखाकर कब्जे की कोशिश पर महिला किसान ने अदालत में अर्जी दाखिल कर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट के आदेश पर ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़ित अफसरी का कहना है कि हल्दौनी–बिसरख मार्ग पर 12 दुकानें और कुछ कमरे बने हैं। जिनसे परिवार का पालन-पोषण होता है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने उन्हीं दुकानों को कथित रूप से बेचने का दावा कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जब विरोध हुआ तो उन लोगों ने 26 फरवरी 2010 का एक कथित बैनामा पुलिस को दिखाया। जिसमें विक्रेता के रूप में हापुड़ निवासी सरला शर्मा का नाम दर्शाया गया।
पुलिस ने 14-15 वर्ष पुराने दस्तावेज पर संदेह जताया और मौके पर कब्जा रोका। इसके बाद पीड़िता ने उपनिबंधक दादरी कार्यालय से सत्यापित प्रति निकलवाई और समाज के लोगों को हापुड़ भेजकर तथ्यों की जांच कराई। जब वह हापुड़ पहुंचे, तो सरला शर्मा नहीं मिलीं। जबकि उनके पति सुरेश चंद्र शर्मा से बातचीत हुई। सुरेश शर्मा ने स्वयं स्वीकार किया कि जिस भूमि का विक्रय किया गया था। वह एक खाली प्लॉट था न कि दुकानों के साथ बना बाजार है। पीड़िता का कहना है कि जब बैनामा रद्द कराने का आग्रह किया, तो शर्मा दंपती ने धमकी दी कि खरीदार और उनके सहयोगी उन्हें शारीरिक क्षति पहुंचा देंगे। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा। हल्दौनी गांव स्थित दुकानों पर फर्जी बैनामा दिखाकर कब्जे की कोशिश पर महिला किसान ने अदालत में अर्जी दाखिल कर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट के आदेश पर ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़ित अफसरी का कहना है कि हल्दौनी–बिसरख मार्ग पर 12 दुकानें और कुछ कमरे बने हैं। जिनसे परिवार का पालन-पोषण होता है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने उन्हीं दुकानों को कथित रूप से बेचने का दावा कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जब विरोध हुआ तो उन लोगों ने 26 फरवरी 2010 का एक कथित बैनामा पुलिस को दिखाया। जिसमें विक्रेता के रूप में हापुड़ निवासी सरला शर्मा का नाम दर्शाया गया।
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पुलिस ने 14-15 वर्ष पुराने दस्तावेज पर संदेह जताया और मौके पर कब्जा रोका। इसके बाद पीड़िता ने उपनिबंधक दादरी कार्यालय से सत्यापित प्रति निकलवाई और समाज के लोगों को हापुड़ भेजकर तथ्यों की जांच कराई। जब वह हापुड़ पहुंचे, तो सरला शर्मा नहीं मिलीं। जबकि उनके पति सुरेश चंद्र शर्मा से बातचीत हुई। सुरेश शर्मा ने स्वयं स्वीकार किया कि जिस भूमि का विक्रय किया गया था। वह एक खाली प्लॉट था न कि दुकानों के साथ बना बाजार है। पीड़िता का कहना है कि जब बैनामा रद्द कराने का आग्रह किया, तो शर्मा दंपती ने धमकी दी कि खरीदार और उनके सहयोगी उन्हें शारीरिक क्षति पहुंचा देंगे। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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